अमरदीप नारायण प्रसाद
ताजपुर/समस्तीपुर —ताजपुर बाजार क्षेत्र में चल रहे अतिक्रमण हटाओ अभियान को लेकर सवाल और नाराज़गी तेजी से बढ़ रही है। भाकपा माले व व्यवसाई संघ ने आरोप लगाया है कि प्रशासन की कार्रवाई पक्षपातपूर्ण है तथा केवल फूटपाथी दुकानदारों और झुग्गी–झोपड़ी वासियों पर सीमित होकर रह गई है, जबकि सड़क किनारे सरकारी जमीन पर बने रसूखदारों के मकान और दुकानों पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।
भाकपा माले ने उठाए गंभीर सवाल
सोमवार को भाकपा माले के प्रखंड सचिव सुरेंद्र प्रसाद सिंह, प्रखंड कमिटी सदस्य ब्रह्मदेव प्रसाद सिंह तथा व्यवसाई संघ के राज्य कमिटी सदस्य प्रभात रंजन गुप्ता सहित एक प्रतिनिधिमंडल ने नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी और अंचल अधिकारी को आवेदन सौंपकर प्रशासनिक कार्रवाई की मांग की।
सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने कहा—
“अतिक्रमण हटाने के नाम पर प्रशासन सिर्फ गरीब फूटपाथी दुकानदारों और झुग्गी–झोपड़ी वासियों को निशाना बना रही है, जबकि बड़े लोगों द्वारा सड़क किनारे सरकारी जमीन पर किए गए निर्माण सुरक्षित हैं। यह दोहरे मापदंड की कार्रवाई है।”
उन्होंने मांग की कि—
उजाड़े गए परिवारों के पुनर्वास की तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था की जाए।
फूटपाथी दुकानदारों को सड़क किनारे खाली पड़ी सरकारी जमीन पर सस्ती दुकानें बनाकर दी जाएं।
बाजार क्षेत्र की सभी सड़कों की सरकारी अमीन से मापी कराकर निष्पक्ष रूप से स्थाई–अस्थाई, पक्का–कच्चा निर्माण हटाया जाए।
नगर परिषद क्षेत्र की सभी जर्जर सड़कों और नालों का निर्माण अविलंब शुरू किया जाए।
सरकारी जमीन पर बसे लोगों को पर्चा, भूमिहीनों को वास भूमि व आवास दिया जाए।
होल्डिंग टैक्स व खेती योग्य जमीन पर टैक्स फ्री करने की घोषणा हो।
व्यवसाई संघ व किसान नेतृत्व ने की बड़ी भागीदारी की अपील
व्यवसाई संघ के राज्य कमिटी सदस्य प्रभात रंजन गुप्ता ने कहा कि प्रशासन यदि वास्तव में अतिक्रमण हटाना चाहती है, तो यह अभियान निष्पक्ष होना चाहिए।सिर्फ गरीबों और कमजोरों को हटाना अतिक्रमण हटाओ नहीं है। जहां भी अवैध निर्माण है—वह चाहे किसी भी रसूखदार का क्यों न हो—कार्रवाई होनी चाहिए।”
किसान नेता ब्रह्मदेव प्रसाद सिंह ने कहा कि ताजपुर को बेहतर, खुशहाल और समरस बनाने के लिए जनता की आवाज बुलंद होनी चाहिए। उन्होंने 10 दिसंबर को नगर परिषद कार्यालय पर आहूत एकदिवसीय धरना–प्रदर्शन में अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने की अपील की।
10 दिसंबर को ताजपुर में विरोध प्रदर्शन
भाकपा माले और व्यवसाई संघ ने स्पष्ट कहा है कि यदि प्रशासन ने पक्षपातपूर्ण रवैया नहीं बदला, पुनर्वास की व्यवस्था नहीं की और बाजार क्षेत्र में न्यायपूर्ण कार्रवाई सुनिश्चित नहीं की, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।