गयाजी।अगर नए साल 2026 की शुरुआत प्रकृति के करीब रहकर करना चाहते हैं, तो बिहार का बोधगया स्थित बटरफ्लाई पार्क आपके लिए खास जगह बन सकता है। जयप्रकाश उद्यान में स्थित यह पार्क इन दिनों पर्यटकों और प्रकृति प्रेमियों के बीच आकर्षण का केंद्र बना हुआ है, जहां करीब 50 हजार से अधिक रंग-बिरंगी तितलियां खुले वातावरण में उड़ती नजर आती हैं।
90 से अधिक प्रजातियों की तितलियां, हर रंग में बसी खूबसूरती
इस अनोखे पार्क में देश-विदेश से आई 92 से ज्यादा प्रजातियों की तितलियां पाई जाती हैं। इनमें कई दुर्लभ प्रजातियां भी शामिल हैं, जो आमतौर पर बिहार के इलाकों में देखने को नहीं मिलतीं। तितलियों के रंग, आकार और उड़ान का अंदाज़ पर्यटकों को प्रकृति के बेहद करीब ले जाता है।
हजारों किलोमीटर उड़कर पहुंचती हैं तितलियां
पार्क से जुड़े विशेषज्ञों के अनुसार यहां मौजूद कई तितलियां 4 हजार से 6 हजार किलोमीटर तक का सफर तय कर बोधगया पहुंचती हैं। हिमालयी क्षेत्र, चीन, यूरोप, सऊदी अरब और अफगानिस्तान जैसे इलाकों से आने वाली ये तितलियां यहां के अनुकूल वातावरण में अपना जीवन चक्र पूरा करती हैं।
महाबोधि मंदिर के पास, पर्यटन को मिला नया आयाम
विश्व प्रसिद्ध महाबोधि मंदिर के पीछे स्थित यह बटरफ्लाई पार्क करीब चार साल पहले विकसित किया गया था। यह न सिर्फ पर्यटन स्थल है, बल्कि यहां तितलियों का संरक्षण, प्रजनन और शोध कार्य भी किया जाता है। पार्क परिसर में वन विभाग की ओर से बनाई गई विशेष लैब में तितलियों का जन्म और देखभाल होती है।
रिसर्च, संरक्षण और रियरिंग—तीन अहम काम
पार्क प्रबंधन के अनुसार यहां तीन प्रमुख कार्य किए जाते हैं—
तितलियों का संरक्षण
उनके व्यवहार और जीवन चक्र पर शोध
तितलियों की रियरिंग (पालन)
पर्यटक न सिर्फ तितलियों को करीब से देखते हैं, बल्कि उनके जीवन चक्र और पर्यावरणीय महत्व के बारे में भी जानकारी हासिल करते हैं।
बौद्ध परंपरा से जुड़ा तितली रिलीज का चलन
बोधगया आने वाले बौद्ध अनुयायियों के बीच तितलियों को आज़ाद करने की परंपरा भी लोकप्रिय है। मान्यता है कि जीवों को मुक्त करने से पुण्य की प्राप्ति होती है। यही वजह है कि कई विदेशी और देसी पर्यटक यहां तितलियां खरीदकर खुले वातावरण में छोड़ते हैं। नए साल के मौके पर यह दृश्य खास आकर्षण का केंद्र रहता है।
तितलियों के लिए खास पौधों की व्यवस्था
तितलियों के जीवन के लिए पार्क में करीब 60 प्रजातियों के 5 हजार से अधिक पौधे लगाए गए हैं। इनमें नेक्टर प्लांट और होस्ट प्लांट शामिल हैं, जिन पर तितलियां भोजन करती हैं और अंडे देती हैं। यही वजह है कि यहां तितलियों का प्राकृतिक जीवन चक्र सहज रूप से पूरा होता है।
नए साल पर उमड़ सकती है रिकॉर्ड भीड़
नववर्ष को देखते हुए पार्क को विशेष रूप से सजाया गया है। नए फूल-पौधे लगाए गए हैं और बच्चों के लिए प्ले एरिया भी तैयार किया गया है। अनुमान है कि साल के पहले दिन 30 से 40 हजार पर्यटक बटरफ्लाई पार्क का रुख कर सकते हैं। देसी पर्यटकों के लिए प्रवेश शुल्क 20 रुपये, जबकि विदेशी सैलानियों के लिए 100 रुपये तय किया गया है।
सुकून और सौंदर्य का अनोखा संगम
रंग-बिरंगी तितलियों के बीच समय बिताना सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि मानसिक शांति का भी अनुभव कराता है। यही वजह है कि जो पर्यटक कुछ मिनट रुकने की सोचकर आते हैं, वे घंटों पार्क में समय बिता देते हैं।