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2026 नीतीश कुमार के लिए अग्निपरीक्षा, रिकॉर्ड जीत के बाद अब वादों और वारिस की चुनौती

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पटना:बिहार विधानसभा चुनाव 2025 ने एनडीए को ऐतिहासिक बढ़त दिलाई और नीतीश कुमार को राजनीति के उस मुकाम पर पहुंचा दिया, जहां वह दसवीं बार मुख्यमंत्री बने। 243 सीटों वाली विधानसभा में 202 सीटें जीतकर एनडीए ने विपक्ष को लगभग हाशिये पर पहुंचा दिया। यह जीत जितनी बड़ी थी, आने वाला साल 2026 उतना ही कठिन माना जा रहा है।
चुनाव जीते, अब भरोसा निभाने की बारी
2025 का साल नीतीश कुमार और जदयू के लिए संजीवनी साबित हुआ। जिस नेता को लेकर राजनीतिक भविष्य पर सवाल उठ रहे थे, वही नेता एक बार फिर सत्ता के केंद्र में मजबूती से खड़ा नजर आया। लेकिन अब असली चुनौती चुनावी नारों को जमीन पर उतारने की है।
एक करोड़ नौकरी और रोजगार का वादा, महिला उद्यमिता योजनाएं और सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रम—इन सबका सीधा असर राज्य के खजाने पर पड़ा है।
आर्थिक मोर्चे पर सबसे बड़ी चुनौती
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि बिहार की वित्तीय स्थिति पहले से ही दबाव में है। राजस्व बढ़ाना, निवेश आकर्षित करना और केंद्र सरकार से अतिरिक्त सहायता हासिल करना सरकार के लिए बड़ी कसौटी होगी। औद्योगिक विकास के बिना रोजगार के वादों को पूरा करना आसान नहीं माना जा रहा।
स्वास्थ्य और नेतृत्व को लेकर सवाल
नीतीश कुमार के स्वास्थ्य को लेकर चर्चाएं लंबे समय से चल रही हैं। ऐसे में जदयू के भीतर दूसरी पंक्ति के नेतृत्व को मजबूत करना अब टाला नहीं जा सकता। पार्टी में उत्तराधिकारी कौन होगा, इस पर भी नजरें टिकी हैं। बेटे निशांत कुमार की राजनीति में एंट्री को लेकर भी अटकलें तेज हैं।
भाजपा के साथ संतुलन साधने की परीक्षा
2025 के बाद बदले हालात में जदयू को पहली बार गृह विभाग छोड़ना पड़ा। एनडीए में भाजपा की बढ़ती ताकत के बीच अपनी राजनीतिक हैसियत बनाए रखना नीतीश कुमार के लिए आसान नहीं होगा। इसी साल राज्यसभा और विधान परिषद चुनाव भी होने हैं, जहां गठबंधन की एकजुटता की असली परीक्षा होगी।
2026: सिर्फ सरकार नहीं, सियासी विरासत का साल
राजनीतिक जानकार मानते हैं कि 2026 सिर्फ नीतियों का नहीं, बल्कि नीतीश कुमार की राजनीतिक विरासत तय करने का साल होगा। वादों को पूरा करना, पार्टी को भविष्य के लिए तैयार करना और गठबंधन में संतुलन बनाए रखना—इन सब पर उनकी साख टिकी होगी।
अब देखना यह है कि रिकॉर्ड जीत के बाद आई यह कठिन परीक्षा, नीतीश कुमार कैसे पास करते हैं।

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