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विजय कुमार सिन्हा का सख्त रुख: राजस्व विभाग में भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं, आम जनता को मिलेगा त्वरित समाधान

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पटना। बिहार के उपमुख्यमंत्री और राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री विजय कुमार सिन्हा इन दिनों लगातार एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं। विभाग की जिम्मेदारी संभालते ही उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि भ्रष्टाचार किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं होगा। उनके बयानों और कार्रवाइयों से यह साफ है कि राजस्व विभाग में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के लिए सरकार ठोस कदम उठा रही है।
भ्रष्टाचार पर नकेल:
विजय कुमार सिन्हा ने कहा, “अगर हम विभाग को स्वस्थ कर देंगे, तो सब कुछ खुद-ब-खुद स्वस्थ हो जाएगा।” यह केवल राजनीतिक टिप्पणी नहीं, बल्कि विभागीय सुधार की स्पष्ट दिशा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि राजस्व विभाग आम जनता से सीधे जुड़ा हुआ है। यहां जमीन, दाखिल-खारिज, परिमार्जन, म्यूटेशन और रसीद कटवाने जैसे कार्य होते हैं। अगर इन प्रक्रियाओं में भ्रष्टाचार होगा, तो सबसे अधिक नुकसान आम नागरिक को होगा।
लंबे समय से शिकायतें:
राजस्व विभाग में भ्रष्टाचार की शिकायतें लंबे समय से सामने आती रही हैं। बिना रिश्वत दिए दाखिल-खारिज नहीं होता, रसीद कटवाने में महीनों लग जाते हैं, और फाइलें जानबूझकर रोकी जाती हैं। जनता जब जिलों में जन संवाद में शिकायत करती है, तो अधिकतर शिकायतें इसी विभाग को लेकर होती हैं।
सख्त चेतावनी और कार्रवाई:
उपमुख्यमंत्री ने अधिकारियों और कर्मचारियों को स्पष्ट चेतावनी दी कि ईमानदारी से काम करने वालों के साथ सरकार है, लेकिन जो भ्रष्टाचार में लिप्त हैं, उनके खिलाफ कठोर विभागीय और कानूनी कार्रवाई होगी।
तकनीकी सुधार और डिजिटल पहल:
सिन्हा ने संकेत दिया कि विभाग में तकनीकी सुधार और सिस्टम मजबूत करने पर जोर दिया जाएगा। अधिक से अधिक सेवाएं ऑनलाइन की जा रही हैं, ताकि जनता को दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें और भ्रष्टाचार की गुंजाइश कम हो। डिजिटल व्यवस्था और निगरानी तंत्र से पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होगी।
सिस्टम सुधार से बढ़ेगा भरोसा:
विजय कुमार सिन्हा का मानना है कि भ्रष्टाचार केवल एक व्यक्ति की समस्या नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम को कमजोर करता है। अगर विभाग में ईमानदारी और पारदर्शिता होगी, तो जनता का भरोसा सरकार पर मजबूत होगा। उन्होंने अधिकारियों से अपील की कि वे जनता की सेवा को प्राथमिकता दें और शिकायतों का समय पर निपटारा करें।
निष्कर्ष:
उपमुख्यमंत्री का रुख स्पष्ट संदेश देता है कि राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि उनके निर्देशों पर सख्ती से अमल होता है, तो आने वाले समय में जमीन से जुड़े मामलों में आम जनता को राहत और विभाग की छवि में सुधार देखने को मिलेगा।

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