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रोसड़ा अनुमंडल में धूमधाम से मनाया गया बिहार दिवस, रैली-सांस्कृतिक कार्यक्रमों से गूंजा ‘उन्नत बिहार’ का संदेश

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मोहम्मद आलम प्रधान संपादक 

      (alanki khabar.com)

समस्तीपुर/रोसड़ा: बिहार दिवस 2026 के अवसर पर जहां पूरे राज्य में उत्सव का माहौल रहा, वहीं समस्तीपुर जिले के रोसड़ा अनुमंडल में भी इस खास दिन को पूरे उत्साह, उमंग और गरिमा के साथ मनाया गया। ‘उन्नत बिहार, उज्ज्वल बिहार’ की थीम के साथ आयोजित कार्यक्रमों में प्रशासनिक पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, छात्रों और आम नागरिकों की भागीदारी ने इस आयोजन को यादगार बना दिया। रोसड़ा अनुमंडल मुख्यालय से लेकर प्रखंड और पंचायत स्तर तक बिहार दिवस को लेकर विभिन्न कार्यक्रमों की धूम रही।

सुबह की शुरुआत प्रभातफेरी और जागरूकता रैली के साथ हुई। स्कूली बच्चों, एनसीसी कैडेट्स, स्वयंसेवी संस्थाओं और स्थानीय युवाओं ने हाथों में बैनर और तख्तियां लेकर शहर के प्रमुख मार्गों पर रैली निकाली। “बिहार हमारा गौरव है”, “शिक्षित बिहार, विकसित बिहार” जैसे नारों से पूरा वातावरण गूंज उठा। इस रैली का उद्देश्य लोगों को बिहार के गौरवशाली इतिहास, संस्कृति और विकास की दिशा में जागरूक करना था। रास्ते में लोगों ने रैली का स्वागत किया और बच्चों का उत्साहवर्धन किया।

इसके बाद अनुमंडल कार्यालय परिसर में मुख्य समारोह का आयोजन किया गया, जहां अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) की अगुवाई में कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन के साथ हुई। कार्यक्रम में प्रशासनिक अधिकारियों ने बिहार के इतिहास, संस्कृति और विकास यात्रा पर प्रकाश डाला। वक्ताओं ने कहा कि बिहार केवल एक राज्य नहीं, बल्कि ज्ञान, संस्कृति और सभ्यता की एक महान धरोहर है, जिसने पूरे देश को दिशा देने का काम किया है।

कार्यक्रम के दौरान स्कूली बच्चों द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दी गईं, जिन्होंने सभी का मन मोह लिया। बच्चों ने लोकगीत, नृत्य, नाटक और कविता के माध्यम से बिहार की संस्कृति और परंपराओं को जीवंत कर दिया। खासकर छठ पूजा, मिथिला पेंटिंग और लोकजीवन पर आधारित प्रस्तुतियों ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया। मंच पर प्रस्तुत नाटक में बिहार के ऐतिहासिक गौरव और सामाजिक बदलाव की झलक देखने को मिली, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा।

रोसड़ा अनुमंडल के विभिन्न स्कूलों और कॉलेजों में भी बिहार दिवस को लेकर प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। निबंध लेखन, भाषण, चित्रकला और क्विज प्रतियोगिता के माध्यम से छात्रों को बिहार के इतिहास और वर्तमान विकास से जोड़ने का प्रयास किया गया। विजेताओं को प्रमाण पत्र और पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया, जिससे छात्रों में उत्साह और आत्मविश्वास बढ़ा।

इस मौके पर प्रशासन की ओर से विभिन्न विकास योजनाओं की जानकारी भी लोगों को दी गई। जीविका समूहों, महिला सशक्तिकरण योजनाओं, शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़ी योजनाओं के बारे में विस्तार से बताया गया। अधिकारियों ने कहा कि बिहार के विकास में आम जनता की भागीदारी सबसे महत्वपूर्ण है और सभी को मिलकर राज्य को आगे बढ़ाने का संकल्प लेना चाहिए।

कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि बिहार दिवस हमें अपने अतीत पर गर्व करने और भविष्य के लिए संकल्प लेने का अवसर देता है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे शिक्षा और कौशल के माध्यम से खुद को सशक्त बनाएं और राज्य के विकास में योगदान दें। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना ही असली लक्ष्य होना चाहिए।

रोसड़ा अनुमंडल के ग्रामीण क्षेत्रों में भी बिहार दिवस को लेकर खासा उत्साह देखा गया। पंचायत स्तर पर सांस्कृतिक कार्यक्रम, खेलकूद प्रतियोगिता और सामूहिक बैठकों का आयोजन किया गया। गांवों में लोगों ने एकजुट होकर अपने क्षेत्र के विकास और सामाजिक एकता का संदेश दिया। कई जगहों पर स्वच्छता अभियान और वृक्षारोपण कार्यक्रम भी चलाए गए, जिससे पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया।

बिहार दिवस के इस आयोजन में महिलाओं की भागीदारी भी उल्लेखनीय रही। जीविका समूहों की महिलाओं ने अपने उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई और आत्मनिर्भरता की दिशा में अपने प्रयासों को प्रदर्शित किया। इससे न केवल महिलाओं का आत्मविश्वास बढ़ा, बल्कि स्थानीय उत्पादों को भी पहचान मिली।

कार्यक्रम के दौरान प्रशासन की ओर से सुरक्षा और व्यवस्था के भी पुख्ता इंतजाम किए गए थे। पुलिस बल की तैनाती और ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए विशेष इंतजाम किए गए थे, जिससे कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सका।

इस अवसर पर वक्ताओं ने बिहार के ऐतिहासिक महत्व पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि बिहार की धरती ने महात्मा बुद्ध, भगवान महावीर, चाणक्य और सम्राट अशोक जैसे महान व्यक्तित्वों को जन्म दिया है। नालंदा और विक्रमशिला जैसे विश्वविद्यालयों ने इसे विश्व स्तर पर पहचान दिलाई। यह राज्य ज्ञान, आध्यात्म और संस्कृति का केंद्र रहा है, जिसकी विरासत आज भी हमें प्रेरित करती है।

रोसड़ा अनुमंडल में आयोजित बिहार दिवस का यह कार्यक्रम केवल एक उत्सव नहीं था, बल्कि यह एक संदेश भी था—अपने अतीत पर गर्व करते हुए भविष्य की ओर बढ़ने का। इस आयोजन ने यह साबित कर दिया कि जब समाज के सभी वर्ग एक साथ आते हैं, तो विकास की राह और भी आसान हो जाती है।

कुल मिलाकर, रोसड़ा अनुमंडल में बिहार दिवस का आयोजन उत्साह, अनुशासन और जनभागीदारी का बेहतरीन उदाहरण रहा। इस कार्यक्रम ने न केवल लोगों को अपनी जड़ों से जोड़ने का काम किया, बल्कि उन्हें राज्य के विकास में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित भी किया। बिहार दिवस के इस जश्न ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि बिहार केवल एक राज्य नहीं, बल्कि एक विचार, एक भावना और एक साझा पहचान है, जिसे आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी हम सभी की है।

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