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भूमि विवादों पर सरकार सख्त, विजय कुमार सिन्हा ने सभी जिलों के अफसरों को पटना तलब किया

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पटना।बिहार में भूमि से जुड़े मामलों को लेकर सरकार अब निर्णायक रुख अपनाती नजर आ रही है। उपमुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने जमीन संबंधी समस्याओं के त्वरित और प्रभावी समाधान के लिए बड़ा कदम उठाया है। इसी क्रम में राज्य के सभी जिलों के ADM, DCLR और अंचलाधिकारी (CO) को 18 दिसंबर (गुरुवार) को पटना स्थित ज्ञान भवन में आयोजित एक विशेष कार्यशाला में उपस्थित होने का निर्देश दिया गया है।

राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम को “भूमि सुधार जनकल्याण कार्यशाला” नाम दिया गया है। कार्यशाला की अध्यक्षता स्वयं उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा करेंगे। यह बैठक सुबह 10:30 बजे से प्रारंभ होगी, जिसमें राज्य भर में भूमि सुधार योजनाओं की जमीनी स्थिति की गहन समीक्षा की जाएगी।

सूत्रों के अनुसार, कार्यशाला में जिलेवार भूमि विवाद, नामांतरण, रजिस्ट्री, भू-अभिलेख अद्यतन, और राजस्व से जुड़ी प्रक्रियाओं में आ रही व्यावहारिक कठिनाइयों पर विस्तार से चर्चा होगी। सभी अधिकारी अपने-अपने जिलों की प्रमुख समस्याओं की रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे और उनके समाधान को लेकर सुझाव देंगे।

बताया जा रहा है कि उपमुख्यमंत्री का फोकस सिर्फ समीक्षा तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि स्पष्ट दिशा-निर्देश और समयबद्ध कार्रवाई पर भी जोर दिया जाएगा। उनका उद्देश्य है कि भूमि सुधार से जुड़ी सरकारी नीतियों का लाभ आम लोगों तक बिना देरी पहुंचे।

गौरतलब है कि इससे पहले विजय कुमार सिन्हा ने अपने पटना स्थित सरकारी आवास पर जनसुनवाई की शुरुआत की थी, जहां पटना जिले के विभिन्न प्रखंडों से आए लोगों की शिकायतें सुनी गईं। उस दौरान उन्होंने अधिकारियों से सीधे जवाब मांगा और कई मामलों में 15 दिनों के भीतर समाधान का अल्टीमेटम भी दिया था। उन्होंने साफ शब्दों में कहा था कि वे दिखावे की राजनीति नहीं, बल्कि एक्शन पर विश्वास करते हैं।

अब इस कार्यशाला के माध्यम से राज्य के सभी जिलों के अधिकारियों को एक मंच पर लाकर भूमि सुधार की कार्यप्रणाली को मजबूत करने की तैयारी की जा रही है। विभागीय अधिकारियों का मानना है कि ऐसी बैठकों से न केवल प्रशासनिक जवाबदेही बढ़ेगी, बल्कि जमीन से जुड़े मामलों में व्याप्त अनियमितताओं और भ्रष्टाचार पर भी लगाम लगेगी।

ज्ञान भवन, गांधी मैदान में आयोजित इस कार्यशाला के बाद सभी अधिकारियों को निर्देश दिया जाएगा कि वे यहां मिले दिशानिर्देशों को अपने-अपने जिलों में तुरंत लागू करें। सरकार को उम्मीद है कि इससे भूमि विवादों का निपटारा तेजी से होगा और आम जनता का प्रशासन पर भरोसा और मजबूत होगा।

कुल मिलाकर, यह कार्यशाला बिहार सरकार की भूमि सुधार और जनकल्याण नीति को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में एक अहम पहल मानी जा रही है, जिससे जमीन से जुड़े मामलों में पारदर्शिता, गति और न्याय सुनिश्चित हो सकेगा।

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