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मोतिहारी में जहरीली शराब से 4 मौतें, कई की आंखों की रोशनी गई

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बिहार के मोतिहारी में जहरीली शराब पीने से 4 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई लोग बीमार हैं। कई की आंखों की रोशनी भी प्रभावित हुई है। पुलिस ने हत्या का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

मोतिहारी आलम की खबर।मोतिहारी: बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के रघुनाथपुर थाना क्षेत्र में जहरीली शराब ने एक बार फिर कई परिवारों की खुशियां छीन ली हैं। कथित तौर पर जहरीली शराब पीने से अब तक 4 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई लोग गंभीर हालत में अस्पतालों में भर्ती हैं। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत और मातम का माहौल है। बताया जा रहा है कि बालगंगा गांव और आसपास के इलाकों में शराब पीने के बाद लोगों की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी और कुछ ही घंटों में मामला बेहद गंभीर हो गया।

शराब पीने वाले कई लोगों में उल्टी, बेचैनी, चक्कर और आंखों के सामने अंधेरा छाने जैसी शिकायतें सामने आईं। स्थानीय लोगों के अनुसार, इस जहरीली शराब का सेवन 30 से 40 लोगों ने किया हो सकता है। फिलहाल करीब 15 लोग बीमार बताए जा रहे हैं, जिनमें कुछ की हालत नाजुक बनी हुई है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि 6 से 7 लोगों की आंखों की रोशनी प्रभावित होने की बात सामने आ रही है। पीड़ितों का कहना है कि शराब पीने के कुछ ही देर बाद उन्हें धुंधला दिखने लगा और फिर अचानक नजर कमजोर पड़ गई।

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घटना के बाद अस्पतालों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कई मरीजों को अलग-अलग अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टरों की टीम लगातार इलाज में जुटी हुई है। चिकित्सकों के अनुसार, कई मरीजों में जहरीले तत्व के गंभीर असर के लक्षण मिले हैं। कुछ मरीजों की हालत चिंताजनक होने के कारण उन्हें बेहतर इलाज के लिए रेफर करने की तैयारी भी की जा रही है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि अगर किसी ने भी इस शराब का सेवन किया है और तबीयत खराब महसूस हो रही है, तो वह तुरंत अस्पताल पहुंचे।

इस मामले में पुलिस ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। मृतकों के परिजनों की शिकायत पर हत्या का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी नागा राय को हिरासत में ले लिया है। इसके अलावा कई अन्य संदिग्धों को भी पकड़ा गया है और उनसे पूछताछ की जा रही है। पुलिस का मानना है कि यह मामला सिर्फ अवैध शराब बिक्री तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे जहरीली शराब की एक बड़ी सप्लाई चेन काम कर रही है।

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मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया है। यह टीम पूरे घटनाक्रम की तह तक जाएगी और यह पता लगाएगी कि जहरीली शराब कहां तैयार हुई, किस रास्ते से गांव तक पहुंची और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका रही। साइबर डीएसपी, DIU और स्थानीय पुलिस टीमों को भी जांच में लगाया गया है। कई संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। प्रशासन की कोशिश है कि इस जहरीले कारोबार के मुख्य सप्लायर और तस्करी चैन का जल्द खुलासा हो।

घटना के बाद प्रशासनिक स्तर पर भी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। संबंधित पंचायत क्षेत्र के चौकीदार को निलंबित कर दिया गया है। गांव के लोगों में इस घटना को लेकर भारी नाराजगी है। लोगों का कहना है कि जब बिहार में शराबबंदी लागू है, तो फिर इस तरह जहरीली शराब गांवों तक कैसे पहुंच रही है। यह घटना एक बार फिर शराबबंदी कानून के क्रियान्वयन और स्थानीय निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।

सूत्रों के मुताबिक, इस शराब को पीने वाले कई लोग अब भी सामने आने से बच रहे हैं। कुछ लोग लोक-लाज और पुलिस कार्रवाई के डर से निजी अस्पतालों या गुप्त रूप से इलाज करा रहे हैं। प्रशासन ने ऐसे लोगों से अपील की है कि वे बिना डर अस्पताल पहुंचें, क्योंकि जहरीली शराब के मामलों में समय पर इलाज ही सबसे बड़ी राहत साबित हो सकता है। मोतिहारी की यह घटना सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि शराबबंदी के बीच सक्रिय अवैध शराब नेटवर्क की एक और खतरनाक तस्वीर बनकर सामने आई है।

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