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Uttar Pradesh News: आजम खान से जुड़े ठिकानों पर ED की बड़ी कार्रवाई, रामपुर-सहारनपुर से दिल्ली तक 10 जगह छापेमारी

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Alam Ki Khabar | Bihar News | Patna News | Samastipur News | ED ने आजम खान, मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट और जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े करीब 10 ठिकानों पर छापेमारी की। मनी लॉन्ड्रिंग मामले में वित्तीय लेनदेन की जांच जारी है।

लखनऊ, 19 अगस्त। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खान से जुड़े मामलों में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई की। धनशोधन से जुड़े मामले की जांच के तहत एजेंसी ने उत्तर प्रदेश के रामपुर और सहारनपुर के साथ दिल्ली में करीब 10 ठिकानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया। कार्रवाई का संबंध मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट और मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े कथित वित्तीय लेनदेन की जांच से बताया जा रहा है।

ED अधिकारियों के मुताबिक तलाशी प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) की धारा 17 के तहत की गई। जांच एजेंसी की टीमें उन परिसरों में पहुंचीं, जिनका संबंध जौहर ट्रस्ट, जौहर यूनिवर्सिटी और उससे जुड़े लोगों से बताया जा रहा है। सहारनपुर में एक चार्टर्ड अकाउंटेंट के परिसर तथा ट्रस्ट से जुड़े दो कंपनियों और उनके प्रमोटरों से संबंधित ठिकानों को भी जांच के दायरे में रखा गया है।

सरकारी ठेकों की रकम से जुड़े लेनदेन की जांच

जांच का सबसे अहम पहलू सरकारी ठेकों से आने वाली रकम और उसके कथित डायवर्जन से जुड़ा है। अधिकारियों के अनुसार ED यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि सरकारी ठेकों से मिलने वाली रकम का इस्तेमाल कथित तौर पर निजी ठेकेदारों के जरिए किस तरह किया गया और बाद में उसका कोई हिस्सा ट्रस्ट या जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़ी संपत्तियों तथा निर्माण कार्यों में लगाया गया या नहीं।

एजेंसी कुछ ठेकेदारों और ट्रस्ट के बीच हुए वित्तीय लेनदेन के रिकॉर्ड भी खंगाल रही है। तलाशी के दौरान बैंकिंग दस्तावेज, वित्तीय रिकॉर्ड, संपत्ति से जुड़े कागजात और डिजिटल साक्ष्य जुटाए जाने की संभावना है। जांच एजेंसी इन दस्तावेजों के आधार पर पैसों के लेनदेन की पूरी कड़ी को समझने की कोशिश कर रही है।

ED की कार्रवाई का मतलब यह नहीं है कि जांच में लगाए गए आरोप साबित हो गए हैं। एजेंसी तलाशी के दौरान मिले दस्तावेजों और डिजिटल सामग्री का विश्लेषण करने के बाद ही आगे की कार्रवाई तय करेगी।

जौहर ट्रस्ट और यूनिवर्सिटी जांच के केंद्र में

मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट का संबंध रामपुर स्थित मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी से है। यूनिवर्सिटी की स्थापना 2006 में हुई थी और इसे आजम खान से जुड़े संस्थान के रूप में जाना जाता है। ट्रस्ट और यूनिवर्सिटी से संबंधित वित्तीय गतिविधियां पहले भी अलग-अलग सरकारी जांचों और विवादों के कारण चर्चा में रही हैं।

बुधवार की कार्रवाई में ED ने केवल यूनिवर्सिटी परिसर तक खुद को सीमित नहीं रखा। एजेंसी ने उन लोगों और संस्थानों से जुड़े परिसरों की भी तलाशी ली, जिनके माध्यम से कथित वित्तीय लेनदेन होने की जांच की जा रही है। इससे संकेत मिलता है कि जांच एजेंसी पैसों के स्रोत और उसके अंतिम इस्तेमाल के बीच संबंध तलाश रही है।

दिल्ली और सहारनपुर तक पहुंची जांच

ED की कार्रवाई का दायरा रामपुर से बाहर निकलकर सहारनपुर और दिल्ली तक पहुंचा। अधिकारियों के अनुसार कुल करीब 10 परिसरों में तलाशी ली गई। कार्रवाई के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के लिए केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के जवानों की तैनाती भी की गई।

जांच एजेंसी के लिए सहारनपुर से जुड़े ठिकाने इसलिए महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं क्योंकि वहां एक चार्टर्ड अकाउंटेंट और ट्रस्ट से जुड़े कारोबारी संस्थानों से संबंधित परिसरों की तलाशी ली गई। अब इन स्थानों से मिले वित्तीय दस्तावेजों की जांच के बाद यह स्पष्ट हो सकता है कि कथित लेनदेन किस तरह संचालित हुए।

पहले से विवादों में रही है जौहर यूनिवर्सिटी

मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी पिछले कुछ समय से जमीन और भवन निर्माण से जुड़े प्रशासनिक विवादों के कारण भी चर्चा में रही है। जुलाई में रामपुर विकास प्राधिकरण की कार्रवाई को लेकर यूनिवर्सिटी के कई भवनों पर सवाल उठे थे। बाद में इस मामले में न्यायिक और प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई आगे बढ़ी।

जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े विवादों में जमीन के इस्तेमाल, निर्माण की स्वीकृति और प्रशासनिक अनुमति जैसे मुद्दे शामिल रहे हैं। इन पुराने विवादों के बीच अब ED की मनी लॉन्ड्रिंग जांच ने संस्थान से जुड़े वित्तीय मामलों को भी चर्चा के केंद्र में ला दिया है।

दस्तावेजों की जांच के बाद बढ़ सकती है कार्रवाई

बुधवार को हुई छापेमारी के दौरान ED का मुख्य उद्देश्य वित्तीय लेनदेन से जुड़े दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य जुटाना रहा। अब बरामद सामग्री की जांच की जाएगी। यदि दस्तावेजों से किसी संदिग्ध वित्तीय लेनदेन या धन के कथित डायवर्जन की पुष्टि होती है तो जांच आगे बढ़ सकती है।

ED अधिकारियों के मुताबिक जांच का उद्देश्य कथित अपराध से अर्जित रकम का पता लगाना और उससे जुड़े वित्तीय नेटवर्क को समझना है। एजेंसी यह भी देख रही है कि जिन रकमों का लेनदेन हुआ, उनका इस्तेमाल किन संपत्तियों या परियोजनाओं में किया गया।

आजम खान के लिए बढ़ी मुश्किलें

आजम खान पहले से ही कई कानूनी मामलों का सामना कर रहे हैं। अब जौहर ट्रस्ट और यूनिवर्सिटी से जुड़े कथित वित्तीय लेनदेन की ED जांच ने उनके लिए एक और कानूनी चुनौती खड़ी कर दी है।

हालांकि, इस मामले में अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने और संबंधित दस्तावेजों के विश्लेषण के बाद ही सामने आएगा। फिलहाल ED की छापेमारी को जांच की प्रक्रिया का हिस्सा माना जा रहा है।

बुधवार की कार्रवाई के बाद अब सबसे ज्यादा नजर इस बात पर रहेगी कि तलाशी के दौरान एजेंसी को क्या दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य मिलते हैं। इनकी जांच से कथित धन के प्रवाह और ट्रस्ट, यूनिवर्सिटी, ठेकेदारों तथा कंपनियों के बीच वित्तीय संबंधों को लेकर तस्वीर साफ हो सकती है।

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ED की कार्रवाई से फिर चर्चा में जौहर यूनिवर्सिटी

आजम खान से जुड़े जौहर ट्रस्ट और जौहर यूनिवर्सिटी पर ED की ताजा कार्रवाई ने पुराने विवादों को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है। इस बार जांच का केंद्र सीधे तौर पर वित्तीय लेनदेन और कथित मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा है। इसलिए इस कार्रवाई का महत्व केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि वित्तीय जांच के नजरिए से भी है।

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि जांच एजेंसी को अब पैसों के स्रोत से लेकर उसके इस्तेमाल तक की कड़ी तलाशनी है। सरकारी ठेकों की रकम, निजी ठेकेदारों और ट्रस्ट के बीच हुए कथित लेनदेन तथा यूनिवर्सिटी से जुड़े निर्माण और संपत्तियों में धन के इस्तेमाल की जांच इसी दिशा में आगे बढ़ रही है।

ऐसे मामलों में किसी व्यक्ति या संस्था पर आरोप लगना और आरोप का कानूनी रूप से साबित होना अलग-अलग बातें हैं। इसलिए ED की तलाशी के बाद सामने आने वाले दस्तावेज और जांच के निष्कर्ष ही आगे की कार्रवाई का आधार बनेंगे।

जौहर यूनिवर्सिटी पहले से जमीन और भवनों से जुड़े विवादों में रही है। अब वित्तीय जांच जुड़ने के बाद मामले की गंभीरता बढ़ गई है। आने वाले दिनों में ED की जांच किस दिशा में जाती है और क्या कोई नई कार्रवाई होती है, यह बरामद दस्तावेजों के विश्लेषण पर निर्भर करेगा।

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