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NEET छात्रा कांड: वैज्ञानिक साक्ष्यों के घेरे में आरोपी, CCTV और कॉल रिकॉर्ड से SIT ने 5 संदिग्ध दबोचे

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पटना: राजधानी पटना में NEET की तैयारी कर रही नाबालिग छात्रा के साथ हुई हैवानियत के मामले में अब जांच निर्णायक मोड़ पर पहुंचती दिख रही है। विशेष जांच टीम (SIT) ने तकनीकी और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर पांच संदिग्धों को हिरासत में लिया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, छात्रा के कपड़ों से मिले जैविक साक्ष्यों का डीएनए मिलान इन्हीं संदिग्धों से कराया जा रहा है, जिससे मुख्य आरोपी की पहचान लगभग तय मानी जा रही है।
जांच से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि घटनास्थल और उसके आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज के साथ-साथ कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) ने संदिग्धों की मौजूदगी को घटना के समय के आसपास साबित किया है। डिजिटल लोकेशन, मोबाइल गतिविधि और आपसी संपर्क के तकनीकी विश्लेषण के बाद SIT इस निष्कर्ष पर पहुंची है कि अपराध की कड़ी इन्हीं युवकों के इर्द-गिर्द घूम रही है।
सूत्रों के मुताबिक, हिरासत में लिए गए सभी संदिग्धों से गहन पूछताछ की जा रही है और फॉरेंसिक रिपोर्ट आते ही पुलिस किसी भी समय इस जघन्य अपराध का आधिकारिक खुलासा कर सकती है। पॉक्सो एक्ट लागू होने के कारण पुलिस बिना ठोस वैज्ञानिक पुष्टि के जल्दबाजी में नाम सार्वजनिक नहीं कर रही है।
यह मामला उस 17 वर्षीय छात्रा से जुड़ा है, जो पटना के एक गर्ल्स हॉस्टल में रहकर NEET की तैयारी कर रही थी। 6 जनवरी 2026 को वह संदिग्ध हालत में बेहोश मिली थी और 11 जनवरी को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी।
शुरुआत में पुलिस ने इस मामले को डिप्रेशन के चलते नींद की गोलियों के ओवरडोज से हुई आत्महत्या बताया था, लेकिन परिजनों के दबाव और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद यह दावा धराशायी हो गया। पोस्टमार्टम में शरीर पर चोट के निशान और यौन हिंसा की पुष्टि होने से साफ हो गया कि यह मामला आत्महत्या नहीं, बल्कि सुनियोजित अपराध का है।
फॉरेंसिक जांच में छात्रा के कपड़ों पर मिले जैविक साक्ष्य इस केस की सबसे अहम कड़ी बनकर सामने आए हैं। इन्हीं साक्ष्यों के आधार पर डीएनए प्रोफाइलिंग की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। छात्रा के नाबालिग होने की पुष्टि के बाद मामले में पॉक्सो एक्ट की धाराएं जोड़ी गई हैं, जिससे दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलने की संभावना है।
इस पूरे मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में चित्रगुप्त नगर थाना प्रभारी और कदमकुआं थाने के एक अवर निरीक्षक को निलंबित किया जा चुका है। अब पूरे प्रदेश की निगाहें SIT की अगली कार्रवाई और आरोपी के नाम के आधिकारिक खुलासे पर टिकी हुई हैं।

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