समस्तीपुर | 30 जनवरी 2026
आगामी इंटरमीडिएट वार्षिक परीक्षा-2026 को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष एवं कदाचारमुक्त ढंग से संपन्न कराने के लिए समस्तीपुर जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। इसी क्रम में गुरुवार को समाहरणालय सभागार में जिलाधिकारी श्री रोशन कुशवाहा एवं पुलिस अधीक्षक श्री अरविंद प्रताप सिंह की संयुक्त अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले के सभी जोनल दंडाधिकारी, गश्ती दल दंडाधिकारी एवं संबंधित पुलिस पदाधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा व्यवस्था, विधि-व्यवस्था, कदाचार रोकथाम और बुनियादी सुविधाओं को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी परीक्षा केंद्रों के आसपास निषेधाज्ञा प्रभावी रहेगी और केंद्रों के 500 मीटर के दायरे में अनधिकृत व्यक्तियों का प्रवेश पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। उन्होंने गश्ती दलों को निर्देशित किया कि परीक्षा प्रारंभ होने से पहले ही भ्रमणशील रहकर सतर्कता बरती जाए और परीक्षा समाप्ति तक निरंतर निगरानी रखी जाए।
पुलिस अधीक्षक श्री अरविंद प्रताप सिंह ने बैठक में दो टूक कहा कि परीक्षा में कदाचार को लेकर ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई जाएगी। नकल माफिया, असामाजिक तत्व या परीक्षा की शुचिता को भंग करने का प्रयास करने वालों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि सभी परीक्षा केंद्रों पर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल के साथ-साथ महिला पुलिस कर्मियों की भी तैनाती सुनिश्चित की गई है।
बैठक में परीक्षार्थियों की तलाशी व्यवस्था पर भी विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि प्रत्येक परीक्षार्थी की दो चरणों में सघन फ्रिस्किंग की जाए। परीक्षा केंद्र के मुख्य द्वार पर दंडाधिकारी की उपस्थिति में गहन जांच होगी, ताकि मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच या किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण को केंद्र के भीतर ले जाने से रोका जा सके।
जिलाधिकारी ने सभी केंद्राधीक्षकों को यह भी निर्देश दिया कि परीक्षा केंद्रों पर आवश्यक बुनियादी सुविधाएं जैसे पेयजल, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, शौचालय और प्राथमिक चिकित्सा की समुचित व्यवस्था अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाए। साथ ही, परीक्षार्थियों को निर्धारित समय सीमा के भीतर ही प्रवेश देने का सख्त पालन करने को कहा गया।
संवेदनशील परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से विशेष निगरानी रखने का निर्देश दिया गया है। वहीं, जोनल दंडाधिकारियों को प्रत्येक पाली की समाप्ति के बाद अपनी विस्तृत रिपोर्ट जिला मुख्यालय को उपलब्ध कराने का आदेश दिया गया, ताकि किसी भी स्थिति में त्वरित कार्रवाई की जा सके।
बैठक के अंत में जिलाधिकारी श्री रोशन कुशवाहा ने कहा कि प्रशासन का लक्ष्य समस्तीपुर जिले में एक आदर्श और निष्पक्ष परीक्षा वातावरण तैयार करना है। उन्होंने अभिभावकों और परीक्षार्थियों से भी अपील की कि वे परीक्षा की गरिमा बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें, ताकि इंटरमीडिएट परीक्षा-2026 सफलतापूर्वक संपन्न हो सके।