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सेवानिवृत्ति के बाद नई जिम्मेदारी, पूर्व डीजीपी आलोक राज बने बिहार कर्मचारी चयन आयोग के अध्यक्ष

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पटना।साल 2025 के अंतिम दिन नीतीश सरकार ने एक अहम प्रशासनिक फैसला लेते हुए वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी आलोक राज को बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। 1989 बैच के अधिकारी आलोक राज को बिहार कर्मचारी चयन आयोग (बीएसएससी) का नया अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। उनकी यह नियुक्ति 1 जनवरी 2026 से प्रभावी मानी जाएगी।
पांच साल या 65 वर्ष तक रहेगा कार्यकाल
सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार आलोक राज आयोग के अध्यक्ष पद पर अधिकतम पांच वर्षों तक या 65 वर्ष की आयु पूरी होने तक बने रहेंगे। यह नियुक्ति बिहार राज्य कर्मचारी चयन आयोग अधिनियम, 2002 के प्रावधानों के तहत की गई है।
पुलिस भवन निर्माण निगम से सेवानिवृत्ति
नियुक्ति से पहले आलोक राज बिहार पुलिस भवन निर्माण निगम लिमिटेड में महानिदेशक सह अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक के रूप में कार्यरत थे। 31 दिसंबर को उनका इस पद पर अंतिम कार्य दिवस रहा, जिसके बाद वे पुलिस सेवा से औपचारिक रूप से सेवानिवृत्त हो गए।
भर्ती प्रक्रिया में होगी अहम भूमिका
बिहार सरकार द्वारा घोषित बड़े पैमाने पर रोजगार और नियुक्ति योजनाओं के मद्देनज़र बीएसएससी की जिम्मेदारी आने वाले समय में और बढ़ने वाली है। सरकारी विभागों में नियुक्तियों के लिए परीक्षाओं और चयन प्रक्रिया को सुचारु रूप से संचालित करने में आयोग की भूमिका निर्णायक मानी जाती है। ऐसे में आलोक राज का अनुभव इस पद के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
तीन दशकों से अधिक का प्रशासनिक अनुभव
आलोक राज बिहार के कार्यवाहक पुलिस महानिदेशक भी रह चुके हैं। उन्होंने वर्तमान डीजीपी विनय कुमार से पहले करीब तीन महीने से अधिक समय तक राज्य पुलिस की कमान संभाली थी। बिहार के अलावा झारखंड और पश्चिम बंगाल में भी उन्होंने विभिन्न अहम पदों पर सेवाएं दी हैं।
सेवा की शुरुआत और साहसिक कार्य
आईपीएस सेवा में आने के बाद उनकी पहली तैनाती पटना सिटी में सहायक पुलिस अधीक्षक के रूप में हुई थी। शुरुआती दिनों में ही अपराध के खिलाफ सख्त कार्रवाई के दौरान एक मुठभेड़ में चार अपराधियों को ढेर करने के लिए उन्हें पुलिस वीरता पदक से सम्मानित किया गया।
पदक और सम्मान से सजा करियर
अपने लंबे पुलिस करियर में आलोक राज को कई प्रतिष्ठित पुरस्कार प्राप्त हुए हैं। उन्हें तीन बार राष्ट्रपति पदक से नवाजा गया—1994 में पुलिस वरीयता पदक, 2008 में सराहनीय सेवा पदक और 2016 में विशिष्ट सेवा पदक। इसके अलावा केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल में सेवा के दौरान उत्कृष्ट योगदान के लिए उन्हें अटल रत्न सम्मान भी मिला।
अब पुलिस सेवा से विदाई के बाद आलोक राज को कर्मचारी चयन आयोग की जिम्मेदारी दी गई है। सरकार और प्रशासन को उम्मीद है कि उनके अनुभव और सख्त प्रशासनिक दृष्टिकोण से राज्य की भर्ती प्रक्रियाओं को पारदर्शिता और गति मिलेगी।

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