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कड़ाके की ठंड ने बदला स्कूलों का शेड्यूल, बिहार के कई जिलों में प्रशासन अलर्ट

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बिहार में शीतलहर का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। राजधानी पटना समेत कई जिलों में तापमान तेजी से गिरने के कारण जनजीवन प्रभावित है। खासतौर पर छोटे बच्चों की सेहत को देखते हुए जिला प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाते हुए स्कूलों को लेकर अहम फैसले किए हैं।
पटना में कक्षा 8 तक पढ़ाई पर अस्थायी विराम
पटना जिले में ठंड के मौजूदा हालात को देखते हुए जिला दंडाधिकारी डॉ. त्यागराजन एस.एम. ने बड़ा आदेश जारी किया है। इसके तहत जिले के सभी सरकारी और निजी विद्यालयों, प्री-स्कूल व आंगनबाड़ी केंद्रों में कक्षा 8 तक की शैक्षणिक गतिविधियों पर अस्थायी रूप से रोक लगा दी गई है। यह निर्णय भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा-163 के अंतर्गत लिया गया है।
आदेश के अनुसार यह रोक 4 जनवरी से 8 जनवरी 2026 तक प्रभावी रहेगी। वहीं, कक्षा 9 से ऊपर के विद्यार्थियों के लिए स्कूल सीमित समय-सीमा में संचालित होंगे। अब इन कक्षाओं की पढ़ाई सुबह 10:30 बजे से लेकर दोपहर 3:30 बजे तक ही हो सकेगी। पहले जहां स्कूलों का समय 10 बजे से 4 बजे तक था, उसे संशोधित कर दिया गया है।
हालांकि प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि बोर्ड और प्री-बोर्ड परीक्षाओं से जुड़ी कक्षाएं एवं परीक्षाएं इस प्रतिबंध के दायरे में नहीं आएंगी। इसका उद्देश्य यह है कि परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों की पढ़ाई प्रभावित न हो, जबकि छोटे बच्चों को ठंड से सुरक्षित रखा जा सके।
वैशाली में भी स्कूलों पर लगा ताला
पटना के साथ-साथ वैशाली जिले में भी शीतलहर को देखते हुए प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। जिलाधिकारी वर्षा सिंह के निर्देश पर कक्षा 1 से 8 तक के सभी सरकारी और गैर-सरकारी स्कूल, प्री-स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र 4 से 6 जनवरी तक पूरी तरह बंद रहेंगे।
प्रशासन का कहना है कि मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार ठंड का असर अभी कुछ दिनों तक बना रह सकता है, जिससे बच्चों के स्वास्थ्य पर खतरा बढ़ गया है। हालांकि यहां भी बोर्ड व प्री-बोर्ड से जुड़ी विशेष कक्षाओं को सशर्त छूट दी गई है, लेकिन उन्हें सुबह 10 बजे से पहले और शाम 4 बजे के बाद संचालित नहीं किया जाएगा।
अभिभावकों से अपील
जिला प्रशासन ने अभिभावकों और स्कूल प्रबंधन से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि बच्चों की सेहत सर्वोपरि है। सभी से अनुरोध किया गया है कि वे प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का सख्ती से पालन करें और बच्चों को ठंड से बचाने के लिए आवश्यक सावधानियां बरतें।
साफ है कि बढ़ती ठंड ने बिहार में पढ़ाई की रफ्तार को कुछ दिनों के लिए थाम दिया है, लेकिन प्रशासन का फोकस बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य पर पूरी तरह केंद्रित है।

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