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WiFi और AI तकनीक से बिना कैमरे के भी हो सकती है निगरानी, नई रिसर्च ने बढ़ाई प्राइवेसी की चिंता

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नई रिसर्च में दावा किया गया है कि WiFi और AI आधारित BFId तकनीक से बिना कैमरे के भी लोगों की पहचान और गतिविधियों को ट्रैक किया जा सकता है।

आज के समय में WiFi राउटर को ज्यादातर लोग सिर्फ इंटरनेट कनेक्शन देने वाले एक साधारण उपकरण के रूप में देखते हैं, लेकिन हाल ही में सामने आई एक नई रिसर्च ने इस सोच को पूरी तरह बदल दिया है। इस अध्ययन में दावा किया गया है कि WiFi सिग्नल और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से बिना कैमरे, बिना मोबाइल फोन और बिना किसी स्मार्ट डिवाइस के भी किसी व्यक्ति की पहचान और उसकी गतिविधियों को ट्रैक किया जा सकता है।

यह शोध जर्मनी के कार्लस्रू इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (KIT) के वैज्ञानिकों द्वारा किया गया है, जिसमें उन्होंने 'बीमफॉर्मिंग फीडबैक इंफॉर्मेशन' (BFId) नामक एक नई तकनीक विकसित की है। इस तकनीक का उद्देश्य सामान्य WiFi सिग्नल्स और मशीन लर्निंग एल्गोरिद्म का उपयोग करके यह पहचान करना है कि किसी कमरे या घर में कौन व्यक्ति मौजूद है और वह क्या गतिविधि कर रहा है।

शोधकर्ताओं के अनुसार, हर व्यक्ति का शरीर WiFi की रेडियो तरंगों को अलग-अलग तरीके से प्रभावित करता है। किसी व्यक्ति की ऊंचाई, शरीर की बनावट, चलने का तरीका और उसकी मूवमेंट सिग्नल में एक अलग पैटर्न पैदा करते हैं। BFId तकनीक इन्हीं पैटर्न का विश्लेषण करके व्यक्ति की पहचान करने की क्षमता रखती है।

रिपोर्ट के अनुसार, नियंत्रित प्रयोगों में यह तकनीक 99.5 प्रतिशत तक सटीक पहचान करने में सफल रही है। जब कोई व्यक्ति WiFi सिग्नल वाले क्षेत्र में चलता है या अपनी स्थिति बदलता है, तो उसके शरीर से टकराकर सिग्नल में सूक्ष्म बदलाव आते हैं। AI सिस्टम इन बदलावों को रिकॉर्ड करके एक डिजिटल प्रोफाइल तैयार करता है, जिससे अलग-अलग व्यक्तियों की पहचान संभव हो जाती है।

इस रिसर्च ने जहां तकनीकी दुनिया में उत्साह पैदा किया है, वहीं दूसरी ओर प्राइवेसी को लेकर गंभीर चिंताएं भी बढ़ा दी हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि इस तकनीक का गलत उपयोग हुआ, तो बिना किसी कैमरे के भी किसी व्यक्ति की मौजूदगी, उसकी गतिविधियों और दैनिक दिनचर्या पर नजर रखी जा सकती है। यह स्थिति घरों, दफ्तरों और सार्वजनिक स्थानों में निगरानी को एक नए स्तर पर ले जा सकती है।

विशेषज्ञों के अनुसार, यह तकनीक उन जगहों पर भी काम कर सकती है जहां सामान्य CCTV कैमरे नहीं लगाए जा सकते। हालांकि, इसका सकारात्मक उपयोग स्मार्ट होम सिस्टम, सुरक्षा व्यवस्था और स्वास्थ्य निगरानी जैसे क्षेत्रों में भी किया जा सकता है।

शोधकर्ताओं ने यह भी स्पष्ट किया है कि वर्तमान में सामान्य घरेलू WiFi राउटर किसी की जासूसी नहीं कर रहे हैं। यह केवल एक शोध आधारित तकनीकी संभावना है, जो भविष्य में AI और वायरलेस सिस्टम के विकास के साथ और अधिक उन्नत हो सकती है।

तकनीकी विशेषज्ञों का मानना है कि जैसे-जैसे AI और वायरलेस कम्युनिकेशन आगे बढ़ेंगे, वैसे-वैसे प्राइवेसी की सुरक्षा को और मजबूत करना जरूरी हो जाएगा। इसके लिए सरकारों और टेक कंपनियों को मिलकर सख्त नियम और सुरक्षा मानक तय करने होंगे, ताकि तकनीक का उपयोग सही दिशा में हो सके।

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