:
Breaking News

फिर गूंजेगी सबेया की उड़ान: संसद से तेज हुई पहल, गोपालगंज का ऐतिहासिक एयरपोर्ट पुनर्जीवन की राह पर

top-news
https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

गोपालगंज। कभी द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान सैन्य विमानों की आवाज से गूंजने वाला गोपालगंज का ऐतिहासिक सबेया एयरपोर्ट अब एक बार फिर आसमान छूने की तैयारी में है। दशकों से खामोश पड़े इस हवाई अड्डे को चालू कराने की मांग अब संसद तक पहुंच गई है, जिससे इसके पुनर्जीवन की उम्मीदें तेज हो गई हैं। लोकसभा के बजट सत्र में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाते हुए क्षेत्र के सांसद डॉ. आलोक कुमार सुमन ने केंद्र सरकार से वित्तीय सहयोग और विकास प्रक्रिया को गति देने की अपील की है।
सांसद ने सदन में कहा कि सबेया एयरपोर्ट पहले से ही केंद्र की क्षेत्रीय कनेक्टिविटी योजना ‘उड़ान’ में शामिल है, इसलिए इसके निर्माण और संचालन को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने इसे उत्तर बिहार के लिए रणनीतिक और आर्थिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इसके चालू होने से व्यापार, पर्यटन और आवागमन के नए रास्ते खुलेंगे।
सबेया एयरपोर्ट का इतिहास काफी पुराना और गौरवपूर्ण रहा है। अंग्रेजी शासनकाल में 1868 में करीब 517 एकड़ जमीन पर इसका निर्माण कराया गया था। द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान इसका इस्तेमाल सैन्य गतिविधियों के लिए किया गया। आजादी के बाद यह रक्षा मंत्रालय के अधीन चला गया और धीरे-धीरे उपेक्षा का शिकार होकर बंद पड़ा रहा।
अब लंबे अंतराल के बाद इसके पुनर्विकास की प्रक्रिया ने गति पकड़ी है। जिला प्रशासन ने एयरपोर्ट की करीब 432 एकड़ जमीन की जमाबंदी पूरी कर ली है और जल्द ही अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू होने वाली है। साथ ही बाउंड्री निर्माण का काम भी प्रारंभ कर दिया गया है। गोपालगंज के जिलाधिकारी पवन कुमार सिन्हा ने बताया कि प्रशासन हर स्तर पर इस परियोजना को आगे बढ़ाने में सहयोग कर रहा है और राज्य सरकार भी इस पर लगातार नजर रखे हुए है।
सांसद निधि से एयरपोर्ट की घेराबंदी के लिए पिलर लगाने का कार्य भी शुरू हो चुका है। बाउंड्री निर्माण पूरा होने के बाद जमीन नागरिक उड्डयन मंत्रालय को हस्तांतरित की जाएगी, जिसके पश्चात घरेलू उड़ान सेवाओं के संचालन के लिए विमान कंपनियों से निविदा प्रक्रिया शुरू होगी।
राजनीतिक स्तर पर भी इस परियोजना को लेकर सकारात्मक संकेत मिल रहे हैं। सांसद के अनुसार रक्षा मंत्रालय ने सहयोग का भरोसा दिया है, जबकि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी एयरपोर्ट को जल्द चालू कराने के लिए प्रतिबद्धता जताई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि सबेया एयरपोर्ट के चालू होने से गोपालगंज और पड़ोसी सीवान जिले के लाखों लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। खासकर उन परिवारों को राहत मिलेगी, जिनके सदस्य खाड़ी देशों सहित विदेशों में काम करते हैं। उड़ान सेवा शुरू होने से समय की बचत, व्यापारिक गतिविधियों में तेजी और स्थानीय रोजगार के अवसरों में वृद्धि की संभावना है।
यदि सभी प्रक्रियाएं तय समय पर पूरी हुईं, तो उम्मीद जताई जा रही है कि अगले वित्तीय वर्ष से सबेया एयरपोर्ट से घरेलू उड़ानों का संचालन शुरू हो सकता है, जिससे दशकों से बंद पड़ा यह ऐतिहासिक रनवे फिर से जीवन्त हो उठेगा।

https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *