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छपरा में डॉक्टर किडनैपिंग की साजिश नाकाम, पुलिस ने 24 घंटे में पलटा खेल, मास्टरमाइंड समेत 5 गिरफ्तार

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छपरा।बिहार के छपरा में चर्चित चिकित्सक डॉ. सजल कुमार के अपहरण की कोशिश के मामले में पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। साजिश बेहद सुनियोजित थी, लेकिन डॉक्टर की सूझबूझ और पुलिस की तेज़ कार्रवाई ने अपराधियों की योजना पर पानी फेर दिया। इस केस में पुलिस ने किडनैपिंग की साजिश रचने वाले मास्टरमाइंड सहित पांच लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि दो बदमाश पुलिस मुठभेड़ में गोली लगने से घायल हुए हैं।

चलती कार से कूदे डॉक्टर, बच गई जान

घटना 17 दिसंबर की देर रात की है। नगर थाना क्षेत्र में हथियारबंद अपराधियों ने डॉ. सजल कुमार को उनकी कार में जबरन बैठाकर अगवा करने की कोशिश की। हालात भांपते हुए डॉक्टर ने एक होटल के पास चलती गाड़ी से छलांग लगा दी और जान बचाने में सफल रहे। इसके बाद अपराधी डॉक्टर के चालक, केयरटेकर और कार को लेकर फरार हो गए।

कोहरे ने बिगाड़ी अपराधियों की चाल

भागते समय घने कोहरे के कारण अपराधियों की कार जिलाधिकारी आवास के पास एक बिजली ट्रांसफार्मर से टकरा गई। हादसे के बाद बदमाश मौके से फरार हो गए, जबकि घायल चालक और केयरटेकर को पुलिस ने घटनास्थल से बरामद किया।

SIT बनी, तकनीक से खुला राज

अगले दिन डॉक्टर की शिकायत पर नगर थाने में कांड संख्या 734/25 दर्ज किया गया। सारण एसएसपी डॉ. कुमार आशीष के निर्देश पर विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया, जिसकी कमान सदर एसडीपीओ राम पुकार सिंह को सौंपी गई।

सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल सर्विलांस और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने सभी आरोपियों की पहचान की और भगवान बाजार थाना क्षेत्र के इनई बगीचे से पांचों को दबोच लिया।

हथियार बरामदगी के दौरान फायरिंग

गिरफ्तारी के बाद हथियार बरामदगी के लिए पुलिस आरोपियों को बगीचे में लेकर गई। इसी दौरान बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में दो अपराधी—सोनू राय और रंजन राय—पैर में गोली लगने से घायल हो गए। दोनों को सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि अन्य तीन आरोपियों को सुरक्षित हिरासत में लिया गया।

व्यावसायिक रंजिश बनी साजिश की वजह

एसएसपी डॉ. कुमार आशीष ने बताया कि यह अपहरण किसी आपराधिक गिरोह की सामान्य वारदात नहीं थी, बल्कि इसके पीछे व्यावसायिक प्रतिद्वंद्विता की साजिश थी। एक अन्य डॉक्टर ने कॉन्ट्रैक्ट देकर इस पूरे कांड की योजना बनवाई थी, जिसे भी गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपियों के आपराधिक इतिहास की गहन जांच जारी है।

“तेज़ कार्रवाई, टीम वर्क और तकनीकी जांच की बदौलत 24 घंटे में पूरे मामले का खुलासा किया गया। अपराधियों की आगे और भी योजनाएं थीं।”
— डॉ. कुमार आशीष, एसएसपी, सारण

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