बिहार विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव एक बार फिर सक्रिय भूमिका में नजर आने वाले हैं। करीब एक महीने तक विदेश प्रवास पर रहने के बाद तेजस्वी यादव भारत लौट चुके हैं। हालांकि अभी वे पटना नहीं पहुंचे हैं, लेकिन राजधानी में उनकी राजनीतिक गतिविधियों को लेकर हलचल तेज हो गई है।
खास बात यह है कि खरमास समाप्त होते ही तेजस्वी यादव बिहार दौरे पर निकलने की तैयारी में हैं। उनकी प्रस्तावित यात्रा को लेकर संगठन स्तर पर तैयारियां लगभग पूरी कर ली गई हैं।
राबड़ी आवास पर दिखी नई बस, यात्रा की तैयारी तेज
इसी बीच आज 10 सर्कुलर रोड स्थित राबड़ी आवास के बाहर एक नया वाहन देखा गया, जिसने सियासी गलियारों में चर्चाओं को और तेज कर दिया है। सूत्रों के अनुसार यह विशेष बस तेजस्वी यादव की आगामी बिहार यात्रा के लिए मंगाई गई है। बताया जा रहा है कि यही बस उनकी राज्यव्यापी यात्रा का मुख्य साधन होगी और राबड़ी आवास से ही वे अपनी यात्रा की शुरुआत करेंगे। यात्रा से जुड़ा विस्तृत कार्यक्रम जल्द जारी किए जाने की संभावना है।
संगठन को मजबूत करने पर रहेगा फोकस
तेजस्वी यादव की इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य पार्टी संगठन को मजबूती देना बताया जा रहा है। दौरे के दौरान वे राष्ट्रीय जनता दल के जिला अध्यक्षों, प्रखंड अध्यक्षों, प्रधान महासचिवों सहित नए और पुराने संगठनात्मक पदाधिकारियों से सीधी बातचीत करेंगे। इस दौरान जमीनी हकीकत, कार्यकर्ताओं की भूमिका और संगठन की कमियों पर मंथन किया जाएगा।
इसके साथ ही तेजस्वी यादव जनता के बीच जाकर यह सवाल भी उठाएंगे कि बिहार के जनादेश के साथ किस तरह कथित तौर पर “छेड़छाड़” हुई। जानकारी के अनुसार तेजस्वी यादव 10 जनवरी को पटना लौटेंगे और इसके बाद खरमास खत्म होते ही यात्रा पर निकलेंगे।
नीतीश कुमार भी एक्टिव, विकास योजनाओं की करेंगे समीक्षा
राजनीतिक हलचल सिर्फ विपक्ष तक सीमित नहीं है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी खरमास के बाद सक्रिय नजर आएंगे। सूत्रों के मुताबिक चुनाव के बाद मुख्यमंत्री एक व्यापक समीक्षा यात्रा पर निकलने की योजना बना रहे हैं। इस दौरान उनके साथ सरकार के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहेंगे।
नीतीश कुमार की यात्रा का उद्देश्य पहले से घोषित और शिलान्यास की गई विकास व कल्याणकारी योजनाओं की जमीनी प्रगति का जायजा लेना है। वे स्वयं स्थलों पर पहुंचकर योजनाओं की स्थिति की समीक्षा करेंगे और अधिकारियों से सीधे फीडबैक लेंगे।
बिहार में सियासी सरगर्मी बढ़ी
कुल मिलाकर, खरमास के बाद बिहार की राजनीति में एक बार फिर तेजी आने के संकेत मिल रहे हैं। एक तरफ नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव संगठन को धार देने की कोशिश में जुटेंगे, तो दूसरी ओर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार विकास कार्यों के जरिए सरकार की सक्रियता दिखाएंगे। आने वाले दिनों में दोनों नेताओं की यात्राएं राज्य की राजनीति को नई दिशा देने वाली साबित हो सकती हैं।