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Bihar Vigilance Raid: समस्तीपुर में बड़ा एक्शन, रोसड़ा अस्पताल का क्लर्क 1 लाख रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार

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समस्तीपुर के रोसड़ा अस्पताल में निगरानी ब्यूरो ने क्लर्क अनिल राम को 1 लाख रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार किया। सेवानिवृत्त कर्मचारी के भुगतान को लेकर मामला सामने आया।

समस्तीपुर/आलम की खबर:बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई सामने आई है। Vigilance Investigation Bureau Bihar की टीम ने समस्तीपुर जिले के रोसड़ा अनुमंडलीय अस्पताल में तैनात एक उच्च वर्गीय लिपिक को एक लाख रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है।

गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान अनिल राम के रूप में हुई है, जो रोसड़ा अनुमंडलीय अस्पताल में लिपिक के पद पर कार्यरत था। निगरानी टीम ने गुरुवार को पूरी योजना बनाकर कार्रवाई को अंजाम दिया और उसे रिश्वत की रकम लेते हुए मौके पर ही दबोच लिया। गिरफ्तारी के बाद टीम आरोपी को पूछताछ के लिए पटना ले गई।

सेवानिवृत्त कर्मचारी के भुगतान से जुड़ा मामला

यह पूरा मामला एक सेवानिवृत्त कर्मचारी के बकाया भुगतान से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है। अस्पताल में कार्यरत एक्स-रे टेक्नीशियन देवेन्द्र मंडर नवंबर 2025 में सेवानिवृत्त हुए थे। उनका करीब एक करोड़ रुपये का एरियर, सात साल का बकाया वेतन और अन्य सेवांत लाभ लंबित था।

आरोप है कि इस भुगतान को जारी करने के बदले क्लर्क अनिल राम द्वारा रिश्वत की मांग की जा रही थी। लगातार दबाव और पैसे की मांग से परेशान होकर सेवानिवृत्त कर्मचारी ने इसकी शिकायत Vigilance Investigation Bureau Bihar में दर्ज कराई।

पहले से बिछाया गया था जाल

शिकायत मिलने के बाद निगरानी विभाग ने मामले की जांच की, जिसमें आरोपों को सही पाया गया। इसके बाद टीम ने पूरी रणनीति बनाकर जाल बिछाया और तय योजना के तहत आरोपी को ट्रैप किया। जैसे ही क्लर्क ने एक लाख रुपये की रिश्वत ली, टीम ने उसे मौके पर ही पकड़ लिया।

इस कार्रवाई में निगरानी टीम की तेजी और सटीक योजना ने भ्रष्टाचार पर एक बार फिर सख्त संदेश दिया है।

अस्पताल में मचा हड़कंप

इस घटना के बाद रोसड़ा अनुमंडलीय अस्पताल और पूरे स्वास्थ्य विभाग में अफरा-तफरी का माहौल है। कर्मचारियों के बीच यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। कई लोगों ने इसे विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार पर बड़ी कार्रवाई बताया है।

निगरानी विभाग का सख्त संदेश

निगरानी विभाग की इस कार्रवाई को राज्य में भ्रष्टाचार के खिलाफ जारी सख्त अभियान का हिस्सा माना जा रहा है। लगातार हो रही ऐसी गिरफ्तारियों से सरकारी कार्यालयों में पारदर्शिता लाने का प्रयास किया जा रहा है।

अधिकारियों का कहना है कि किसी भी सरकारी काम के बदले रिश्वत लेने या देने पर कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी और ऐसे मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी।

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