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Indian Stock Market Crash: वैश्विक अस्थिरता से शेयर बाजार में गिरावट, शीर्ष 10 में से 9 कंपनियों का मार्केट कैप ₹2.74 लाख करोड़ घटा

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वैश्विक अस्थिरता और निवेशकों की बिकवाली के बीच भारतीय शेयर बाजार में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। शीर्ष 10 में से 9 कंपनियों का मार्केट कैप करीब ₹2.74 लाख करोड़ घट गया, जबकि केवल एचयूएल के बाजार पूंजीकरण में बढ़ोतरी हुई।

नई दिल्ली, 26 जुलाई।वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और अंतरराष्ट्रीय बाजारों से मिले कमजोर संकेतों का असर बीते कारोबारी सप्ताह भारतीय शेयर बाजार पर साफ दिखाई दिया। निवेशकों की भारी बिकवाली के कारण सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में तेज गिरावट दर्ज की गई। इसका सीधा असर देश की सबसे बड़ी सूचीबद्ध कंपनियों के बाजार पूंजीकरण पर पड़ा और शीर्ष 10 में से नौ कंपनियों का संयुक्त मार्केट कैप लगभग ₹2.74 लाख करोड़ घट गया।

सप्ताह के दौरान सेंसेक्स 2,091.68 अंक यानी 2.68 प्रतिशत की गिरावट के साथ 76,059.77 अंक पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 566.85 अंक यानी 2.33 प्रतिशत टूटकर 23,767.45 के स्तर पर पहुंच गया। बाजार में आई इस कमजोरी से बैंकिंग, वित्तीय सेवाओं, आईटी और उद्योग क्षेत्र की प्रमुख कंपनियों के शेयरों पर दबाव बना रहा।

सबसे अधिक नुकसान एचडीएफसी बैंक को हुआ, जिसके बाजार पूंजीकरण में ₹1.18 लाख करोड़ से अधिक की कमी दर्ज की गई। रिलायंस इंडस्ट्रीज का मार्केट कैप ₹65 हजार करोड़ से ज्यादा घट गया। इसके अलावा स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, बजाज फाइनेंस, आईसीआईसीआई बैंक, भारती एयरटेल, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, लाइफ इंश्योरेंस कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया और लार्सन एंड टुब्रो के बाजार पूंजीकरण में भी उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई।

हालांकि इस उतार-चढ़ाव के बीच हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड एकमात्र ऐसी कंपनी रही, जिसके बाजार पूंजीकरण में मामूली बढ़ोतरी दर्ज की गई। विशेषज्ञों का मानना है कि उपभोक्ता वस्तुओं से जुड़ी कंपनियों में अपेक्षाकृत स्थिर निवेश के कारण एचयूएल को इसका लाभ मिला।

बाजार विश्लेषकों का कहना है कि वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां, विदेशी संस्थागत निवेशकों की रणनीति, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम आने वाले दिनों में भी भारतीय शेयर बाजार की दिशा तय करेंगे। ऐसे समय में निवेशकों को जल्दबाजी में फैसले लेने के बजाय सोच-समझकर निवेश करने की सलाह दी जा रही है।

मार्केट कैप के आधार पर रिलायंस इंडस्ट्रीज देश की सबसे मूल्यवान सूचीबद्ध कंपनी बनी हुई है। इसके बाद भारती एयरटेल, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, बजाज फाइनेंस, एलआईसी, लार्सन एंड टुब्रो और हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड का स्थान रहा।

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विशेष टिप्पणी: वैश्विक बाजारों में बढ़ती अनिश्चितता का असर भारतीय शेयर बाजार पर लगातार दिखाई दे रहा है। ऐसे दौर में अल्पकालिक उतार-चढ़ाव से घबराने के बजाय निवेशकों को कंपनियों की मजबूत बुनियाद और दीर्घकालिक रणनीति पर ध्यान देना चाहिए। बाजार में अस्थिरता अवसर भी देती है, लेकिन हर निवेश सोच-समझकर और जोखिम का आकलन करने के बाद ही किया जाना चाहिए।

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