:
Breaking News

कर्म से बनती है पहचान, पद से नहीं: CNLU दीक्षांत में CJI सूर्यकांत का प्रेरक संदेश

top-news
https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

पटना।चाणक्य राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय (CNLU) के दीक्षांत समारोह में सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने विद्यार्थियों को सफलता और मूल्यबोध का नया दृष्टिकोण दिया। उन्होंने कहा कि इंसान की असली पहचान उसके जन्म, ओहदे या परिचय से नहीं, बल्कि उसके कर्म, चरित्र और निरंतर प्रयास से बनती है।
मुख्य न्यायाधीश ने स्नातक विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि आज उन्हें जो उपलब्धि मिली है, वह किसी संयोग या विरासत का नतीजा नहीं, बल्कि वर्षों की मेहनत, अनुशासन, धैर्य और आत्मसंयम का परिणाम है। डिग्री केवल एक प्रमाण-पत्र नहीं, बल्कि इस बात की स्वीकृति है कि उन्होंने कठिन परिस्थितियों में भी सीखने और आगे बढ़ने की क्षमता दिखाई है।
बिहार की ऐतिहासिक और बौद्धिक विरासत का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यह धरती सदियों से विचार, तर्क और नैतिकता का केंद्र रही है। बुद्ध की करुणा, महावीर की सत्यनिष्ठा, डॉ. राजेंद्र प्रसाद की सेवा भावना और जयप्रकाश नारायण के विचारों ने न केवल राज्य, बल्कि देश के लोकतांत्रिक और सार्वजनिक जीवन को दिशा दी है।
युवा वकीलों को आत्मविश्वास बनाए रखने की सलाह देते हुए न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने कहा कि पेशेवर जीवन में सफलता को केवल पद, वेतन या त्वरित पहचान से नहीं मापा जाना चाहिए। किसी वकील की काबिलियत न तो पहले मुकदमे से तय होती है और न ही शुरुआती असफलताओं से खत्म हो जाती है। परिश्रम और जिम्मेदारी से जुड़ी महत्वाकांक्षा कमजोरी नहीं, बल्कि आगे बढ़ने की ताकत होती है।
उन्होंने कहा कि असफलताएं किसी करियर का अंत नहीं, बल्कि सीखने और खुद को मजबूत करने का अवसर होती हैं। अपने लगभग चार दशकों के अनुभव का हवाला देते हुए उन्होंने बताया कि कानून का पेशा धैर्य, आत्ममंथन और निरंतर प्रयास की सच्ची कसौटी है।
समापन संदेश में उन्होंने जीवन और पेशे के बीच संतुलन बनाए रखने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यदि कानून जीवन पर पूरी तरह हावी हो जाए, तो संवेदनशीलता और न्यायबोध कमजोर पड़ सकता है। कक्षा के बाहर की दोस्ती, संवाद और विश्राम के क्षण व्यक्ति को बेहतर इंसान और बेहतर वकील बनाते हैं।
मुख्य न्यायाधीश ने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे कानून से परे अपनी मानवीय पहचान को सहेजकर रखें, क्योंकि वही उन्हें एक संवेदनशील, संतुलित और प्रभावशाली विधि विशेषज्ञ 

https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *