:
Breaking News

रोहतास रोपवे हादसा: ट्रायल में उजागर हुई बड़ी लापरवाही, संवेदक होगा ब्लैकलिस्ट, इंजीनियरों पर गिरेगी गाज

top-news
https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

बिहार के रोहतास जिले में निर्माणाधीन रोपवे के ट्रायल के दौरान हुए हादसे ने सरकार और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना के बाद अब नीतीश सरकार ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई के संकेत दिए हैं। राज्य के उद्योग मंत्री दिलीप जायसवाल ने स्पष्ट किया है कि इस मामले में संवेदक को ब्लैकलिस्ट किया जाएगा, वहीं दो इंजीनियरों पर भी अनुशासनात्मक कार्रवाई तय है।
उद्योग मंत्री ने बताया कि रोहतासगढ़ पर्वत पर बन रहे इस रज्जू मार्ग की कुल लंबाई 1326 मीटर है। परियोजना में दो मुख्य स्टेशन टावरों के अलावा पांच अतिरिक्त टावर प्रस्तावित हैं। रोपवे में कुल 18 केबिन लगाए गए हैं, जिनमें प्रत्येक में चार यात्रियों के बैठने की क्षमता है। जनवरी में इसे आम लोगों के लिए शुरू करने की योजना थी, इसी वजह से ट्रायल रन कराया जा रहा था।
ट्रायल के दौरान जब केबिन अप-रिटर्न सिस्टम के तहत वापस लौट रहा था, तभी टावर संख्या पांच के पास वायर अचानक स्लिप कर गया। इस कारण टावर को नुकसान पहुंचा और तेज झटके से दो पिलर अपनी जगह से उखड़ गए। मंत्री ने कहा कि शुरुआती जांच में सामने आया है कि टर्मिनल प्वाइंट पर संवेदक का कोई भी जिम्मेदार प्रतिनिधि मौजूद नहीं था, जबकि वहां कर्मचारियों की तैनाती अनिवार्य थी। वायर स्लिप होने की घटना ठीक उसी समय हुई, जब केबिन टर्मिनल से गुजर रहा था।
पूरे मामले की तकनीकी जांच के लिए आईआईटी पटना के विशेषज्ञ इंजीनियरों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह टीम यह परख रही है कि लोड डिस्ट्रीब्यूशन, स्ट्रक्चरल डिजाइन या निर्माण गुणवत्ता में कहीं कोई गंभीर खामी तो नहीं रह गई। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
गौरतलब है कि यह हादसा रोहतास जिले के चौरासन मंदिर के पास शुक्रवार को ट्रायल के दौरान हुआ था। तेज झटके के कारण मंदिर के पास स्थित एक पिलर और ग्राउंड लेवल का एक अन्य पिलर नींव से उखड़ गया। राहत की बात यह रही कि उस वक्त न तो केबिन में कोई मौजूद था और न ही आसपास कोई व्यक्ति, जिससे एक बड़ा जानलेवा हादसा टल गया।
स्थानीय स्तर पर पहले ही आशंका जताई जा रही थी कि रोपवे के पिलर केवल करीब दो फीट गहरी नींव पर बनाए गए हैं, जो अधिक भार पड़ने की स्थिति में खतरे का कारण बन सकते हैं। अब इस घटना के बाद रोपवे निर्माण की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठने लगे

https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *