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Indian Politics: मुंबई में CJP का बड़ा प्रदर्शन, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग; 10 अक्टूबर को दिल्ली कूच का ऐलान

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Alam Ki Khabar | Bihar News | Patna News | Samastipur News | मुंबई के शिवाजी पार्क में मतदाता सूची और SIR को लेकर CJP ने प्रदर्शन किया और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। संगठन ने 10 अक्टूबर को दिल्ली में आंदोलन का ऐलान किया है।

मुंबई, 3 अक्टूबर आलम की खबर: गांधी जयंती के दिन मुंबई के शिवाजी पार्क इलाके में मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं और विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में प्रदर्शन हुआ। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। पुलिस की ओर से प्रदर्शन की अनुमति नहीं दिए जाने के बावजूद बड़ी संख्या में लोग वहां पहुंचे।

प्रदर्शन के दौरान तिरंगा और पोस्टर लेकर पहुंचे लोगों ने चुनावी प्रक्रिया तथा मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर नारे लगाए। CJP ने इस आंदोलन को आगे देश के दूसरे शहरों तक ले जाने की बात कही है।

CJP ने क्या मांगें रखीं?

CJP की प्रमुख मांगों में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा, SIR प्रक्रिया पर रोक और जनवरी 2025 की मतदाता सूची को बहाल करना शामिल है। संगठन ने निर्वाचन आयुक्तों की नियुक्ति से जुड़े 2023 के कानून में बदलाव की भी मांग की है।

पार्टी का कहना है कि चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति के लिए ऐसा तंत्र होना चाहिए जिसमें नागरिक समाज की भागीदारी और अधिक पारदर्शिता हो। इन मांगों के साथ संगठन ने ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी उठाई है।

प्रदर्शनकारियों ने लगाए कई आरोप

CJP नेताओं ने SIR के दौरान मतदाता सूची में नाम हटाए जाने को लेकर गंभीर आरोप लगाए। संगठन की ओर से दावा किया गया कि बड़ी संख्या में पात्र मतदाताओं के नाम प्रभावित हुए हैं। हालांकि इन व्यापक दावों को स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं किया गया है।

प्रदर्शन के दौरान यह मुद्दा भी उठाया गया कि दस्तावेजों की कमी के कारण समाज के कुछ कमजोर वर्गों के लोगों को मतदाता सूची से बाहर होने का खतरा हो सकता है। ऐसे दावों को लेकर चुनावी प्रक्रिया में दस्तावेज, सत्यापन और आपत्ति दर्ज कराने की व्यवस्था पर भी बहस तेज हुई है।

ज्ञानेश कुमार के फैसलों को लेकर विवाद क्यों?

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर हाल के दिनों में SIR और चुनाव आयोग के कामकाज पर राजनीतिक तथा कानूनी सवाल उठे हैं। मीडिया रिपोर्टों में चुनाव आयोग के दो अन्य आयुक्तों की कुछ फैसलों पर असहमति का उल्लेख किया गया है। इसी पृष्ठभूमि में ज्ञानेश कुमार के कामकाज को लेकर विवाद बढ़ा है।

इस मामले से जुड़ी एक याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने भी सुनवाई के लिए सहमति जताई है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि SIR से जुड़े कुछ निर्णय आयोग के सभी सदस्यों की सहमति के बिना लिए गए। ये आरोप न्यायिक परीक्षण के विषय हैं और अभी इन्हें अंतिम निष्कर्ष नहीं माना जा सकता।

फिल्म और संगीत जगत से भी पहुंचे लोग

मुंबई के प्रदर्शन में कुछ चर्चित फिल्म और संगीत जगत से जुड़े चेहरे भी दिखाई दिए। नसीरुद्दीन शाह, शबाना आजमी, विशाल ददलानी और अन्य कलाकारों की मौजूदगी ने प्रदर्शन को अतिरिक्त सार्वजनिक ध्यान दिलाया।

गायक विशाल ददलानी ने प्रदर्शन के दौरान गीत भी प्रस्तुत किया। शबाना आजमी ने मतदान के अधिकार से जुड़े सवालों पर अपनी बात रखी। महात्मा गांधी के परपोते तुषार गांधी भी कार्यक्रम में मौजूद रहे।

10 अक्टूबर को दिल्ली में आंदोलन की तैयारी

CJP संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा कि यदि मुख्य चुनाव आयुक्त इस्तीफा नहीं देते हैं तो संगठन 10 अक्टूबर को दिल्ली में जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करेगा। इसे उन्होंने ‘जंतर-मंतर 2.0’ के रूप में पेश किया है।

संगठन ने यह भी कहा है कि उसका आंदोलन आगे अन्य शहरों तक ले जाया जाएगा। मुंबई के बाद देश के दूसरे हिस्सों में भी प्रदर्शन आयोजित करने की योजना बताई गई है।

मुंबई पुलिस ने क्या कहा?

मुंबई पुलिस के मुताबिक प्रदर्शन को देखते हुए अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किया गया था। पुलिस ने बताया कि एहतियात के तौर पर शिवाजी पार्क की ओर जाने वाली कुछ सड़कों को बंद किया गया और प्रदर्शन समाप्त होने के बाद उन्हें खोल दिया गया। पुलिस के अनुसार मुंबई में प्रदर्शन के दौरान किसी को हिरासत में नहीं लिया गया।

पुलिस की ओर से अनुमति नहीं मिलने के बावजूद प्रदर्शन होने के कारण इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई थी।

चुनाव आयोग की भूमिका पर जारी बहस

इस पूरे विवाद का केंद्र मतदाता सूची का पुनरीक्षण और SIR प्रक्रिया है। चुनाव आयोग के अनुसार मतदाता सूची को अपडेट करने का उद्देश्य पात्र मतदाताओं को शामिल करना और अपात्र नामों को हटाना है। वहीं प्रदर्शनकारी संगठनों का आरोप है कि प्रक्रिया में पर्याप्त पारदर्शिता नहीं है और इससे कुछ मतदाताओं के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं।

इसी वजह से मामला केवल एक प्रदर्शन तक सीमित नहीं रह गया है। अब SIR की प्रक्रिया, मतदाता सूची में बदलाव और चुनाव आयोग की निर्णय प्रक्रिया पर राजनीतिक, कानूनी और सार्वजनिक बहस जारी है।

आगे क्या?

मुंबई के बाद CJP ने दिल्ली में अगले चरण के आंदोलन की घोषणा की है। संगठन का कहना है कि यदि उसकी मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। दूसरी ओर, चुनाव आयोग से जुड़े मामलों पर न्यायिक प्रक्रिया भी आगे बढ़ रही है।

फिलहाल इस विवाद में तीन प्रमुख मुद्दे सामने हैं—मतदाता सूची का पुनरीक्षण, SIR की प्रक्रिया और चुनाव आयोग के निर्णय लेने के तरीके। इन पर अंतिम स्थिति संबंधित आधिकारिक प्रक्रियाओं और अदालतों में चल रही कार्यवाही से स्पष्ट होगी।

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