समस्तीपुर में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का आज का दौरा विकास और जनसंवाद का संगम साबित हुआ। दूसरे चरण की समृद्धि यात्रा के तहत मुख्यमंत्री ने जिले को 827 करोड़ रुपये की विकास योजनाओं की सौगात दी। इसमें शामिल हैं 71 योजनाओं का शिलान्यास 470.24 करोड़ रुपये की लागत से, 74 योजनाओं का उद्घाटन 273.02 करोड़ रुपये की लागत से और 43 योजनाओं का कार्य प्रारंभ 83.89 करोड़ रुपये की लागत से। ये योजनाएं सड़क, पुल, भवन, ग्रामीण विकास और पंचायत राज सहित विभिन्न विभागों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में सहायक होंगी।
समस्तीपुर में जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि बिहार अब विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है। उन्होंने अपने भाषण में पहले की सरकारों पर निशाना साधा और कहा कि 2005 से पहले बिहार की स्थिति बेहद खराब थी। उन्होंने याद दिलाया कि उस समय लोग शाम के बाद घर से बाहर निकलने में डरते थे, समाज में धार्मिक और सामाजिक विवाद आम थे, शिक्षा और स्वास्थ्य की स्थिति चिंताजनक थी, और सड़कों और बुनियादी ढांचे की हालत दयनीय थी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने सत्ता में आने के बाद राज्य में भय और असुरक्षा के माहौल को समाप्त किया। अब बिहार में शांति, भाईचारा और कानून का शासन है। उन्होंने शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्रों में किए गए सुधारों और सड़क, पुल, बिजली और जल आपूर्ति जैसी बुनियादी योजनाओं को भी साझा किया। उन्होंने बताया कि सात निश्चय योजना के तहत हर घर तक बिजली, हर घर नल का जल, हर घर शौचालय और टोलों को पक्की सड़कों से जोड़ने का काम पूरा हो चुका है।
सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि अब लगभग सभी घरेलू उपभोक्ताओं को बिजली मुफ्त प्रदान की जा रही है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि महिला सशक्तीकरण और ग्रामीण विकास को प्राथमिकता दी गई है। मुख्यमंत्री ने आने वाले पांच वर्षों (2025-2030) में सात निश्चय-3 के माध्यम से विकास की गति और तेज करने की योजना साझा की।
जनसभा में उन्होंने यह भी कहा कि पिछले चार कार्यकालों (2005-2010, 2010-2015, 2015-2020, 2020-2025) में हर क्षेत्र में विकास कार्य किए गए हैं, चाहे वह शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली, कृषि या महिला सशक्तीकरण हो। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार का भी पूर्ण सहयोग मिल रहा है और आने वाले वर्षों में बिहार का विकास और तेजी से होगा।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के दौरे में सरायरंजन इंजीनियरिंग कॉलेज का निरीक्षण, विभिन्न विभागों के स्टॉलों का अवलोकन, हाउसिंग बोर्ड मैदान में समीक्षा बैठक, और निर्माणाधीन पुलों का जायजा शामिल था। इसके साथ ही उन्होंने लोगों से सीधा संवाद किया और जीविका दीदियों से भी चर्चा की।
समस्तीपुर दौरे के साथ ही समृद्धि यात्रा के दूसरे चरण का यह अंतिम पड़ाव पूरा हुआ। मुख्यमंत्री ने जनता और अधिकारियों से संवाद के जरिए विकास योजनाओं की प्रभावशीलता और क्रियान्वयन की समीक्षा की, ताकि राज्य में विकास की गति और अधिक बढ़ाई जा सके।