:
Breaking News

30 जनवरी: जब आज़ाद भारत की आत्मा को लहूलुहान किया गया

top-news
https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

आज 30 जनवरी है—वह तारीख़ जिसने देश को यह सिखाया कि गोली शरीर को छलनी कर सकती है, विचारों को नहीं। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर पूरा देश शहीद दिवस के रूप में उन्हें नमन कर रहा है। सत्ता के गलियारों से लेकर सड़कों तक, बापू की शहादत को याद करते हुए उनके विचारों को आज के दौर में अपनाने का संकल्प दोहराया गया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर संदेश जारी कर कहा कि महात्मा गांधी का स्वदेशी पर बल ही आत्मनिर्भर और विकसित भारत की बुनियाद है। उन्होंने कहा कि बापू का जीवन और दर्शन देशवासियों को सदैव कर्तव्य पथ पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता रहेगा। प्रधानमंत्री ने यह भी रेखांकित किया कि अहिंसा वह शक्ति है, जो बिना हथियार दुनिया को बदलने की क्षमता रखती है और आज के अशांत वैश्विक माहौल में यह संदेश पहले से कहीं अधिक प्रासंगिक है।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी राष्ट्रपिता को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि गांधी जी ने भाषा, जाति और क्षेत्र में बंटे भारत को एक सूत्र में बांधा। स्वदेशी, स्वाधीनता और स्वच्छता को जोड़कर उन्होंने जिस भारत की कल्पना की, वह आज भी देश की नीति और राजनीति दोनों को दिशा दे रही है।
दिल्ली से लेकर बिहार तक गांधी को याद करने का सिलसिला जारी रहा। आरा और समस्तीपुर सहित कई स्थानों पर श्रद्धांजलि सभाओं का आयोजन हुआ। समस्तीपुर में आरके सदर अस्पताल परिसर में गांव गरीब चेतना मंच की ओर से श्रद्धांजलि सभा सह विश्व शांति और सद्भावना समारोह आयोजित किया गया। महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर लोगों ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। वक्ताओं ने कहा कि जिस तरह गांधी जी ने अहिंसा को हथियार बनाकर साम्राज्यवाद की नींव हिला दी, वह केवल इतिहास नहीं, बल्कि भविष्य का मार्गदर्शक है।
सभा में यह बात प्रमुखता से उभरी कि आज जब राजनीति में कटुता, समाज में विभाजन और दुनिया में युद्ध का शोर है, तब गांधी के विचार और अधिक ज़रूरी हो जाते हैं। सत्य, अहिंसा और सद्भाव—यही बापू की असली विरासत है। वक्ताओं ने कहा कि गांधी को सच्ची श्रद्धांजलि केवल औपचारिक आयोजनों से नहीं, बल्कि उनके दिखाए रास्ते पर चलकर ही दी जा सकती है।
30 जनवरी सिर्फ़ एक तारीख़ नहीं है, बल्कि यह चेतावनी भी है कि सत्ता की सबसे बड़ी ताक़त नैतिकता होती है। अगर राजनीति गांधी के रास्ते से भटकी, तो लोकतंत्र की आत्मा को सबसे गहरी चोट पहुंचेगी।

https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *