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कुम्हरार पार्क के संरक्षण को लेकर गंभीर हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, केंद्र को पत्र लिखने के निर्देश

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पटना:मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार को राजधानी स्थित ऐतिहासिक कुम्हरार पार्क का दौरा कर वहां मौजूद पुरातात्विक धरोहरों का गहन निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने मगध साम्राज्य काल से जुड़े अवशेषों, विशेषकर मौर्यकालीन स्तंभों के चिन्हों को नजदीक से देखा और स्थल से जुड़ी ऐतिहासिक जानकारी का अवलोकन किया।
निरीक्षण के क्रम में मुख्यमंत्री ने कुम्हरार और बुलंदीबाग उत्खनन से संबंधित सूचनात्मक बोर्डों को देखा तथा कृष्णदेव स्मृति सभागार स्थित पाटलीपुत्र दीर्घा में लगी चित्र प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। इस प्रदर्शनी में मौर्यकालीन वास्तुकला, पाटलीपुत्र की कला-संस्कृति और कुम्हरार उत्खनन से प्राप्त अवशेषों को दर्शाया गया है।
केंद्र सरकार से सहयोग की पहल
अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को जानकारी दी कि कुम्हरार पार्क भारत सरकार के अधीन है और इसका संरक्षण भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग द्वारा किया जा रहा है। इस पर मुख्यमंत्री ने स्पष्ट रूप से कहा कि इतनी महत्वपूर्ण ऐतिहासिक धरोहर के संरक्षण और बेहतर विकास के लिए केंद्र सरकार को पत्र लिखा जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कुम्हरार पार्क मगध साम्राज्य के गौरवशाली इतिहास का साक्षी है और यहां बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं। देश ही नहीं, बल्कि विदेशों से भी इतिहास में रुचि रखने वाले लोग इस स्थल को देखने पहुंचते हैं। ऐसे में पार्क परिसर, प्रदर्शनी और अवशेषों का रखरखाव और अधिक व्यवस्थित व आकर्षक होना चाहिए।
मौर्यकालीन सभागार का ऐतिहासिक महत्व
गौरतलब है कि 20वीं सदी में हुए उत्खनन के दौरान कुम्हरार में मौर्यकाल का एक विशाल सभागार प्रकाश में आया था, जिसमें 80 स्तंभ लगे थे। यह सभागार स्तंभों की सुनियोजित पंक्तियों और भव्य संरचना के कारण ऐतिहासिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।
हालांकि, शहरी विकास और भू-जल स्तर बढ़ने के कारण ये अवशेष जलमग्न होने लगे थे, जिससे उनके अस्तित्व पर संकट उत्पन्न हो गया। विशेषज्ञों की सलाह पर वर्ष 2005 में इन अवशेषों को मिट्टी और बालू से ढंककर संरक्षित किया गया।
उपस्थित रहे ये अधिकारी
निरीक्षण के दौरान जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, सचिव कुमार रवि, जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एस.एम. और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।
कुम्हरार पार्क को अंतरराष्ट्रीय स्तर के ऐतिहासिक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की दिशा में यह निरीक्षण एक अहम कदम माना जा रहा है।

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