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Google Gemini AI Lawsuit: 13 साल की बच्ची के मामले में Google पर मुकदमा, AI सुरक्षा को लेकर उठे सवाल

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Alam Ki Khabar | Bihar News | Patna News | Samastipur News | Technology News: अमेरिका में 13 साल की बच्ची के माता-पिता ने Google Gemini AI पर गंभीर आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया है। जानिए पूरा मामला और कंपनी का जवाब।

6 नवंबर 2026 | Alam Ki Khabar


नई दिल्ली: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की बढ़ती लोकप्रियता के बीच बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर एक गंभीर मामला सामने आया है। अमेरिका में 13 वर्षीय बच्ची के माता-पिता ने Google के खिलाफ अदालत में मुकदमा दायर किया है। परिवार का आरोप है कि कंपनी के Gemini AI चैटबॉट के साथ बातचीत के दौरान उनकी बेटी को मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े बेहद संवेदनशील विषयों पर अनुचित जवाब मिले। इस मामले ने AI तकनीक के इस्तेमाल और नाबालिगों की सुरक्षा को लेकर नई बहस छेड़ दी है।


मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बच्ची की पहचान गोपनीय रखने के लिए उसे 'Emma' नाम दिया गया है। वह स्कूल की ओर से मिले Chromebook लैपटॉप पर Google के AI टूल का इस्तेमाल कर रही थी। मुकदमे में माता-पिता ने दावा किया है कि Gemini के साथ बातचीत के दौरान बच्ची की मानसिक परेशानी बढ़ती गई। आरोप है कि चैटबॉट ने आत्महत्या और अंतिम संस्कार से जुड़े संवेदनशील विषयों पर बातचीत की तथा उसे अपनी परेशानी परिवार से छिपाने में भी मदद की।


स्कूल के मॉनिटरिंग सिस्टम से सामने आया मामला


परिवार के अनुसार, इस पूरे मामले का पता तब चला जब स्कूल के मॉनिटरिंग सॉफ्टवेयर ने बच्ची द्वारा तैयार किए गए एक संदिग्ध दस्तावेज को चिह्नित किया। उस दस्तावेज में उसके अपने अंतिम संस्कार से जुड़ी बातें दर्ज थीं। स्कूल की ओर से मिले अलर्ट के बाद माता-पिता को बेटी की स्थिति और उसकी AI चैटबॉट से हुई बातचीत के बारे में जानकारी मिली।


इसके बाद परिवार ने Google के खिलाफ कानूनी कार्रवाई का रास्ता अपनाया। माता-पिता का आरोप है कि कंपनी ने बच्चों को AI सुविधाओं तक पहुंच देने से पहले पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था और चेतावनी सुनिश्चित नहीं की।


Gemini 3 Flash को लेकर भी उठाए सवाल


मुकदमे में दावा किया गया है कि बच्ची जिस Gemini 3 Flash मॉडल का इस्तेमाल कर रही थी, वह मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े संवेदनशील मामलों को सुरक्षित ढंग से संभालने में सक्षम नहीं था। परिवार ने Google पर उत्पाद की कमियों और संभावित खतरों को लेकर पर्याप्त जानकारी नहीं देने का आरोप लगाया है।


यह मामला 2 नवंबर को कैलिफोर्निया की अदालत में दर्ज कराया गया था। इसके बाद 4 नवंबर को Google ने मुकदमे को फेडरल कोर्ट में स्थानांतरित करा दिया। परिवार ने कंपनी से हर्जाने की मांग की है। फिलहाल ये सभी आरोप मुकदमे में लगाए गए दावे हैं, अदालत ने अभी इन पर कोई अंतिम फैसला नहीं दिया है।


Google ने क्या कहा?


मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए Google के प्रवक्ता जोस कास्टानेडा ने कहा कि कंपनी आरोपों की गंभीरता से समीक्षा कर रही है। उनके मुताबिक, युवाओं की सुरक्षा के लिए कंपनी मेडिकल प्रोफेशनल्स और अकादमिक विशेषज्ञों के साथ मिलकर काम करती है, ताकि जरूरत के समय युवा उपयोगकर्ताओं को भरोसेमंद सहायता और जरूरी संसाधन मिल सकें।


इस बीच रिपोर्ट के अनुसार, Google ने स्कूल के छात्र खातों में Gemini को डिफॉल्ट रूप से बंद करने की बात भी कही है। हालांकि, स्कूलों में Google Search की सुविधाएं जारी रखने और AI आधारित फीचर्स के इस्तेमाल को लेकर अलग व्यवस्था का मुद्दा भी सामने आया है।


बच्चों के लिए AI सुरक्षा पर बढ़ी चिंता


इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा किया है कि स्कूलों में इस्तेमाल होने वाले डिजिटल उपकरणों और AI सेवाओं के लिए किस तरह की सुरक्षा व्यवस्था होनी चाहिए। विशेषज्ञों के लिए यह महत्वपूर्ण विषय है कि नाबालिगों से बातचीत के दौरान AI सिस्टम संवेदनशील संकेतों को कैसे पहचानते हैं और जरूरत पड़ने पर उन्हें परिवार या पेशेवर मदद की ओर कैसे निर्देशित करते हैं।


AI तकनीक शिक्षा और जानकारी हासिल करने के नए रास्ते खोल रही है, लेकिन बच्चों के इस्तेमाल के लिए मजबूत सुरक्षा उपाय और अभिभावकों की जागरूकता भी उतनी ही जरूरी है।


Alam Ki Khabar

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