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दरभंगा में वर्दी पर उठे गंभीर सवाल, दवा व्यवसायी का आरोप—थाने के भीतर मारपीट और झूठे केस की धमकी

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दरभंगा। जिले में पुलिस की कार्यशैली एक बार फिर कटघरे में है। बेंता थानाध्यक्ष पर महिला डॉक्टर से बदसलूकी का मामला अभी ठंडा भी नहीं पड़ा था कि अब कुशेश्वरस्थान थाना एक नए विवाद के केंद्र में आ गया है। यहां एक दवा व्यवसायी ने थानाध्यक्ष और एक एसआई पर थाने के अंदर मारपीट, गाली-गलौज और झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देने जैसे संगीन आरोप लगाए हैं। मामला सामने आते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।पीड़ित दवा व्यवसायी आनंद खेतान ने एसएसपी को दिए लिखित आवेदन में दावा किया है कि पूरी घटना थाना परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा है कि अगर निष्पक्ष जांच हुई तो सच्चाई खुद सामने आ जाएगी। शिकायत की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी जगुनाथ रेड्डी ने तत्काल जांच के आदेश देते हुए बिरौल एसडीपीओ प्रभाकर चौधरी को जिम्मेदारी सौंपी है।आवेदन के मुताबिक, एक फरवरी को आनंद खेतान दो दिन पहले कटे चालान की जानकारी लेने कुशेश्वरस्थान थाना पहुंचे थे। उस वक्त थानाध्यक्ष मौजूद नहीं थे। ड्यूटी पर तैनात एसआई अंशु कुमारी से पूछताछ के दौरान कथित तौर पर तीखी नोकझोंक हुई। व्यवसायी का कहना है कि उन्होंने विवाद बढ़ाए बिना थाना छोड़ दिया और अपनी दुकान लौट गए, लेकिन यहीं से मामला खत्म नहीं हुआ।कुछ देर बाद थानाध्यक्ष के आने की सूचना मिली तो वह दोबारा थाना पहुंचे। आरोप है कि उन्हें देखते ही एसआई अंशु कुमारी का व्यवहार और आक्रामक हो गया। चौकीदार के जरिए उनका मोबाइल फोन जब्त करवा लिया गया। स्थिति बिगड़ती देख आनंद खेतान के भाई सतीश खेतान भी थाना पहुंच गए, लेकिन इससे हालात और ज्यादा तनावपूर्ण हो गए।आरोप है कि इसके बाद एसआई मनोज कुमार शर्मा और थानाध्यक्ष अंकित चौधरी ने दोनों भाइयों को कम्प्यूटर रूम में बंद कर दिया। वहां गाली-गलौज के साथ कथित तौर पर मारपीट की गई। बाजार में घटना की खबर फैलते ही आसपास के व्यवसायी थाना पहुंच गए, तब कहीं जाकर पुलिस ने पीआर बांड पर दोनों भाइयों को छोड़ा।शिकायत में सबसे चौंकाने वाला आरोप यह है कि थाने से निकलते समय एसआई मनोज कुमार शर्मा और एसआई अंशु कुमारी ने दोनों भाइयों को खुली धमकी दी। कहा गया कि अगर इस घटना की शिकायत किसी वरीय अधिकारी या मीडिया से की गई तो महिला एसआई के कपड़े फाड़ने का झूठा आरोप लगाकर जेल भिजवा दिया जाएगा। इस आरोप ने पूरे मामले को और भी संवेदनशील बना दिया है।इस प्रकरण पर एसएसपी जगुनाथ रेड्डी ने कहा है कि शिकायत को गंभीरता से लिया गया है और निष्पक्ष जांच कराई जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच में जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।अब सबकी नजरें एसडीपीओ की जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं। सवाल यह है कि क्या सीसीटीवी फुटेज सच उजागर करेगा या फिर यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा। दरभंगा में लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों ने आम लोगों के मन में पुलिस की भूमिका और भरोसे पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।

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