:
Breaking News

Business News: Zepto ने टाला IPO, प्री-IPO फंडिंग से जुटाएगी 1,000 करोड़ रुपये

top-news
https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

क्विक कॉमर्स कंपनी Zepto ने फिलहाल अपना IPO टाल दिया है। कंपनी अब प्री-IPO फंडिंग के जरिए 1,000 करोड़ रुपये जुटाने की तैयारी कर रही है। जानिए पूरी खबर।

मुंबई।भारत की प्रमुख क्विक कॉमर्स कंपनियों में शामिल जेप्टो (Zepto) ने फिलहाल अपना प्रस्तावित आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) टालने का फैसला किया है। अब कंपनी शेयर बाजार में उतरने से पहले प्री-IPO फंडिंग राउंड के जरिए करीब 1,000 करोड़ रुपये जुटाने की तैयारी कर रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस फंडिंग राउंड में कंपनी की वैल्यूएशन लगभग 4.5 अरब डॉलर रहने का अनुमान है।

सूत्रों के अनुसार, इस नए निवेश दौर में जेप्टो की कोशिश अधिक से अधिक भारतीय निवेशकों को जोड़ने की है। वर्तमान में कंपनी की लगभग 40 प्रतिशत हिस्सेदारी भारतीय निवेशकों के पास है और नए फंडिंग राउंड में घरेलू निवेशकों की भूमिका बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।

गौरतलब है कि अक्टूबर 2025 में हुए फंडिंग राउंड के दौरान जेप्टो की वैल्यूएशन लगभग 7 अरब डॉलर आंकी गई थी। मौजूदा प्रस्तावित वैल्यूएशन इससे कम मानी जा रही है, जिसे बाजार की परिस्थितियों और निवेशकों के बदले रुख से जोड़कर देखा जा रहा है।

जेप्टो की स्थापना आदित पालीचा और कैवल्य वोहरा ने की थी। दोनों ने कम समय में क्विक कॉमर्स सेक्टर में कंपनी को देश के प्रमुख स्टार्टअप्स में शामिल कर दिया। कंपनी ने दिसंबर 2025 में सेबी के पास कॉन्फिडेंशियल प्री-फाइलिंग रूट के तहत IPO से जुड़े दस्तावेज भी जमा किए थे।

अपडेटेड ड्राफ्ट दस्तावेजों के अनुसार, कंपनी IPO के जरिए 8,010 करोड़ रुपये का फ्रेश इश्यू लाने की योजना बना रही है। इसके अलावा मौजूदा निवेशकों की ओर से 11.35 करोड़ इक्विटी शेयर ऑफर फॉर सेल (OFS) के तहत बेचे जाने का प्रस्ताव है। यदि IPO आता है तो क्विक कॉमर्स बाजार में सूचीबद्ध कंपनियों के बीच प्रतिस्पर्धा और तेज होने की उम्मीद है।

वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का परिचालन राजस्व 22,624 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। वहीं नेट रिसीवेबल वैल्यू 24,816 करोड़ रुपये रही। मार्च 2026 तक जेप्टो के देशभर में 1,139 डार्क स्टोर संचालित हो रहे थे। पूरे वित्त वर्ष के दौरान कंपनी ने प्रतिदिन औसतन 17.5 लाख ऑर्डर प्रोसेस किए, जबकि मार्च तिमाही में यह आंकड़ा बढ़कर करीब 23.3 लाख ऑर्डर प्रतिदिन तक पहुंच गया।

विशेषज्ञों का मानना है कि IPO से पहले अतिरिक्त पूंजी जुटाने का फैसला कंपनी की बैलेंस शीट को मजबूत करने और भविष्य के विस्तार की रणनीति का हिस्सा हो सकता है। हालांकि कंपनी की ओर से IPO की नई समय-सीमा को लेकर अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।

यह भी पढ़ें: भारत में तेजी से बढ़ रहा क्विक कॉमर्स कारोबार

संपादकीय

क्विक कॉमर्स सेक्टर में प्रतिस्पर्धा लगातार बढ़ रही है। ऐसे माहौल में IPO से पहले पूंजी जुटाना कंपनियों के लिए असामान्य नहीं है। निवेशकों की बदलती प्राथमिकताओं और बाजार की स्थिति को देखते हुए सही समय पर लिस्टिंग का फैसला किसी भी स्टार्टअप के लिए महत्वपूर्ण होता है।

https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *