:
Breaking News

फर्जी जमीन कागजात पर अफसरों की तैयारी देख भड़के डिप्टी सीएम विजय सिन्हा, वर्कशॉप में ही लगा दी क्लास

top-news
https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

पटना।बिहार में जमीन से जुड़े फर्जीवाड़े और लापरवाह अफसरों पर अब सरकार का रुख सख्त होता दिख रहा है। उपमुख्यमंत्री और राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा हाल ही में आयोजित भूमि सुधार जनकल्याण कार्यशाला के दौरान अधिकारियों की कार्यप्रणाली देखकर हैरान रह गए। सवालों के जवाब में अफसरों की अनभिज्ञता और चुप्पी ने मंत्री को इतना नाराज किया कि उन्होंने साफ शब्दों में चेतावनी दे दी—अब लापरवाही की कोई गुंजाइश नहीं होगी।

बुनियादी सवालों पर भी अफसर असहज

कार्यशाला के दौरान जब जमीन विवाद और फर्जी दस्तावेजों से जुड़े मामलों पर सवाल पूछे गए, तो कई जिलों के अधिकारी संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। शाहपुर अंचल के अंचलाधिकारी ने आपराधिक कानून से जुड़े प्रश्न पर खुद को नया पदस्थापित बताते हुए जानकारी से इनकार कर दिया। वहीं सहरसा जिले के सोनवर्षा अंचलाधिकारी ने लंबित मामलों पर जवाब देते हुए कहा कि उन्होंने हाल ही में योगदान दिया है और पूर्व अधिकारी अवकाश पर हैं।

वरिष्ठ अधिकारियों की चुप्पी बनी बड़ी वजह

सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि वर्कशॉप में मौजूद एडीएम, डीसीएलआर और अन्य वरिष्ठ राजस्व अधिकारियों ने भी स्थिति स्पष्ट करने के बजाय चुप्पी साधे रखी। अधिकारियों की इस उदासीनता को देखकर उपमुख्यमंत्री ने कड़ा रुख अपनाया और साफ कहा कि जमीन से जुड़े मामलों में ढिलाई अब सीधे कार्रवाई को न्योता देगी।

शनिवार को जनता दरबार और पुलिस सहयोग के निर्देश

डिप्टी सीएम ने अंचलाधिकारी और थाना प्रभारी को निर्देश दिया कि हर शनिवार जमीन विवाद से जुड़ी शिकायतों की गंभीर सुनवाई की जाए। यदि समाधान में पुलिस स्तर पर सहयोग नहीं मिलता है तो इसकी लिखित शिकायत सीधे डीजीपी को भेजी जाए, ताकि जिम्मेदारों पर कार्रवाई हो सके।

100 दिन की कार्ययोजना लागू

जमीनी स्तर पर सुधार लाने के लिए सरकार ने 100 दिन की विशेष कार्ययोजना लागू की है। इसके तहत जिलों में भूमि सुधार जनकल्याण संवाद आयोजित होंगे। विभाग की प्राथमिकता दाखिल-खारिज, परिमार्जन प्लस और वासविहीन गरीबों को “बसेरा-2” अभियान के तहत जमीन उपलब्ध कराने पर रहेगी।

नए साल में होगी सख्त समीक्षा

मंत्री ने साफ कर दिया है कि अनावश्यक मामलों को लंबित रखने या बिना कारण खारिज करने की प्रवृत्ति बर्दाश्त नहीं की जाएगी। नए साल से हर प्रमंडल में इन योजनाओं की समीक्षा होगी और दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई तय मानी जाएगी।

विजय सिन्हा की यह सख्ती साफ संकेत है कि अब बिहार में जमीन से जुड़े फर्जीवाड़े और अफसरशाही की लापरवाही पर सरकार आर-पार के मूड में है।

https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *