:
Breaking News

मुजफ्फरपुर में पुलिस कार्रवाई, एसएचओ समेत 7 निलंबित

top-news
https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

मुजफ्फरपुर में हिंसक झड़प के बाद पुलिस की सख्त कार्रवाई
मुजफ्फरपुर: बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में गायघाट थाना क्षेत्र में 17 मार्च 2026 की रात हुई फायरिंग मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तत्कालीन एसएचओ राजा सिंह और उनकी टीम को निलंबित कर दिया है।
एसएसपी कांतेश मिश्रा ने बताया कि घटना की जांच में पुलिस टीम की लापरवाही और अनुचित निर्णय सामने आए हैं। इस कार्रवाई में सब-इंस्पेक्टर मनीष कुमार, पीटीसी रंजन कुमार, महिला कांस्टेबल चांदनी कुमारी, ड्राइवर कांस्टेबल ओम प्रकाश और चौकीदार प्रहलाद कुमार भी शामिल हैं।
17 मार्च की रात क्या हुआ था?
बीती 17 मार्च की रात, गायघाट थाना क्षेत्र के चोरनिया गांव में पुलिस और ग्रामीणों के बीच हिंसक झड़प हुई। इस दौरान जगवीर राय (55 वर्ष) नामक बुजुर्ग की गोली लगने से मौत हो गई।
घटना के अनुसार, पुलिस टीम छापेमारी करने गई थी, लेकिन इस दौरान ग्रामीणों का विरोध और हिंसक प्रतिरोध सामने आया। पुलिस टीम ने इस स्थिति में हवा में गोली चलाने का प्रयास किया, लेकिन दुर्भाग्य से इसके चलते जगवीर राय की मौत हो गई।
घटना के बाद मृतक के बेटे अविनाश कुमार ने आरोप लगाया कि तत्कालीन एसएचओ राजा सिंह ने उनके पिता को गोली मारी। इस आरोप के बाद एसएसपी ने मामले की तत्काल जांच और कार्रवाई सुनिश्चित की।
जांच में सामने आई गंभीर कमियां
एसएसपी कांतेश मिश्रा ने बताया कि जांच रिपोर्ट में कई गंभीर कमियां उजागर हुई हैं:
छापेमारी बिना पर्याप्त बल और खुफिया जानकारी के की गई।
टीम ने संयम बरतने में विफलता दिखाई, जिससे स्थिति और बिगड़ गई।
चौकीदार प्रहलाद कुमार ने संभावित खतरों या आरोपियों के बारे में टीम को सतर्क नहीं किया।
जांच टीम के मुताबिक, मृतक के खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं था, इसलिए इसे पुलिस मुठभेड़ नहीं माना जा सकता।
एसएसपी कांतेश मिश्रा का बयान
एसएसपी कांतेश मिश्रा ने कहा:
"पीड़ित पक्ष की ओर से दिए गए आवेदन में पुलिस पर मारपीट और फायरिंग का आरोप लगाया गया है, जिसमें एक व्यक्ति की गोली लगने से मौत हो गई। इस आधार पर थानाध्यक्ष के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है और उन्हें उनके पद से हटा दिया गया है।"
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि 17 मार्च की रात की छापेमारी 2023 के एक पॉक्सो मामले के वारंट के निष्पादन के लिए की गई थी, लेकिन योजना और निष्पादन में गंभीर कमियां हुईं।
निलंबित अधिकारियों और पुलिस टीम
जांच रिपोर्ट और ग्रामीण एसपी राजेश कुमार की सिफारिश के आधार पर मुजफ्फरपुर एसएसपी ने निम्न अधिकारियों को निलंबित किया:
तत्कालीन एसएचओ राजा सिंह
सब-इंस्पेक्टर मनीष कुमार
पीटीसी रंजन कुमार
महिला कांस्टेबल चांदनी कुमारी
ड्राइवर कांस्टेबल ओम प्रकाश
चौकीदार प्रहलाद कुमार
साथ ही, इस ऑपरेशन में शामिल होम गार्ड कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश जिला मजिस्ट्रेट को भेजी गई है।
विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव की प्रतिक्रिया
बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने घटना के अगले दिन प्रभावित गांव जाकर मृतक परिवार को सांत्वना दी। उन्होंने आरोप लगाया कि एसएचओ ने किसान जगवीर राय के घर में घुसकर उन्हें गोली मार दी।
तेजस्वी यादव ने कहा कि मृतक परिवार के खिलाफ कोई आपराधिक मामला नहीं था और गिरफ्तारी में देरी कुछ प्रभावशाली लोगों के संरक्षण के कारण हो रही है। उन्होंने यह भी बताया कि मामले को मानवाधिकार आयोग में उठाया जाएगा ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके।
घटनास्थल और इलाके की प्रतिक्रिया
चोरनिया गांव और आसपास के क्षेत्र में घटना के बाद भय और असुरक्षा का माहौल फैल गया। स्थानीय लोग पुलिस की कार्रवाई और दोषियों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं।
ग्रामीणों ने कहा कि घटना ने उन्हें रात में घर से बाहर निकलने में डर दिया। कई लोगों ने पुलिस से तत्काल जांच और जवाबदेही की अपील की।
पुलिस की भविष्य की रणनीति
पुलिस ने इलाके में गश्ती और निगरानी बढ़ा दी है। थाना क्षेत्रों में चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है और संदिग्धों की पहचान के लिए सीसीटीवी और मोबाइल ट्रैकिंग का उपयोग किया जा रहा है।
एसएसपी कांतेश मिश्रा ने भरोसा दिलाया कि सभी दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। पुलिस का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कोई भी अपराध बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
कानून-व्यवस्था और जवाबदेही का संदेश
मुजफ्फरपुर एसएसपी की यह कार्रवाई बिहार में पुलिसिंग के तरीकों और जवाबदेही के प्रयास के रूप में देखी जा रही है। विभाग में इस निर्णय के बाद हलचल मची हुई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की कार्रवाई पुलिस अधिकारियों में जिम्मेदारी और सतर्कता बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण है। इस घटना ने स्पष्ट कर दिया कि लापरवाही और अनुचित निर्णय के परिणाम गंभीर हो सकते हैं।
समापन
मुजफ्फरपुर में 17 मार्च की रात हुई हिंसक झड़प ने जिले में सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को चुनौती दी। इस झड़प में एक बुजुर्ग की मौत हुई, और पुलिस टीम की लापरवाही सामने आई।
एसएसपी कांतेश मिश्रा ने तत्कालीन एसएचओ राजा सिंह समेत पूरी टीम को निलंबित कर दिया। पुलिस ने कहा कि दोषियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाएगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा और निगरानी बढ़ाई जाएगी।
ग्रामीण और मृतक परिवार न्याय की उम्मीद कर रहे हैं, और यह मामला बिहार में पुलिसिंग और जवाबदेही के महत्व को उजागर करता है।

https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *