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बिहार में नई सरकार का सख्त तेवर, सीमांचल पर खास फोकस — पूर्णिया में होने जा रही हाई-लेवल सुरक्षा समीक्षा बैठक

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बिहार में नई सरकार के गठन के बाद से ही गृह विभाग एक्शन मोड में नजर आ रहा है। गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने पद संभालते ही कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं, और अब राज्य का पूरा ध्यान सीमांचल क्षेत्र पर है। इसी फोकस के तहत पूर्णिया में पुलिस महकमे की एक बड़ी और अहम बैठक होने जा रही है, जिसमें जिले से लेकर राज्य मुख्यालय तक के शीर्ष पुलिस अधिकारी शामिल होंगे।

क्या पूर्णिया पहुंच सकते हैं अमित शाह?

सूत्रों के मुताबिक 12 से 15 दिसंबर के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का बिहार दौरा संभव है। हालांकि अभी तक गृह मंत्रालय की ओर से आधिकारिक तिथि की पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन निमंत्रण भेजा जा चुका है।संभावित कार्यक्रम को देखते हुए पूर्णिया जोन के सभी पुलिस अधिकारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं और उन्हें मुख्यालय न छोड़ने के निर्देश मिले हैं।

पूर्णिया, कटिहार, किशनगंज और अररिया में जिला प्रशासन चौकन्ना है। सुरक्षा व्यवस्था, लॉजिस्टिक्स और कार्यक्रम स्थल—हर मोर्चे पर तैयारी तेज कर दी गई है।

पहली बार मुख्यालय से बाहर बैठक करेंगे गृह मंत्री सम्राट चौधरी

इस समीक्षा बैठक की खास बात यह है कि गृह मंत्री सम्राट चौधरी पहली बार पटना से बाहर निकलकर किसी जिला मुख्यालय में राज्य स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करेंगे।बैठक में एसपी, डीआईजी, आईजी, एडीजी और डीजीपी तक मौजूद रहेंगे। चर्चा सीमांचल की संवेदनशीलता, बॉर्डर एरिया की चुनौतियों और अपराध नियंत्रण जैसे मुद्दों पर केंद्रित रहेगी।

14–15 दिसंबर को होने की है चर्चा

मिली जानकारी के अनुसार 14-15 दिसंबर को यह उच्च स्तरीय बैठक प्रस्तावित है। अगर अमित शाह की सहमति मिलती है, तो यह राज्य में सुरक्षा समीक्षा से जुड़ा अब तक का सबसे बड़ा आयोजन माना जाएगा।

क्यों अहम है सीमांचल?

सरकार का फोकस सीमांचल पर बढ़ने की वजहें साफ हैं,यह क्षेत्र नेपाल, पश्चिम बंगाल और झारखंड की सीमाओं से जुड़ा है।किशनगंज के माध्यम से बांग्लादेश बॉर्डर तक सीधा संपर्क बनता है।

तस्करी, घुसपैठ, कट्टरपंथ, नकली नोट और क्रॉस-बॉर्डर क्राइम जैसे मामलों में यह इलाका बेहद संवेदनशील माना जाता है।इसी वजह से राज्य सरकार और गृह मंत्रालय दोनों सीमांचल को लेकर सतर्क हैं और पूर्णिया में होने वाली बैठक को रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।बिहार की नई सरकार ने साफ संकेत दिया है—सीमांचल की सुरक्षा ही उत्तर बिहार की सुरक्षा है, और इस बार सरकार इसे लेकर कोई ढिलाई नहीं बरतने वाली।

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