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कच्ची दरगाह-बिदुपुर छह लेन गंगा पुल मई 2026 तक शुरू, उत्तर-दक्षिण बिहार कनेक्टिविटी को मिलेगा बड़ा लाभ

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पटना में कच्ची दरगाह-बिदुपुर छह लेन गंगा पुल का निर्माण अंतिम चरण में है। मई 2026 तक इसके शुरू होने से उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच सीधा और तेज संपर्क स्थापित होगा।

पटना में कच्ची दरगाह से बिदुपुर को जोड़ने वाला बहुप्रतीक्षित छह लेन गंगा पुल निर्माण के अंतिम चरण में पहुंच चुका है और इसके मई 2026 तक पूरी तरह से यातायात के लिए शुरू होने की संभावना जताई जा रही है। इस पुल के शुरू होने के बाद उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच सीधा और तेज सड़क संपर्क स्थापित हो जाएगा, जिससे राज्य की कनेक्टिविटी व्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। यह पुल राष्ट्रीय उच्च पथ-31 को हाजीपुर-समस्तीपुर मार्ग से जोड़ देगा, जिससे पटना और आसपास के क्षेत्रों का यातायात दबाव भी काफी कम हो जाएगा।

रविवार को इस परियोजना का अंतिम स्पैन यानी सेगमेंट लॉन्चिंग सफलतापूर्वक पूरा किया गया, जिसके साथ ही पुल का निर्माण कार्य लगभग पूर्णता की ओर पहुंच गया है। इस मौके पर बिहार राज्य सड़क विकास निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक शीर्षत कपिल अशोक, मुख्य महाप्रबंधक बबलू कुमार और महाप्रबंधक आशुतोष कुमार सिंह सहित कई वरिष्ठ अभियंता मौजूद रहे, जिन्होंने निर्माण कार्य की प्रगति का निरीक्षण किया और इसे एक बड़ी उपलब्धि बताया।

अधिकारियों के अनुसार यह पुल आधुनिक एक्स्ट्रा डॉज़्ड केबल स्टे ब्रिज तकनीक पर आधारित है, जिसे अत्याधुनिक इंजीनियरिंग का एक बेहतरीन उदाहरण माना जा रहा है। इस पुल की कुल लंबाई 9.75 किलोमीटर है, जबकि संपर्क पथ को मिलाकर इसकी कुल लंबाई 19.5 किलोमीटर तक पहुंचती है। इसकी चौड़ाई 32 मीटर रखी गई है और इस पर वाहनों की गति सीमा 100 किलोमीटर प्रति घंटा तय की गई है, जिससे यात्रा समय में भारी कमी आने की उम्मीद है।

इस महत्वाकांक्षी परियोजना को बिहार सरकार ने एशियाई विकास बैंक के सहयोग से तैयार किया है, जिसमें लगभग 3000 करोड़ रुपये का ऋण लिया गया है, जबकि करीब 2000 करोड़ रुपये राज्य सरकार ने अपने संसाधनों से खर्च किए हैं। यह परियोजना बिहार के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर मानी जा रही है और इसके शुरू होने के बाद क्षेत्रीय विकास को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।

उत्तर-दक्षिण बिहार को मिलेगा बड़ा फायदा

इस पुल के चालू होने के बाद उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच सीधा और तेज संपर्क स्थापित हो जाएगा, जिससे न केवल यातायात आसान होगा बल्कि व्यापार, उद्योग और रोजमर्रा की आवाजाही में भी बड़ा बदलाव आएगा। हाजीपुर, पटना और आसपास के क्षेत्रों में वाहनों का दबाव कम होगा और लोगों को एक नया तेज रूट उपलब्ध होगा।

मई 2026 तक पूरा होने की संभावना

अधिकारियों ने जानकारी दी है कि निर्माण कार्य अंतिम चरण में है और मई 2026 के अंत तक इसे पूरी तरह से आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा। इसके बाद यह पुल बिहार की सबसे महत्वपूर्ण कनेक्टिविटी परियोजनाओं में से एक बन जाएगा और राज्य की सड़क व्यवस्था को नई दिशा देगा।

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