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कांग्रेस का ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’: 10 जनवरी से देशव्यापी आंदोलन, सड़क से संसद तक उठेगी आवाज

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पटना।कांग्रेस पार्टी ने केंद्र सरकार पर महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) को कमजोर करने का आरोप लगाते हुए 10 जनवरी से 25 फरवरी तक राष्ट्रव्यापी जनआंदोलन चलाने का ऐलान किया है। पार्टी ने इस अभियान को ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ नाम दिया है, जिसके जरिए मनरेगा श्रमिकों के रोजगार के अधिकार की रक्षा की जाएगी।
कांग्रेस का कहना है कि केंद्र सरकार की नीतियों के कारण मनरेगा का बजट घटा है, मजदूरी समय पर नहीं मिल रही और काम के दिन सीमित किए जा रहे हैं। ऐसे में यह आंदोलन ग्रामीण मजदूरों की आवाज को गांव से लेकर संसद तक पहुंचाने का माध्यम बनेगा।
8 जनवरी से शुरू होगी रणनीतिक तैयारी
पार्टी सूत्रों के अनुसार, आंदोलन की औपचारिक तैयारी 8 जनवरी से शुरू होगी। इस दिन प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीसीसी) स्तर पर बैठकें आयोजित कर आंदोलन की रूपरेखा, जिम्मेदारियों का बंटवारा और रणनीति तय की जाएगी।
इसके बाद 10 जनवरी को सभी जिलों में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अभियान का औपचारिक आगाज किया जाएगा।
उपवास से लेकर चौपाल तक विरोध की कई परतें
11 जनवरी: एक दिन का प्रतीकात्मक उपवास, जिससे सरकार के खिलाफ शांतिपूर्ण विरोध दर्ज कराया जाएगा।
12 से 29 जनवरी: पंचायत स्तर पर व्यापक जनसंपर्क अभियान। इस दौरान हर ग्राम पंचायत में चौपालें लगेंगी और मनरेगा से जुड़े मुद्दों पर ग्रामीणों से संवाद होगा।
इसी अवधि में विधानसभा क्षेत्रों में नुक्कड़ सभाएं और पर्चा वितरण के जरिए लोगों को जागरूक किया जाएगा।
धरना, घेराव और रैलियों का चरणबद्ध कार्यक्रम
30 जनवरी: वार्ड स्तर पर शांतिपूर्ण धरना।
31 जनवरी से 6 फरवरी: जिलों में ‘मनरेगा बचाओ धरना’।
7 से 15 फरवरी: राज्य स्तर पर विधानसभा घेराव।
16 से 25 फरवरी: अंतिम चरण में आंचलिक स्तर पर अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में ‘मनरेगा बचाओ रैलियां’ आयोजित होंगी।
ग्रामीण गरीबों की जीवनरेखा है मनरेगा
बिहार कांग्रेस के प्रवक्ता असितनाथ तिवारी ने कहा कि मनरेगा ग्रामीण गरीबों के लिए केवल एक योजना नहीं, बल्कि रोजगार की गारंटी और सम्मान के साथ जीवन जीने का आधार है। उन्होंने आरोप लगाया कि बजट में कटौती, मजदूरी भुगतान में देरी और कार्य दिवसों में कमी से करोड़ों परिवारों के रोजगार के अधिकार पर सीधा हमला हुआ है।
उनके अनुसार, कांग्रेस का यह अभियान जनआंदोलन का रूप लेगा, ताकि मनरेगा को कमजोर करने की किसी भी कोशिश का पुरजोर विरोध किया जा सके।

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