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भूमि सुधार में सख्ती का संदेश: उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने अधिकारियों की लगाई क्लास, 15 दिन में समाधान का अल्टीमेटम

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पटना।राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की ओर से शुक्रवार (12 दिसंबर, 2025) को उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा के आवास पर आयोजित ‘भूमि सुधार जनकल्याण संवाद’ कार्यक्रम में जमीन से जुड़े मामलों पर सरकार का सख्त और संवेदनशील रुख साफ नजर आया। इस जनसंवाद में पटना जिले के दाखिल-खारिज, परिमार्जन, मापी, लोक भूमि अतिक्रमण और भूमि विवाद से जुड़े मामलों की सीधे सुनवाई की गई।

कार्यक्रम के दौरान उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने फरियादियों, अधिकारियों और कर्मचारियों को आमने-सामने बैठाकर न सिर्फ समस्याएं सुनीं, बल्कि मौके पर ही लापरवाही करने वाले अधिकारियों को कड़ी फटकार भी लगाई। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अब भूमि मामलों में टालमटोल और फाइलें दबाने की संस्कृति बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

बल्लीपुर (गौरीचक) निवासी विवेक ने बताया कि पिछले छह महीने से उनकी जमीन का म्यूटेशन सिर्फ “जमाबंदी नहीं है” कहकर रोका जा रहा है। इस पर उपमुख्यमंत्री ने संबंधित अंचल अधिकारी (सीओ) और कर्मचारियों से तीखे सवाल पूछते हुए पूछा कि छह महीने तक मामला लंबित क्यों रखा गया। उन्होंने सीओ को निर्देश दिया कि अपने अंचल के सभी लंबित मामलों की पूरी रिपोर्ट एक सप्ताह के भीतर प्रस्तुत करें।

15 दिन में समाधान नहीं तो कार्रवाई तय

उपमुख्यमंत्री ने डीसीएलआर को भी निर्देश देते हुए कहा कि सभी भूमि संबंधी शिकायतों का 15 दिनों के भीतर अनिवार्य रूप से निष्पादन किया जाए। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि अगली बार लापरवाही पर “थर-थर कांपने का मौका भी नहीं मिलेगा।”

उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि शिकायतों को इधर-उधर रेफर करने की आदत छोड़ें। गलती और भ्रष्टाचार किसी भी स्तर पर हो, उसे माफ नहीं किया जाएगा। फर्जी दस्तावेजों के जरिए जमीन की खरीद-बिक्री करने वालों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई के संकेत दिए गए।

जनता को भी दी सलाह

विजय कुमार सिन्हा ने आम लोगों से अपील की कि वे अपनी शिकायत पहले निचले स्तर पर दर्ज कराएं और रिसीविंग जरूर सुरक्षित रखें। यदि वहां सुनवाई नहीं हो, तो उसी रिसीविंग के साथ ऊपर के अधिकारियों, सचिव और अंततः उपमुख्यमंत्री कार्यालय तक अपनी बात पहुंचाएं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि नीचे से ऊपर तक किसी भी स्तर पर लापरवाह अधिकारी और कर्मचारी बख्शे नहीं जाएंगे।

पदभार संभालते ही एक्शन मोड में उपमुख्यमंत्री

यह स्पष्ट होता जा रहा है कि पदभार ग्रहण करते ही उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं। जमीन स्तर पर इसका असर भी दिखने लगा है। प्रशासनिक महकमा सक्रिय हुआ है और जिलाधिकारी तक को सड़कों पर उतरकर स्थिति संभालनी पड़ रही है।

भूमि सुधार के मोर्चे पर उपमुख्यमंत्री का यह सख्त रुख आम जनता के लिए राहत और लापरवाह अधिकारियों के लिए साफ चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है।

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