:
Breaking News

स्वास्थ्य विभाग की शिथिलता के बीच समस्तीपुर में फल-फूल रहा अवैध इलाज का धंधा, सैकड़ों नर्सिंग होम जांच के दायरे से बाहर

top-news
https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

समस्तीपुर।समस्तीपुर जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी हकीकत गंभीर सवाल खड़े कर रही है। जिले के शहरी और ग्रामीण इलाकों में सैकड़ों अवैध नर्सिंग होम और क्लीनिक खुलेआम संचालित हो रहे हैं, लेकिन इन्हें नियंत्रित करने की जिम्मेदारी निभाने वाला स्वास्थ्य विभाग अब तक ठोस कार्रवाई करता नहीं दिख रहा है।

जानकारों की मानें तो बिना पंजीकरण, बिना मानक उपकरण और बिना योग्य चिकित्सकों के कई निजी क्लीनिक और नर्सिंग होम वर्षों से संचालित हैं। इसके बावजूद न तो नियमित निरीक्षण हो रहा है और न ही लाइसेंस सत्यापन की प्रभावी व्यवस्था नजर आती है।

कागजों में कार्रवाई, जमीन पर सन्नाटा

स्वास्थ्य विभाग समय-समय पर अभियान चलाने और नोटिस जारी करने की बात तो करता है, लेकिन हकीकत यह है कि अधिकांश अवैध संस्थान नाम बदलकर या अस्थायी बंदी दिखाकर फिर से शुरू हो जाते हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कई जगह तो वर्षों से कोई निरीक्षण तक नहीं हुआ।

सिविल सर्जन कार्यालय की भूमिका पर उठे सवाल

जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी की प्रमुख जिम्मेदारी सिविल सर्जन कार्यालय की है। ऐसे में यह सवाल उठना लाजिमी है कि—

बिना पंजीकरण चल रहे संस्थानों की सूची क्यों सार्वजनिक नहीं है?

कितने नर्सिंग होम के लाइसेंस रद्द हुए, इसका स्पष्ट ब्योरा क्यों नहीं?

मरीजों की सुरक्षा से जुड़े मामलों में विभाग की सक्रियता क्यों दिखाई नहीं देती?


विशेषज्ञ मानते हैं कि यदि नियमित निरीक्षण और पारदर्शी कार्रवाई हो, तो अवैध इलाज पर काफी हद तक लगाम लग सकती है।

मरीजों की जान, सबसे बड़ा खतरा

इन अवैध नर्सिंग होम और क्लीनिकों में इलाज कराने वाले अधिकांश मरीज आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग से आते हैं। उन्हें न तो डॉक्टर की योग्यता की जानकारी होती है और न ही इलाज की गुणवत्ता का भरोसा। कई मामलों में जटिल मरीजों को समय पर रेफर न करने से स्थिति और बिगड़ जाती है।

प्रशासनिक सख्ती की जरूरत

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि अब केवल नोटिस और चेतावनी से काम नहीं चलेगा।
आवश्यक है कि—

जिले भर में संयुक्त जांच अभियान चले

अवैध संस्थानों की सार्वजनिक सूची जारी हो

दोषी पाए जाने पर सीधी कानूनी कार्रवाई की जाए


जब तक जवाबदेही तय नहीं होगी, तब तक समस्तीपुर जिले में अवैध इलाज का यह नेटवर्क यूं ही फलता-फूलता रहेगा।

https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *