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बिहार के पीडीएस सिस्टम में AI की एंट्री, अब राशन की एक-एक कण पर रहेगी डिजिटल नजर

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पटना।बिहार सरकार ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) को पारदर्शी और भ्रष्टाचार-मुक्त बनाने की दिशा में बड़ा तकनीकी कदम उठाया है। अब गरीबों को मिलने वाले राशन की हर तौल, हर लेनदेन और हर दाने की निगरानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के जरिए की जाएगी।
राज्य की 55,111 राशन दुकानों पर ई-पीओएस मशीनों को डिजिटल तौल मशीनों से जोड़ा जा रहा है, जिससे राशन वितरण के दौरान वजन का पूरा ब्योरा स्वतः रिकॉर्ड होगा। यही व्यवस्था आगामी दिनों में खोली जाने वाली 5,000 नई राशन दुकानों में भी अनिवार्य रूप से लागू की जाएगी। इसको लेकर सभी जिलाधिकारियों और अनुमंडल पदाधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
मैनुअल गड़बड़ी पर लगेगा ब्रेक
खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, ई-पीओएस और तौल मशीनों का एकीकरण लंबे समय से लंबित सुधार था। इस नई व्यवस्था से मानवीय त्रुटियों की गुंजाइश खत्म होगी, लाभार्थियों की पहचान रियल टाइम में होगी और उन्हें निर्धारित मात्रा में ही राशन मिल सकेगा।
सरकार का दावा है कि इससे न केवल राशन वितरण में पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि अनाज की चोरी, कटौती और स्टॉक में हेराफेरी जैसी शिकायतों पर भी प्रभावी रोक लगेगी।
तकनीक के कारण कोई लाभार्थी वंचित नहीं होगा
एआई आधारित इस सिस्टम को इस तरह डिजाइन किया जा रहा है कि तकनीकी समस्या या पहचान संबंधी दिक्कत के कारण किसी भी पात्र व्यक्ति को राशन से वंचित न रहना पड़े।
अब तक कई बार फिंगरप्रिंट न मिलने या अंगुलियों की रेखाएं मिटने की शिकायतें सामने आती रही हैं। इसे ध्यान में रखते हुए सरकार ने फेस रिकग्निशन और आंखों की पुतली (आईरिस) पहचान से भी राशन वितरण की व्यवस्था शुरू करने का निर्णय लिया है।
‘वन नेशन, वन राशन कार्ड’ को मिलेगी मजबूती
नई व्यवस्था से एक राष्ट्र, एक राशन कार्ड योजना को भी मजबूती मिलेगी। प्रवासी मजदूर और अन्य लाभार्थी देश के किसी भी हिस्से में बिना परेशानी के राशन ले सकेंगे। प्रत्येक राशन दुकान पर योजना से जुड़ी पात्रता की जानकारी डिस्प्ले बोर्ड पर स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करना अनिवार्य किया गया है।
AI खुद पकड़ेगा गड़बड़ी
ई-पीओएस और डिजिटल तौल मशीनों के जुड़ते ही प्रदेश भर का रियल-टाइम डेटा विभाग के सर्वर पर पहुंचेगा। एआई इस डेटा का विश्लेषण करेगा और यदि कहीं भी तय मात्रा से कम अनाज वितरण होता है, तो कंट्रोल एंड कमांड सेंटर में स्वतः अलर्ट जनरेट हो जाएगा।
इसके साथ ही, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत यदि कोई उचित मूल्य दुकान संचालक पात्र लाभार्थी को राशन देने से इनकार करता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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