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भाजपा में बिहार की सियासी ताकत और मजबूत,नितिन नबीन बने राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष, खरमास के बाद पूर्ण अध्यक्ष पर हो सकता है फैसला

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मोहम्मद आलम

पटना/नई दिल्ली।भारतीय जनता पार्टी ने संगठनात्मक स्तर पर बड़ा और संकेतात्मक फैसला लेते हुए बिहार सरकार के मंत्री नितिन नबीन को राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया है। पूर्णकालिक अध्यक्ष के चुनाव तक अब पार्टी संगठन की पूरी जिम्मेदारी नितिन नबीन के हाथों में रहेगी। इस निर्णय को भाजपा में बिहार की बढ़ती भूमिका और नेतृत्व पर भरोसे के तौर पर देखा जा रहा है। इससे पहले जेपी नड्डा पांच वर्ष से अधिक समय तक पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे।

पार्टी सूत्रों के अनुसार, खरमास के बाद भाजपा पूर्णकालिक अध्यक्ष के नाम की घोषणा कर सकती है। भाजपा के संगठनात्मक इतिहास को देखें तो कार्यकारी अध्यक्ष का पद महज अस्थायी नहीं रहा है, बल्कि आगे चलकर पूर्ण अध्यक्ष बनने की भूमिका तैयार करता रहा है। वर्ष 2001 में जना कृष्णमूर्ति और 2019 में जेपी नड्डा को पहले कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया था और बाद में उन्हें पार्टी की पूरी कमान सौंपी गई। इसी परंपरा के चलते नितिन नबीन को भी राष्ट्रीय अध्यक्ष पद का मजबूत दावेदार माना जा रहा है।

नितिन नबीन का राजनीतिक सफर बिहार की राजनीति से निकलकर राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचा है। वे जेपी आंदोलन से जुड़े वरिष्ठ नेता दिवंगत नबीन सिन्हा के पुत्र हैं। 23 मई 1980 को पटना में जन्मे नितिन नबीन की शुरुआती पढ़ाई दिल्ली में हुई। वर्ष 2005 में नबीन सिन्हा के निधन के बाद भाजपा नेतृत्व के आग्रह पर उन्होंने राजनीति में कदम रखा। पटना पश्चिम विधानसभा सीट से उपचुनाव जीतने के बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा और लगातार चुनाव जीतते हुए बिहार भाजपा के भरोसेमंद नेताओं में शुमार हो गए।

संगठन में भी नितिन नबीन का अनुभव लंबा और प्रभावशाली रहा है। वे भाजयुमो के राष्ट्रीय महामंत्री और प्रदेश अध्यक्ष रह चुके हैं। इसके अलावा सिक्किम में लोकसभा और विधानसभा चुनाव प्रभारी तथा छत्तीसगढ़ में सह-प्रभारी और बाद में राज्य प्रभारी की जिम्मेदारी निभा चुके हैं। जुलाई 2024 से वे छत्तीसगढ़ के राज्य प्रभारी के रूप में संगठन का दायित्व संभाल रहे हैं।

विशेष रूप से 2023 के छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में भाजपा की अप्रत्याशित जीत के पीछे नितिन नबीन की संगठनात्मक रणनीति को अहम माना गया। उस समय वे राज्य प्रभारी थे और बूथ स्तर से लेकर शीर्ष नेतृत्व तक समन्वय स्थापित करने में उनकी भूमिका निर्णायक रही। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने भी इस जीत में उनके योगदान को सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया था।

नितिन नबीन की नियुक्ति से बिहार भाजपा को राष्ट्रीय स्तर पर नई मजबूती मिली है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इससे न सिर्फ बिहार संगठन का मनोबल बढ़ेगा, बल्कि आने वाले विधानसभा और लोकसभा चुनावों की रणनीति में भी बिहार की भूमिका पहले से ज्यादा प्रभावी होगी। फिलहाल कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में नितिन नबीन संगठन की कमान संभाल चुके हैं और उनके फैसलों पर पूरे देश की भाजपा इकाइयों की नजर टिकी हुई है।

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