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राजस्व कार्यों में लापरवाही नहीं चलेगी: डीएम रोशन कुशवाहा

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समस्तीपुर।जिले की राजस्व व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त करने और आम लोगों को समय पर न्याय दिलाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी रोशन कुशवाहा ने सोमवार को समाहरणालय सभागार में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक के दौरान उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि राजस्व से जुड़े मामलों में अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई तय है।
समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी ने डिजिटल इंडिया लैंड रिकॉर्ड्स आधुनिकीकरण कार्यक्रम के तहत संचालित योजनाओं की प्रगति का विस्तार से जायजा लिया। उन्होंने अंचलवार लंबित मामलों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया कि बिना ठोस कारण कोई भी आवेदन लंबित न रखा जाए।
खारिज-दाखिल मामलों पर विशेष जोर
जिलाधिकारी ने खारिज-दाखिल (म्यूटेशन) के लंबित आवेदनों को लेकर नाराजगी जताई और तय समय सीमा के भीतर निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि भूमि स्वामित्व से जुड़े मामलों में देरी आम लोगों की परेशानी बढ़ाती है, जिसे किसी भी हाल में रोका जाना चाहिए।
परिमार्जन प्लस और ई-मापी की समीक्षा
बैठक में परिमार्जन प्लस पोर्टल पर प्राप्त आवेदनों की स्थिति की भी समीक्षा की गई। डीएम ने निर्देश दिया कि रैयतों की जमाबंदी में सुधार से जुड़े मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए।
इसके साथ ही ई-मापी योजना के तहत जमीन की डिजिटल मापी को पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पूरा करने पर जोर दिया गया, ताकि आम लोगों को बार-बार कार्यालयों का चक्कर न लगाना पड़े।
आधार सीडिंग में तेजी लाने के निर्देश
राजस्व अभिलेखों को आधार से जोड़ने की प्रक्रिया को तेज करने का निर्देश देते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि इससे भविष्य में भूमि से जुड़ी धोखाधड़ी पर प्रभावी रोक लगेगी और रिकॉर्ड अधिक सुरक्षित व भरोसेमंद बनेंगे।
जनता की शिकायतें सुनना प्राथमिक जिम्मेदारी
डीएम रोशन कुशवाहा ने सभी अंचल अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित रूप से जनता की शिकायतें सुनने और राजस्व विवादों का प्राथमिकता के आधार पर समाधान करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि अधिकारियों की जिम्मेदारी केवल फाइलें निपटाने तक सीमित नहीं है, बल्कि आम नागरिकों को राहत पहुंचाना भी उतना ही जरूरी है।
बैठक में अपर समाहर्ता ब्रजेश कुमार, सभी भूमि सुधार उप समाहर्ता (डीसीएलआर), सभी अंचल अधिकारी (सीओ) एवं राजस्व पदाधिकारी (आरओ) उपस्थित रहे।
बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने अधिकारियों से कार्य संस्कृति में सुधार लाने, पारदर्शिता बनाए रखने और आम नागरिकों के प्रति संवेदनशील रवैया अपनाने की अपील की।

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