:
Breaking News

“पटना: इंडक्शन चूल्हों से बिजली लोड बढ़ा, PESU तैयार”

top-news
https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

पटना: एलपीजी क्राइसिस के बीच शहर में इंडक्शन चूल्हों का इस्तेमाल तेजी से बढ़ गया है, जिससे बिजली का लोड लगभग 100 मेगावाट तक बढ़ गया। हालांकि, PESU (पटना विद्युत आपूर्ति उद्यम) की ओर से पहले ही इस बढ़ते लोड को संभालने की तैयारी की गई थी।
इंडक्शन चूल्हों का बढ़ता इस्तेमाल
मार्च महीने में सामान्यत: अधिकतम लोड 350 मेगावाट के आसपास रहता था, लेकिन पिछले दो सप्ताह में यह बढ़कर लगभग 450 मेगावाट तक पहुंच गया। बुधवार को यह लोड 456 मेगावाट दर्ज किया गया। विशेषज्ञों के अनुसार, इंडक्शन चूल्हों के इस्तेमाल का बढ़ना लोड के समय को बदल रहा है। पहले अधिकतम लोड रात 10 से 12 बजे के बीच होता था, जबकि अब यह रात 7 से 9 बजे के बीच आ रहा है, जो खाना बनाने का समय है।
PESU के आंकड़ों के अनुसार, बुधवार को शाम 7 बजे चार ग्रिड, रात 8 बजे छह ग्रिड और रात 9 बजे एक ग्रिड का लोड अधिकतम दर्ज किया गया।
PESU की तैयारी और जीएम का बयान
PESU के जीएम दिलीप कुमार सिंह ने बताया कि इंडक्शन चूल्हों के इस्तेमाल से लोड बढ़ा है, लेकिन यह उनके लिए कोई समस्या नहीं है। उन्होंने कहा कि पिछले गर्मियों में अधिकतम लोड 883 मेगावाट था और इस वर्ष PESU ने एक हजार मेगावाट तक लोड सहने की तैयारी कर रखी है। फिलहाल, लोड 500 मेगावाट से भी कम है, जिससे बिजली आपूर्ति पर कोई असर नहीं पड़ा।
एलपीजी संकट और इंडक्शन का विकल्प
देश में ईरान-अमेरिका युद्ध और खाड़ी संकट के चलते एलपीजी की कमी बनी हुई है। इससे लोग गैस सिलेंडरों के बजाय इंडक्शन चूल्हे का इस्तेमाल कर रहे हैं। पटना शहर में भी इंडक्शन चूल्हों की संख्या लगातार बढ़ रही है। प्रशासन ने एलपीजी की कमी की खबरों को खारिज किया है और कहा है कि एलपीजी की आपूर्ति पूरी है।
लोगों की प्रतिक्रिया
ग्रामीण और शहरी क्षेत्र के लोग इंडक्शन चूल्हों की ओर बढ़ रहे हैं, क्योंकि यह सुरक्षित और सुविधा संपन्न विकल्प है। लोग इसे कम लागत वाला और साफ-सुथरा तरीका मानते हैं। कई परिवारों ने कहा कि इंडक्शन चूल्हों के इस्तेमाल से खाना बनाने में समय की बचत होती है और ऊर्जा की खपत नियंत्रित रहती है।
बिजली विभाग की सतर्कता
PESU ने इंडक्शन चूल्हों के बढ़ते इस्तेमाल को देखते हुए ग्रिड मॉनिटरिंग और नियंत्रण कक्ष को सक्रिय किया है। शहर में सभी प्रमुख ग्रिड की निगरानी की जा रही है। PESU ने लोगों से अपील की है कि लोड शेड्यूलिंग का पालन करें और बिजली का अनावश्यक इस्तेमाल न करें।
भविष्य की योजना
PESU ने यह भी कहा है कि गर्मियों के मौसम को देखते हुए अतिरिक्त ग्रिड और रेमोट मॉनिटरिंग सिस्टम की व्यवस्था की गई है। इसके तहत शहर में किसी भी तरह के ब्लैकआउट या लोड शेडिंग की संभावना न्यूनतम रहेगी।
निष्कर्ष
पटना में इंडक्शन चूल्हों के बढ़ते इस्तेमाल से बिजली लोड में बदलाव हुआ है, लेकिन प्रशासन की सतर्कता और पूर्व तैयारी के कारण किसी तरह की आपातस्थिति नहीं आई। यह कदम स्थानीय बिजली आपूर्ति को सुरक्षित रखने और एलपीजी संकट के बीच लोगों की सुविधा सुनिश्चित करने में मददगार साबित हुआ है।
यह भी पढ़ें: पटना में गर्मी के मौसम में बिजली आपूर्ति के उपाय⁠�

https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *