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BPSC AEDO Exam Scam: बिहार में एआई और सॉल्वर गैंग से पेपर लीक का खुलासा, परीक्षा से पहले तैयार हुई आंसर-की

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बिहार में BPSC AEDO परीक्षा में बड़े पैमाने पर पेपर लीक का खुलासा हुआ है। AI और सॉल्वर गैंग के जरिए परीक्षा से 3-4 घंटे पहले ही आंसर-की तैयार कर ली गई थी।

पटना/आलम की खबर:बिहार लोक सेवा आयोग की एईडीओ परीक्षा को लेकर बड़ा खुलासा सामने आया है, जिसने राज्य की प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जांच में यह बात सामने आई है कि परीक्षा शुरू होने से कई घंटे पहले ही प्रश्नपत्र से जुड़े उत्तर तैयार कर लिए गए थे और इसके लिए आधुनिक तकनीक के साथ संगठित सॉल्वर नेटवर्क का इस्तेमाल किया गया, इस पूरे मामले की जांच आर्थिक अपराध इकाई कर रही है, जिसने अब तक कई आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की है और पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुटी हुई है।

जांच एजेंसियों के अनुसार, इस पूरे खेल में तकनीक का इस्तेमाल बेहद सुनियोजित तरीके से किया गया, जहां परीक्षा केंद्रों के भीतर से ही प्रश्नपत्र की तस्वीरें निकालकर बाहर बैठे सॉल्वर गैंग तक पहुंचाई जाती थीं और फिर बेहद कम समय में उनके उत्तर तैयार कर लिए जाते थे, बताया जा रहा है कि इसके लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित टूल्स की भी मदद ली गई, जिससे सवालों का विश्लेषण कर तुरंत जवाब तैयार करना संभव हो पाया, यही वजह रही कि परीक्षा शुरू होने के कुछ ही घंटों के भीतर पूरी आंसर-की तैयार कर ली गई थी।

आर्थिक अपराध इकाई की जांच में यह भी सामने आया है कि इस नेटवर्क में कई स्तरों पर लोग शामिल थे, जिनमें परीक्षा से जुड़े कुछ कर्मी, तकनीकी सहयोग देने वाले लोग, सॉल्वर और कुछ अभ्यर्थी भी शामिल बताए जा रहे हैं, गिरफ्तार किए गए आरोपियों से लंबी पूछताछ के दौरान कई अहम जानकारियां मिली हैं, जिससे यह स्पष्ट हो रहा है कि यह कोई छोटा-मोटा मामला नहीं बल्कि सुनियोजित तरीके से चलाया जा रहा संगठित गिरोह था, जो परीक्षा प्रक्रिया की कमजोरियों का फायदा उठाकर धांधली को अंजाम दे रहा था।

सूत्रों के अनुसार, परीक्षा के दौरान कुछ ऐसे लोग भी तैनात किए गए थे, जो बायोमेट्रिक सत्यापन के नाम पर अंदर मौजूद रहते थे और वही लोग प्रश्नपत्र की तस्वीरें खींचकर बाहर भेजते थे, इसके बाद एक तय व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए सॉल्वर टीम तक सवाल पहुंचते थे और वहां से तैयार उत्तर तुरंत वापस भेज दिए जाते थे, जिन अभ्यर्थियों ने इस नेटवर्क से जुड़ाव किया था, उन्हें परीक्षा के दौरान या उससे पहले ही यह सामग्री उपलब्ध करा दी जाती थी, जिससे उन्हें अनुचित लाभ मिलता था।

जांच के दौरान कई मोबाइल फोन, ब्लूटूथ डिवाइस और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी बरामद किए गए हैं, जिनका इस्तेमाल इस पूरे फर्जीवाड़े में किया जा रहा था, इन उपकरणों में मौजूद डेटा को खंगाला जा रहा है ताकि यह पता लगाया जा सके कि नेटवर्क कितना बड़ा है और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका रही है, अधिकारियों का मानना है कि डिजिटल साक्ष्य इस केस में सबसे अहम भूमिका निभाएंगे और इन्हीं के आधार पर पूरे गिरोह का पर्दाफाश किया जाएगा।

इस मामले के सामने आने के बाद परीक्षा प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर भी सवाल उठने लगे हैं, क्योंकि यदि परीक्षा शुरू होने से पहले ही उत्तर तैयार हो जाते हैं तो यह साफ संकेत है कि कहीं न कहीं सुरक्षा व्यवस्था में बड़ी चूक हुई है, अब जांच एजेंसियां प्रश्नपत्र की छपाई से लेकर उसके वितरण और परीक्षा केंद्र तक पहुंचने की पूरी प्रक्रिया की जांच कर रही हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि लीक किस स्तर पर हुआ और इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे।

विशेषज्ञों का मानना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में इस तरह की धांधली न केवल मेहनती छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है, बल्कि पूरी प्रणाली की साख पर भी असर डालती है, ऐसे में जरूरी है कि जांच पूरी पारदर्शिता के साथ की जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके और अभ्यर्थियों का भरोसा बहाल हो सके।

इस मामले ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या परीक्षा प्रणाली को और अधिक तकनीकी रूप से मजबूत बनाने की जरूरत है, ताकि इस तरह के हाईटेक फर्जीवाड़े को रोका जा सके, विशेषज्ञों का सुझाव है कि परीक्षा केंद्रों पर निगरानी के आधुनिक साधनों का उपयोग बढ़ाया जाए और डेटा सुरक्षा के स्तर को और मजबूत किया जाए, ताकि किसी भी प्रकार की जानकारी बाहर लीक न हो सके।

कुल मिलाकर BPSC AEDO परीक्षा में सामने आया यह घोटाला राज्य की परीक्षा प्रणाली के लिए एक गंभीर चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है, जहां एक ओर तकनीक का दुरुपयोग कर संगठित गिरोह ने परीक्षा की निष्पक्षता को प्रभावित किया, वहीं दूसरी ओर अब जांच एजेंसियों के सामने इस पूरे नेटवर्क को उजागर कर दोषियों को सजा दिलाने की बड़ी चुनौती है, आने वाले दिनों में इस मामले में और भी बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।


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