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ग्रामीण प्रतिभाओं को मंच देने में माय भारत समस्तीपुर की सराहनीय पहल, रोसड़ा में दो दिवसीय खेल प्रतियोगिता से उभरी नई ऊर्जा

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समस्तीपुर/रोसड़ा, 26 मार्च 2026।
समस्तीपुर जिले के रोसड़ा अनुमंडल अंतर्गत मिर्जापुर स्थित स्कॉलर्स इंटरनेशनल स्कूल परिसर में दो दिवसीय खेलकूद प्रतियोगिता का आयोजन उत्साह, अनुशासन और जोश के साथ संपन्न हुआ। भारत सरकार के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के अंतर्गत संचालित ‘माय भारत’ पहल के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम ने ग्रामीण क्षेत्र के छात्र-छात्राओं को अपनी प्रतिभा दिखाने का सशक्त अवसर प्रदान किया। आयोजन के दौरान यह स्पष्ट रूप से देखने को मिला कि गांवों में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है, आवश्यकता केवल उन्हें उचित मंच, मार्गदर्शन और प्रोत्साहन देने की है।
खेल प्रतियोगिता में बड़ी संख्या में ग्रामीण छात्र-छात्राओं ने भाग लेकर आयोजन को जीवंत बना दिया। मिर्जापुर, पांचूपुर और आसपास के क्षेत्रों से आए प्रतिभागियों ने खेल मैदान में जिस आत्मविश्वास, ऊर्जा और खेल भावना का परिचय दिया, उसने यह साबित कर दिया कि ग्रामीण युवाओं में भी उत्कृष्ट खिलाड़ी बनने की अपार क्षमता मौजूद है। इस आयोजन में बालिका उच्च विद्यालय पांचूपुर, स्कॉलर्स इंटरनेशनल स्कूल मिर्जापुर तथा बीएसएस क्लब पांचूपुर के छात्र-छात्राओं के अलावा क्षेत्र के अनेक ग्रामीण प्रतिभागियों ने भी उत्साहपूर्वक भागीदारी निभाई।
प्रतियोगिता के दौरान कबड्डी, वॉलीबॉल, दौड़ तथा गोला फेंक जैसी विभिन्न खेल विधाओं का आयोजन किया गया। महिला और पुरुष दोनों वर्गों में आयोजित इन प्रतियोगिताओं ने न केवल खिलाड़ियों के शारीरिक कौशल को सामने लाया, बल्कि उनकी मानसिक दृढ़ता, टीम भावना और अनुशासन का भी परिचय दिया। खेल मैदान में लगातार गूंजती तालियां, खिलाड़ियों का उत्साह और दर्शकों का समर्थन पूरे माहौल को रोमांचक बनाए हुए था।
कबड्डी प्रतियोगिता में प्रतिभागियों के बीच जबरदस्त संघर्ष देखने को मिला। महिला वर्ग में खिलाड़ियों ने साहस, संतुलन और सामूहिक रणनीति का बेहतरीन प्रदर्शन किया। मुकाबले के दौरान बालिका उच्च विद्यालय पांचूपुर और बीएसएस क्लब की टीमों ने शानदार खेल दिखाते हुए शीर्ष स्थान प्राप्त किया। वहीं स्कॉलर्स इंटरनेशनल स्कूल मिर्जापुर की टीम ने भी सराहनीय प्रदर्शन करते हुए अपनी उपस्थिति मजबूती से दर्ज कराई। कबड्डी जैसे पारंपरिक खेल में ग्रामीण बालिकाओं की भागीदारी और उनका आत्मविश्वासपूर्ण प्रदर्शन आयोजन की विशेष उपलब्धियों में शामिल रहा।
वॉलीबॉल प्रतियोगिता में भी खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा से दर्शकों को प्रभावित किया। तेज सर्विस, सटीक रिटर्न और बेहतरीन तालमेल ने मुकाबलों को काफी रोमांचक बना दिया। इस प्रतियोगिता में बीएसएस क्लब पांचूपुर ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए पहला स्थान हासिल किया। खिलाड़ियों ने अपने संयम, तकनीकी समझ और टीमवर्क से यह सिद्ध कर दिया कि यदि उन्हें नियमित अभ्यास और मंच मिले तो वे बड़े स्तर पर भी अपनी पहचान बना सकते हैं।
एथलेटिक्स स्पर्धाओं में भी प्रतिभागियों ने उल्लेखनीय प्रदर्शन किया। 200 मीटर और 400 मीटर दौड़ में लड़के और लड़कियों दोनों वर्गों में कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिली। दौड़ प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले प्रतिभागियों के चेहरे पर जीत का जज्बा साफ दिखाई दे रहा था। ट्रैक पर दौड़ते हुए खिलाड़ियों ने जिस जोश और समर्पण का परिचय दिया, उसने पूरे आयोजन को और अधिक ऊर्जावान बना दिया।
पुरुष 400 मीटर दौड़ में बीएसएस क्लब के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए शीर्ष स्थानों पर कब्जा जमाया। गोविंद ने पहला स्थान प्राप्त किया, जबकि अभिनंदन और सुनील ने क्रमशः दूसरा और तीसरा स्थान हासिल किया। इसी प्रकार महिला 400 मीटर दौड़ में भी खिलाड़ियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया, जहां अंशु ने पहला, सोनी ने दूसरा तथा एक अन्य प्रतिभागी अंशु ने तीसरा स्थान प्राप्त कर अपनी क्षमता का परिचय दिया।
200 मीटर दौड़ में स्कॉलर्स इंटरनेशनल स्कूल मिर्जापुर के छात्र-छात्राओं ने विशेष रूप से प्रभावशाली प्रदर्शन किया। महिला वर्ग में साक्षी ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि दुर्गा और राजनंदनी ने क्रमशः दूसरा और तीसरा स्थान हासिल किया। पुरुष वर्ग में सोनू सूद ने प्रथम, पिंकेश ने द्वितीय और अमन ने तृतीय स्थान प्राप्त कर विद्यालय का नाम रोशन किया। इन परिणामों ने यह साबित किया कि ग्रामीण विद्यालयों में भी प्रतिभाशाली खिलाड़ी मौजूद हैं, जिन्हें यदि सही दिशा और अवसर मिले तो वे बड़ी उपलब्धियां हासिल कर सकते हैं।
गोला फेंक प्रतियोगिता में भी खिलाड़ियों ने अपनी ताकत और तकनीकी कौशल का शानदार प्रदर्शन किया। पुरुष वर्ग में गोविंद ने पहला स्थान हासिल किया, जबकि बालमुकुंद और वरुण ने क्रमशः दूसरा और तीसरा स्थान प्राप्त किया। महिला वर्ग में मुस्कान ने प्रथम, खुशबू ने द्वितीय तथा एक अन्य प्रतिभागी खुशबू ने तृतीय स्थान प्राप्त कर अपनी क्षमता का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। गोला फेंक जैसी स्पर्धाओं में ग्रामीण छात्राओं की भागीदारी यह दर्शाती है कि अब लड़कियां भी हर क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए तैयार हैं और अवसर मिलने पर शानदार प्रदर्शन कर सकती हैं।
इस प्रतियोगिता की सबसे बड़ी उपलब्धि यह रही कि इसने ग्रामीण प्रतिभाओं को न केवल अपनी क्षमता दिखाने का अवसर दिया, बल्कि उनमें आत्मविश्वास भी पैदा किया। अक्सर गांवों में ऐसे अनेक छात्र-छात्राएं होते हैं, जिनमें खेल की अद्भुत प्रतिभा छिपी होती है, लेकिन संसाधनों और मंच की कमी के कारण वे आगे नहीं बढ़ पाते। ‘माय भारत’ के तहत आयोजित यह प्रतियोगिता ऐसे ही युवाओं के लिए प्रेरणा और संभावना का द्वार बनकर सामने आई।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित अतिथियों ने भी इस आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि खेल केवल प्रतिस्पर्धा का माध्यम नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण, अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और स्वस्थ जीवनशैली का आधार भी है। ग्रामीण क्षेत्रों में इस तरह की प्रतियोगिताएं युवाओं को सकारात्मक दिशा देने का काम करती हैं और उन्हें समाज तथा राष्ट्र निर्माण की मुख्यधारा से जोड़ती हैं।
समापन अवसर पर प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया, जिसने पूरे आयोजन को और अधिक प्रेरणादायक बना दिया। विजेता और उपविजेता खिलाड़ियों को फूलमाला, मोमेंटो, मेडल और कप देकर सम्मानित किया गया। यह सम्मान केवल पुरस्कार भर नहीं था, बल्कि प्रतिभागियों के परिश्रम, लगन और खेल भावना की सार्वजनिक सराहना भी थी। खिलाड़ियों के चेहरे पर झलकती खुशी और गर्व इस बात का प्रमाण थी कि ऐसे आयोजन उनके लिए कितने महत्वपूर्ण हैं।
इस अवसर पर उपस्थित मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथियों और आयोजकों ने ग्रामीण क्षेत्र में खेल गतिविधियों को और व्यापक स्तर पर बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यदि गांवों में लगातार इस तरह के आयोजन होते रहें, तो आने वाले समय में यहीं से जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी तैयार हो सकते हैं।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में स्कूल प्रबंधन, स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं, शिक्षकों और स्वयंसेवकों की भूमिका भी अत्यंत महत्वपूर्ण रही। आयोजन को सुव्यवस्थित और सफल बनाने में जिन लोगों ने पर्दे के पीछे मेहनत की, उनकी सक्रियता और समर्पण ने इस कार्यक्रम को प्रभावशाली बनाया।
कुल मिलाकर, रोसड़ा के मिर्जापुर में आयोजित यह दो दिवसीय खेल प्रतियोगिता ग्रामीण प्रतिभाओं के लिए एक प्रेरक मंच बनकर सामने आई। ‘माय भारत’ की यह पहल न केवल खेल के प्रति जागरूकता बढ़ाने में सफल रही, बल्कि इसने यह भी साबित किया कि ग्रामीण भारत की मिट्टी में आज भी अनगिनत प्रतिभाएं छिपी हुई हैं। जरूरत केवल उन्हें पहचानने, तराशने और आगे बढ़ाने की है। समस्तीपुर में आयोजित यह खेल महोत्सव निश्चित रूप से आने वाले समय में और बड़े स्तर के आयोजनों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा।

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