:
Breaking News

जयनगर–समस्तीपुर रेल खंड में ट्रेन की सीटें तोड़ने पर रेलवे सख़्त, दोषियों पर होगी कड़ी कार्रवाई

top-news
https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

जयनगर–समस्तीपुर रेल खंड में ट्रेन की सीटें तोड़ने पर रेलवे सख़्त, दोषियों पर होगी कड़ी कार्रवाई

समस्तीपुर | 14 दिसंबर 2025

समस्तीपुर मंडल के जयनगर–समस्तीपुर रेल खंड में संचालित 55514 पैसेंजर ट्रेन में यात्रियों द्वारा सीटों को क्षतिग्रस्त किए जाने की घटनाएँ लगातार सामने आ रही हैं। बीते दो महीनों में यह दूसरी घटना है, जिसे रेलवे प्रशासन ने गंभीर लापरवाही और रेल संपत्ति को नुकसान पहुँचाने की श्रेणी में रखा है।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार, सीटों और कोचों को नुकसान पहुँचने से विभाग को भारी आर्थिक क्षति उठानी पड़ती है। क्षतिग्रस्त कोचों को मरम्मत के लिए कार्यशाला भेजना पड़ता है, जिस पर अतिरिक्त खर्च होता है। इतना ही नहीं, इस कारण कई बार ट्रेनों को कम कोचों के साथ चलाना पड़ सकता है, जिससे यात्रियों की भीड़ बढ़ती है और उन्हें भारी असुविधा का सामना करना पड़ता है।

मामले को लेकर मंडल रेल प्रबंधक (DRM), समस्तीपुर ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि—

रेल संपत्ति को नुकसान पहुँचाना गंभीर अपराध है। इससे न केवल यात्रियों की सुविधाएँ प्रभावित होती हैं, बल्कि ट्रेन परिचालन भी बाधित होता है। दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ रेलवे अधिनियम की सुसंगत धाराओं के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें जुर्माना और सजा दोनों का प्रावधान है। ऐसी घटनाओं को किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”

रेलवे प्रशासन ने यात्रियों और आम नागरिकों से अपील की है कि यदि कोई असामाजिक तत्व रेल संपत्ति को नुकसान पहुँचाते हुए दिखाई दे, तो इसकी सूचना तुरंत रेलवे सुरक्षा बल (RPF) को 182, 139 या ऑन-ड्यूटी रेलकर्मी को दें। संभव हो तो संबंधित व्यक्ति का फोटो या वीडियो उपलब्ध कराकर कार्रवाई में सहयोग करें।

रेलवे ने दो टूक कहा है कि यदि इस तरह की घटनाएँ जारी रहीं, तो ट्रेनों का सुरक्षित और सुचारु परिचालन प्रभावित हो सकता है। ऐसे में रेल संपत्ति की सुरक्षा केवल रेलवे की नहीं, बल्कि समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।

https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *