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अवैध वसूली पर गृह मंत्री सम्राट चौधरी का सख्त संदेश, समस्तीपुर में बस स्टैंड माफिया पर कब चलेगा प्रशासन का डंडा?

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समस्तीपुर | विशेष रिपोर्ट

बिहार के गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य भर के जिलाधिकारियों (DM) और पुलिस अधीक्षकों (SP) को स्पष्ट निर्देश दिया है कि टैक्सी स्टैंड हो या बस स्टैंड से जुड़ा कोई मामला—किसी भी गरीब, चालक या आम नागरिक से अवैध वसूली बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने दो टूक कहा है कि यदि कहीं अवैध वसूली की शिकायत मिलती है, तो दिखावटी कार्रवाई नहीं बल्कि असल दोषियों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
गृह मंत्री का यह बयान ऐसे समय आया है, जब समस्तीपुर जिले के बस स्टैंड और आसपास के इलाकों में ई-रिक्शा, टेंपो और ऑटो चालकों से जबरन वसूली का मामला लगातार सुर्खियों में है।

₹2 के टिकट पर ₹30–₹40 की वसूली!

समस्तीपुर में हालात यह हैं कि बस स्टैंड के नाम पर ₹2 का पर्ची या टिकट देकर चालकों से कहीं ₹30 तो कहीं ₹40 तक वसूली की जा रही है। वसूली से इनकार करने पर कई बार ई-रिक्शा और ऑटो चालकों के साथ मारपीट तक की घटनाएं सामने आ चुकी हैं।
पीड़ित चालकों का कहना है कि यह वसूली खुलेआम, दिनदहाड़े और कथित रूप से संगठित तरीके से की जा रही है।

सैकड़ों बार उठी आवाज़, फिर भी प्रशासन मौन

इस गंभीर मुद्दे को लेकर सोशल मीडिया से लेकर स्थानीय समाचार पत्रों तक सैकड़ों बार खबरें प्रकाशित हो चुकी हैं। वीडियो, फोटो और प्रत्यक्ष बयान सामने आने के बावजूद जिला प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस और स्थायी कार्रवाई नजर नहीं आई।
कभी-कभार प्रतीकात्मक जांच या औपचारिक बयान देकर मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया।

गरीब चालकों पर सीधा असर

अवैध वसूली का सबसे बड़ा शिकार वे चालक हैं, जो दिन भर मेहनत कर मुश्किल से घर का खर्च चलाते हैं। रोजाना की यह जबरन वसूली उनकी कमाई को सीधे प्रभावित करती है। कई चालकों का कहना है कि वसूली देने के बाद ई-रिक्शा चलाना घाटे का सौदा बनता जा रहा है, लेकिन डर और दबाव के कारण वे खुलकर सामने नहीं आ पाते।

अब निगाहें जिला प्रशासन पर

गृह मंत्री सम्राट चौधरी के सख्त निर्देशों के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि
क्या समस्तीपुर जिला प्रशासन हरकत में आएगा?
क्या बस स्टैंड पर वर्षों से जमी अवैध वसूली की जड़ें उखाड़ी जाएंगी?
या फिर यह आदेश भी कागजों तक ही सीमित रह जाएगा?
जनता और खासकर ई-रिक्शा व ऑटो चालक अब केवल बयानों नहीं, ठोस कार्रवाई की उम्मीद कर रहे हैं। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि गृह मंत्री के निर्देशों का जमीनी असर समस्तीपुर में कब और कैसे दिखाई देता है।

 रिपोर्ट : अमरदीप नारायण प्रसाद
(विशेष संवाददाता)

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