:
Breaking News

Technology News: IIT Delhi में PM मोदी लॉन्च करेंगे AI सुपरकंप्यूटर ‘परम प्रज्ञा’, जानिए आम कंप्यूटर से कितना अलग है यह सिस्टम

top-news
https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

Alam Ki Khabar | Bihar News | Samastipur News | Patna News | Rosra News | IIT Delhi में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी AI-पावर्ड हाई-परफॉर्मेंस सुपरकंप्यूटिंग सुविधा ‘परम प्रज्ञा’ का उद्घाटन करेंगे। जानिए सुपरकंप्यूटर कैसे काम करता है और सामान्य कंप्यूटर से कितना अलग है।

नई दिल्ली, 8 अगस्त। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान दिल्ली के 57वें दीक्षांत समारोह में शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शामिल होंगे। समारोह में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं को संबोधित करने के साथ मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया जाएगा। इसी कार्यक्रम के दौरान IIT दिल्ली के सोनीपत कैंपस में स्थापित AI-पावर्ड हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग सिस्टम ‘परम प्रज्ञा’ का उद्घाटन भी किया जाएगा।

यह पहल ऐसे समय में महत्वपूर्ण है, जब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, डेटा साइंस और वैज्ञानिक अनुसंधान के क्षेत्र में कंप्यूटिंग क्षमता की जरूरत तेजी से बढ़ रही है। बड़े AI मॉडल और जटिल वैज्ञानिक गणनाओं के लिए सामान्य कंप्यूटरों की क्षमता कई बार पर्याप्त नहीं होती। ऐसे में हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग सिस्टम शोधकर्ताओं को बड़े स्तर पर गणना करने की सुविधा देते हैं।

क्या है ‘परम प्रज्ञा’?

‘परम प्रज्ञा’ को IIT दिल्ली के सोनीपत कैंपस में स्थापित एक उन्नत हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग सुविधा के तौर पर विकसित किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य ऐसे रिसर्च प्रोजेक्ट को कंप्यूटिंग क्षमता देना है, जिनमें बहुत बड़ी मात्रा में डेटा और जटिल गणनाओं की आवश्यकता होती है।

AI मॉडल की ट्रेनिंग, मशीन लर्निंग, डेटा एनालिसिस, वैज्ञानिक सिमुलेशन और इंजीनियरिंग से जुड़े कई प्रयोगों में हजारों-लाखों गणनाएं एक साथ करनी पड़ सकती हैं। सामान्य कंप्यूटर पर ऐसे काम लंबे समय तक चल सकते हैं, जबकि HPC सिस्टम बड़ी संख्या में प्रोसेसिंग संसाधनों का इस्तेमाल करके काम को तेजी से पूरा करने में मदद करता है।

सामान्य कंप्यूटर से कैसे अलग है सुपरकंप्यूटर?

एक सामान्य लैपटॉप या डेस्कटॉप कंप्यूटर को मुख्य रूप से व्यक्तिगत और रोजमर्रा के कामों के लिए डिजाइन किया जाता है। इंटरनेट चलाना, वीडियो देखना, दस्तावेज बनाना, प्रोग्रामिंग करना या सामान्य सॉफ्टवेयर चलाना ऐसे काम हैं जिन्हें सामान्य कंप्यूटर आसानी से संभाल लेता है।

सुपरकंप्यूटिंग सिस्टम का उद्देश्य अलग होता है। यहां बेहद बड़े और जटिल कंप्यूटिंग कार्यों को कम से कम समय में पूरा करने पर जोर दिया जाता है।

इसे एक आसान उदाहरण से समझें। मान लीजिए किसी बड़े वैज्ञानिक मॉडल में करोड़ों गणनाएं करनी हैं। एक सामान्य कंप्यूटर उन गणनाओं को सीमित प्रोसेसिंग क्षमता के साथ क्रमवार तरीके से करता रहेगा। वहीं HPC सिस्टम उस बड़े काम को कई छोटे हिस्सों में बांटकर अलग-अलग प्रोसेसिंग यूनिट्स के जरिए एक साथ पूरा कर सकता है।

इसी प्रक्रिया को पैरेलल कंप्यूटिंग कहा जाता है।

AI के लिए क्यों जरूरी है इतनी कंप्यूटिंग पावर?

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बड़े मॉडल बड़ी मात्रा में डेटा से सीखते हैं। मॉडल को प्रशिक्षित करने के दौरान बार-बार जटिल गणनाएं करनी पड़ती हैं। मॉडल जितना बड़ा और जटिल होता है, उसे प्रशिक्षित करने के लिए उतनी ही अधिक कंप्यूटिंग क्षमता की जरूरत पड़ सकती है।

यहीं हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग की भूमिका सामने आती है। शक्तिशाली कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर रिसर्चर्स को बड़े डेटा सेट, मशीन लर्निंग मॉडल और जटिल AI प्रयोगों पर काम करने की क्षमता देता है।

‘परम प्रज्ञा’ के जरिए IIT दिल्ली में AI और डेटा साइंस से जुड़े शोध को इसी तरह की उच्च क्षमता वाली कंप्यूटिंग सुविधा मिलने की उम्मीद है।

सिर्फ AI तक सीमित नहीं रहेगा इस्तेमाल

परम प्रज्ञा की उपयोगिता केवल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तक सीमित नहीं है। हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग का इस्तेमाल विज्ञान और इंजीनियरिंग के कई क्षेत्रों में किया जाता है।

वैज्ञानिक मॉडलिंग, मौसम और जलवायु से जुड़े अध्ययन, इंजीनियरिंग सिमुलेशन, डेटा एनालिटिक्स, नई सामग्री के अध्ययन और अन्य जटिल शोध परियोजनाओं में भी ऐसी सुविधाएं उपयोगी साबित होती हैं।

इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि शोधकर्ताओं को बड़े प्रयोगों के लिए सामान्य कंप्यूटरों की सीमित क्षमता पर निर्भर नहीं रहना पड़ता।

रिसर्चर्स और छात्रों को मिलेगा फायदा

IIT दिल्ली जैसे तकनीकी संस्थान में अत्याधुनिक कंप्यूटिंग सुविधा उपलब्ध होने से शोधकर्ताओं और विद्यार्थियों के लिए बड़े स्तर के प्रयोग करना आसान हो सकता है। खासकर ऐसे छात्र और रिसर्च स्कॉलर जो AI, डेटा साइंस, कंप्यूटेशनल साइंस या इंजीनियरिंग के जटिल विषयों पर काम कर रहे हैं, उन्हें इससे फायदा मिलने की संभावना है।

हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग का एक महत्वपूर्ण पक्ष यह भी है कि इससे अलग-अलग क्षेत्रों के शोधकर्ताओं को एक ही कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का इस्तेमाल करके साझा परियोजनाओं पर काम करने का अवसर मिल सकता है।

भारत के AI और रिसर्च इकोसिस्टम के लिए बड़ा कदम

दुनिया में AI आधारित तकनीक तेजी से विकसित हो रही है। बड़े भाषा मॉडल से लेकर वैज्ञानिक अनुसंधान तक, लगभग हर क्षेत्र में कंप्यूटिंग पावर की मांग बढ़ रही है। ऐसे समय में देश के प्रमुख तकनीकी संस्थानों में हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग क्षमता विकसित करना रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है।

परम प्रज्ञा को इसी व्यापक बदलाव का हिस्सा माना जा सकता है। इसकी मदद से IIT दिल्ली में ऐसे शोध प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती है, जिनके लिए सामान्य कंप्यूटिंग संसाधन पर्याप्त नहीं होते।

IIT दिल्ली का 57वां दीक्षांत समारोह भी खास

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी IIT दिल्ली के 57वें दीक्षांत समारोह में विद्यार्थियों को संबोधित करेंगे। समारोह में 3,000 से अधिक छात्रों के शामिल होने की जानकारी है। मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया जाएगा और उनके अकादमिक प्रदर्शन की उपलब्धियों को मान्यता दी जाएगी।

एक ही कार्यक्रम में विद्यार्थियों के दीक्षांत समारोह और अत्याधुनिक कंप्यूटिंग सुविधा के उद्घाटन का होना IIT दिल्ली के लिए खास अवसर है। एक तरफ युवा प्रतिभाओं को नई दिशा मिलेगी, तो दूसरी ओर संस्थान की रिसर्च क्षमता को तकनीकी मजबूती देने वाली सुविधा सामने आएगी।

भविष्य की रिसर्च के लिए तैयार हो रहा आधार

AI और डेटा आधारित अनुसंधान आने वाले वर्षों में और तेजी से बढ़ने वाला है। ऐसे में केवल अच्छे शोधकर्ता होना ही पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि उन्हें पर्याप्त कंप्यूटिंग संसाधन भी उपलब्ध कराने होंगे।

परम प्रज्ञा जैसी सुविधा इसी जरूरत को पूरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। इससे बड़े डेटा सेट पर काम करने, जटिल मॉडल चलाने और वैज्ञानिक गणनाओं को तेज करने में मदद मिल सकती है।

IIT दिल्ली में इस हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग सुविधा की शुरुआत को इसलिए केवल एक नए कंप्यूटर सिस्टम की स्थापना के तौर पर नहीं देखा जा रहा है। यह भारत में AI, डेटा साइंस और अत्याधुनिक वैज्ञानिक अनुसंधान के लिए मजबूत कंप्यूटिंग आधार तैयार करने की दिशा में एक अहम कदम है।

यह भी पढ़ें

IIT दिल्ली और 18 NITs के बीच सहयोग से रिसर्च और इनोवेशन को बढ़ावा देने की पहल

https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *