पूर्णिया:
राज्य में राजस्व एवं भूमि सुधार से जुड़ी व्यवस्थाओं को अधिक पारदर्शी, सुलभ और जवाबदेह बनाने की दिशा में एक अहम पहल के रूप में भूमि सुधार जनकल्याण संवाद की शुरुआत की गई है। इस कार्यक्रम के जरिए आम लोगों की जमीन से जुड़ी समस्याओं को सीधे सुनकर उनका नियमानुकूल समाधान सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
प्रेक्षा गृह सह आर्ट गैलरी, पूर्णिया में आयोजित उद्घाटन संवाद को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह पहल न तो प्रचार के लिए है और न ही किसी अधिकारी-कर्मचारी को डराने के उद्देश्य से। इसका एकमात्र मकसद जनता की वास्तविक समस्याओं को समझना और उनका समाधान करना है।
भू-माफिया और दलालों को कड़ा संदेश
उपमुख्यमंत्री ने लापरवाह अधिकारियों को सख्त हिदायत देते हुए भू-माफिया और जमीन की दलाली करने वालों को भी चेताया। उन्होंने कहा कि किसी मंत्री, नेता या वरिष्ठ अधिकारी के नाम का इस्तेमाल कर हल्का, अंचल या जिला स्तर पर अनुचित दबाव बनाने की प्रवृत्ति को पूरी तरह रोका जाएगा।
राजस्व कर्मचारी, अंचलाधिकारी (CO), भूमि सुधार उप समाहर्ता (DCLR) और अपर समाहर्ता (ADM) पर किसी भी प्रकार का दबाव बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि कहीं ऐसा प्रयास होता है तो संबंधित पदाधिकारी तत्काल विभाग को सूचना दें।
न्यायालयों के अधिकार क्षेत्र का पूरा सम्मान
डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने यह भी साफ किया कि यह कार्यक्रम न्यायालयों के कार्यक्षेत्र में हस्तक्षेप करने के लिए नहीं है। संविधान, संवैधानिक संस्थाओं और न्यायिक सीमाओं का पूरा सम्मान करते हुए ही समस्याओं का समाधान किया जाएगा। विभाग किसी भी स्तर पर माननीय न्यायालय के अधिकार क्षेत्र में दखल नहीं देगा।
अंचल स्तर पर समाधान, कोर्ट पर बोझ कम करने की योजना
उन्होंने कहा कि संवाद का मुख्य लक्ष्य राजस्व एवं भूमि सुधार से जुड़ी मूलभूत अड़चनों और जनसमस्याओं को समझना है, ताकि हल्का और अंचल स्तर पर इतनी पारदर्शी व्यवस्था विकसित हो सके कि भूमि विवाद की संभावना न्यूनतम रह जाए।
यदि विवाद उत्पन्न होते भी हैं, तो उनका समयबद्ध निपटारा CO, DCLR और ADM स्तर पर हो, जिससे न्यायालयों पर बढ़ते बोझ को कम किया जा सके।
अगले चरण में सर्वे और सरकारी भूमि पर फोकस
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि दूसरे चरण में विभाग का फोकस सर्वे कार्य, सरकारी भूमि का डाटाबैंक/लैंडबैंक तैयार करने, मानवीय सरोकारों के संरक्षण और अतिक्रमण की समस्या के समाधान पर रहेगा।
जनता और अधिकारियों से आमने-सामने संवाद
इसके बाद उपमुख्यमंत्री ने पूर्णिया जिले के सभी 14 अंचलों से जुड़े भूमि मामलों में पीड़ित लोगों और संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों के साथ आमने-सामने बैठकर संवाद किया। इस दौरान उन्होंने जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को कई मामलों की जांच के निर्देश भी दिए।
अधिकारियों ने रखा अपना पक्ष
कार्यक्रम में आगत अतिथियों का स्वागत पूर्णिया के जिलाधिकारी अंशुल कुमार ने किया।
प्रधान सचिव सीके अनिल ने अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि कड़ाके की ठंड के बावजूद उपमुख्यमंत्री का यहां आना यह दर्शाता है कि सरकार जनता की समस्याओं के समाधान के लिए गंभीर है। पुरानी समस्याओं का निराकरण विभाग की प्राथमिकता है और अंचलवार समाधान की दिशा में काम किया जा रहा है।
ये अधिकारी रहे उपस्थित
इस अवसर पर विभाग के सचिव गोपाल मीणा, पूर्णिया प्रमंडल के आयुक्त राजेश कुमार, विभाग के अपर सचिव आजीव वत्सराज, पूर्णिया के जिलाधिकारी अंशुल कुमार, पुलिस अधीक्षक स्वीटी सहरावत, विभाग की उपनिदेशक मोना झा, सहायक निदेशक सुधांशु शेखर, सुमित कुमार आनंद, सहायक निदेशक सह जनसंपर्क पदाधिकारी जूही कुमारी, आईटी मैनेजर आनंद शंकर, पूर्णिया के अपर समाहर्ता रवि राजेश समेत अन्य अधिकारी उपस्थित थे।