रोसड़ा अनुमंडल रविवार की सुबह दर्द, गुस्सा और अविश्वास की त्रिकोण में घिर गया। महज 30 साल का उपेश कुमार साव—एक साधारण परिवार का युवक—एक ऐसी मौत का शिकार हुआ, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है।
शनिवार की रात करीब 9:30 बजे उपेश अपने गांव मब्बी से मोटरसाइकिल पर निकले… लेकिन कुछ ही दूर उनकी जिंदगी का सफर खत्म हो गया। सड़क किनारे उनका खून से लथपथ शरीर पड़ा था, माथे से लेकर सीने तक गहरे जख्म, और उनकी बाइक ऐसी टूटी जैसे किसी ने बेरहमी से उसे कुचल दिया हो।
अस्पताल जाते-जाते खत्म हो गई जिंदगी
ग्रामीणों ने भागकर उन्हें अस्पताल पहुँचाया। डॉक्टरों ने हालात गंभीर बताकर बेगूसराय रेफर किया, परंतु बेगूसराय पहुँचने से पहले ही रास्ते में उनकी सांसें थम गईं।रात अंधेरा था।परिजनों का दर्द अंधेरे से भी गहरा।
सुबह फट पड़ा गुस्सा—सड़क जाम, पुलिस घिर गई
सुबह होते ही मातम गुस्से में बदल गया।मब्बी चौक पर ग्रामीणों ने सड़क को टायर जलाकर जाम कर दिया।लोगों के आक्रोश का आलम यह रहा कि मौके पर पहुँचे एएसआई लखन प्रसाद सहित तीन पुलिसकर्मियों को भीड़ ने घेर लिया और घंटों तक बंधक बनाए रखा।
पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारे गूंजते रहे—“न्याय चाहिए… सच्चाई चाहिए!”
पत्नी का आरोप—यह हादसा नहीं, सोची-समझी हत्या है
मृतक की पत्नी बसंती देवी ने दिल दहलाने वाला बयान दिया है।उन्होंने बताया—घटना से ठीक पहले उपेश ने उन्हें वीडियो कॉल किया था।
उसी समय उनके पति का एक ‘मित्र’ घर से उन्हें बहला-फुसलाकर बुला ले गया।हादसे के तुरंत बाद उसी मित्र ने फोन कर उल्टा सवाल किया—
“अपने पति को पीने से मना क्यों नहीं करती थी?पत्नी का साफ आरोप है।यह कोई “एक्सिडेंट” नहीं, बल्कि पूर्वनियोजित हत्या है। बसंती देवी ने पांचूपुर के एक युवक पर गंभीर शक जताया है।
घर में मातम—20 दिन का बच्चा लगातार पिता को ढूंढ रहा है।घर की हालत किसी दिल को भी पत्थर कर दे।बसंती देवी बेहोशी जैसी स्थिति में रोती जा रही हैं।20 दिन का दूधमुंहा बेटा,2 साल का नन्हा ऋषभ…
दोनों अपने पिता की आवाज़ ढूंढ़ते-ढूंढ़ते थक जाते हैं और फिर रोने लगते हैं।परिवार में यह सवाल बार-बार उठता है“इन मासूमों का भविष्य अब किसके सहारे?”
जांच शुरू—पोस्टमार्टम रिपोर्ट करेगी राज़ का पर्दाफाश
थानाध्यक्ष लालबाबू कुमार मौके पर पहुँचे, ग्रामीणों को समझाया और दोपहर 2 बजे जाम समाप्त कराया।
उन्होंने बताया कि मृतक के पिता का लिखित आवेदन मिल चुका है और मामला हत्या की आशंका के आधार पर जांच में दर्ज कर लिया गया है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट, वैज्ञानिक जांच और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य से ही यह साफ होगा कि यह सच में दुर्घटना थी… या किसी की क्रूर साजिश।