:
Breaking News

Puri Rath Yatra Stampede: जगन्नाथ रथयात्रा में भगदड़, दो श्रद्धालुओं की मौत की खबर, 150 से अधिक घायल

top-news
https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

Alam Ki Khabar: पुरी जगन्नाथ रथयात्रा के दौरान भारी भीड़ के बीच भगदड़ मचने से दो श्रद्धालुओं की मौत की खबर है, जबकि 150 से अधिक लोग घायल होकर अस्पताल पहुंचे। प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है।

पुरी, 16 जुलाई। आलम की खबर: भगवान जगन्नाथ की विश्वप्रसिद्ध रथयात्रा के पहले दिन ओडिशा के पुरी में भारी भीड़ के बीच भगदड़ जैसी स्थिति बनने से अफरा-तफरी मच गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार दो श्रद्धालुओं की मौत की खबर सामने आई है, जबकि 150 से अधिक लोगों को तबीयत बिगड़ने, दम घुटने और भीड़ के दबाव में घायल होने के बाद अस्पताल पहुंचाया गया है। हालांकि प्रशासन ने आधिकारिक रूप से एक मौत की पुष्टि की है, जबकि दूसरी मौत की पुष्टि का इंतजार किया जा रहा है।

घटना पुरी के ग्रैंड रोड (बड़ा डंडा) पर उस समय हुई जब भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा के रथों के दर्शन के लिए लाखों श्रद्धालु एकत्र थे। लगातार बारिश और अत्यधिक भीड़ के कारण अचानक भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। कई श्रद्धालु बेहोश होकर गिर पड़े, जिसके बाद पुलिस, अग्निशमन विभाग और आपदा राहत टीमों ने तत्काल मोर्चा संभाला।

ओडिशा पुलिस के अनुसार स्पेशल रेस्क्यू यूनिट (SRU) ने भीड़ में फंसे 33 श्रद्धालुओं को सुरक्षित बाहर निकालकर प्राथमिक उपचार और ऑक्सीजन उपलब्ध कराया। गंभीर रूप से प्रभावित लोगों को पुरी जिला अस्पताल भेजा गया, जहां कई लोगों का इलाज जारी है।

सूत्रों के अनुसार दोपहर करीब दो बजे सबसे अधिक दबाव रथ मार्ग पर देखने को मिला। श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ने से सुरक्षा कर्मियों को भीड़ नियंत्रित करने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। घटना के बाद प्रशासन ने अतिरिक्त पुलिस बल और चिकित्सा टीमों की तैनाती कर दी तथा पूरे घटनाक्रम की जांच शुरू कर दी है।

रथयात्रा के दौरान पारंपरिक 'पहंडी' रस्म पूरी श्रद्धा के साथ संपन्न हुई, जिसमें भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा की प्रतिमाओं को मंदिर से रथों तक लाया गया। घंटियों, शंख और जय जगन्नाथ के उद्घोष से पूरा पुरी भक्तिमय वातावरण में डूबा रहा, लेकिन इसी बीच हुई भगदड़ ने धार्मिक आयोजन की खुशियों को मातम में बदल दिया।

प्रशासन का कहना है कि मृतकों की पहचान और घटना के वास्तविक कारणों की जांच की जा रही है। अस्पतालों में भर्ती घायलों का इलाज जारी है तथा श्रद्धालुओं से संयम बनाए रखने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।

यह भी पढ़ें:

पटना में भगवान जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा

समस्तीपुर में रोजगार शिविर का आयोजन

बिहार में मानसून और भारी बारिश का अलर्ट

सवालों के घेरे में भीड़ प्रबंधन

विश्वप्रसिद्ध धार्मिक आयोजनों में हर वर्ष लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे आयोजनों में प्रभावी भीड़ प्रबंधन, मेडिकल सुविधा और आपदा प्रतिक्रिया व्यवस्था सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए। पुरी की घटना एक बार फिर यह संकेत देती है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भविष्य में और मजबूत व्यवस्था की आवश्यकता है।

https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *