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बिहार में PMAY-G योजना से गरीबों का घर का सपना होगा साकार

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बिहार में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) के तहत नए लाभार्थियों का वेरिफिकेशन पूरा, प्राथमिक सूची जल्द जारी होगी। राज्य सरकार ने करोड़ों गरीब परिवारों को पक्का घर देने की प्रक्रिया शुरू की।

बिहार: राज्य में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) के तहत गरीब परिवारों को जल्द पक्का मकान मिलने वाला है। ग्रामीण विकास विभाग ने नए लाभार्थियों का सर्वे और वेरिफिकेशन पूरी तरह से पूरा कर लिया है। इसके बाद अब प्राथमिक सूची तैयार कर, लोगों को घर देने की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी।
ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने बताया कि इस बार लगभग 1 करोड़ 4 लाख परिवारों को वेटिंग लिस्ट में शामिल किया गया है। सभी का वेरिफिकेशन पूरा हो चुका है और अब उन्हें प्राथमिकता के आधार पर घर दिए जाएंगे। जैसे ही केंद्र सरकार से वित्तीय सहयोग आएगा, लाभार्थियों को इसके लाभ मिलने शुरू हो जाएंगे।
PMAY-G योजना का प्रभाव
प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) का उद्देश्य है गरीब और वंचित परिवारों को पक्का, सुरक्षित और सस्ता आवास प्रदान करना। बिहार इस योजना में पिछले वर्षों से लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहा है। 2016-17 से 2021-22 तक राज्य ने 36 लाख 61 हजार गरीब परिवारों को पक्का घर देकर देश में शीर्ष स्थान हासिल किया।
इसके बाद 2021-22 से 2025-26 के बीच करीब 2 लाख 88 हजार 743 परिवारों को पक्का मकान दिया गया। इस तरह अब तक कुल मिलाकर लगभग 39 लाख 49 हजार 743 परिवारों को इस योजना के तहत घर मिल चुका है। राज्य सरकार ने इस योजना पर अब तक 53,952 करोड़ रुपये खर्च किए हैं।
सरकार का कहना है कि यह योजना गरीबों की जिंदगी में बड़ा बदलाव लेकर आई है। न केवल परिवारों को सुरक्षित आश्रय मिला है, बल्कि इससे उनके जीवन स्तर में भी सुधार हुआ है।
PMAY-G के तहत लाभ
इस योजना में लाभार्थियों को तीन किस्तों में कुल 1,54,950 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। इसमें शामिल हैं:
घर निर्माण के लिए 1,20,000 रुपये,
मजदूरी के रूप में मनरेगा के तहत 22,950 रुपये,
शौचालय निर्माण के लिए 12,000 रुपये।
इस आर्थिक सहायता से गरीब परिवारों को अपने घर का निर्माण करने में मदद मिलती है। साथ ही यह योजना ग्रामीण इलाकों में स्वच्छता, सुरक्षा और जीवन स्तर सुधारने का भी माध्यम है।
सूची और प्रक्रिया
ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने बताया कि नए लाभार्थियों की सूची केंद्र को भेज दी गई है। जैसे ही केंद्र से अनुमोदन प्राप्त होगा, प्राथमिक सूची जारी कर दी जाएगी और घर बनाने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि सूची में शामिल लाभार्थियों को उनके गांव के अनुसार प्राथमिकता दी जाएगी। इसके तहत सभी परिवारों को उनके गांव, पंचायत और जिला स्तर पर सही तरीके से घर निर्माण के लिए समर्थन मिलेगा।
योजना का सामाजिक और आर्थिक महत्व
PMAY-G योजना न केवल गरीब परिवारों के लिए आश्रय का साधन है, बल्कि यह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान करती है। घर निर्माण के लिए मजदूरी, निर्माण सामग्री और स्थानीय श्रमिकों को रोजगार देने से स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन और आर्थिक गतिविधि बढ़ती है।
योजना के माध्यम से गरीब परिवारों की सुरक्षा, गरिमा और जीवन स्तर में सुधार हुआ है। यह पहल ग्रामीण समाज में स्थायित्व और आत्मनिर्भरता की भावना को भी मजबूत करती है।
पहले किए गए प्रयास और उपलब्धियाँ
बिहार सरकार ने PMAY-G योजना के तहत लगातार प्रयास किए हैं कि हर योग्य और वंचित परिवार को घर मिल सके। इस दिशा में 2016-17 से लेकर अब तक बड़ी संख्या में घर निर्माण कराए गए हैं।
इस प्रक्रिया में स्थानीय प्रशासन, पंचायत स्तर के अधिकारी और सरकारी विभागों ने सक्रिय भूमिका निभाई है। लाभार्थियों का सर्वे, वेरिफिकेशन और निर्माण कार्य पारदर्शी ढंग से किया गया है, ताकि कोई पात्र परिवार वंचित न रह जाए।
आने वाले दिनों में प्रक्रिया
जैसे ही केंद्र से धनराशि आएगी, ग्रामीण विकास विभाग निर्माण कार्य शुरू कर देगा। हर लाभार्थी को तीन किस्तों में राशि का भुगतान किया जाएगा। इससे न केवल घर निर्माण का कार्य शीघ्र पूरा होगा, बल्कि परिवारों को सुरक्षित और स्वच्छ आवास का लाभ भी मिलेगा।
सरकार की योजना है कि वित्तीय मदद के साथ-साथ तकनीकी और निर्माण सामग्री का समर्थन भी लाभार्थियों को उपलब्ध कराया जाएगा। यह सुनिश्चित करेगा कि घर मजबूत, टिकाऊ और मानक अनुरूप बनें।
निष्कर्ष
PMAY-G योजना ने बिहार में गरीबों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है। नए लाभार्थियों का वेरिफिकेशन पूरा होने के साथ ही यह सुनिश्चित होगा कि कई लाख परिवारों का घर का सपना जल्द साकार हो।
इस योजना के माध्यम से सरकार ने यह संदेश भी दिया है कि गरीबों के लिए सरकारी पहल और पारदर्शी प्रक्रिया से वास्तविक बदलाव संभव है। बिहार में पीएमएवाई-जी योजना न केवल घर देती है, बल्कि गरीब परिवारों के आत्मसम्मान, सुरक्षा और जीवन स्तर को भी सुधारती है।

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