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विक्रमशिला सेतु मरम्मत को लेकर बड़ा एक्शन प्लान, 2 महीने में ट्रस ब्रिज निर्माण का लक्ष्य, बेली ब्रिज से आंशिक यातायात शुरू करने की तैयारी

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भागलपुर में विक्रमशिला सेतु की मरम्मत और यातायात बहाली को लेकर उच्चस्तरीय बैठक में बड़ा फैसला लिया गया है। दो महीने में ट्रस ब्रिज निर्माण और बेली ब्रिज से आंशिक यातायात शुरू करने की योजना तैयार की गई है।

भागलपुर/आलम की खबर:बिहार के भागलपुर और आसपास के जिलों के लिए जीवनरेखा माने जाने वाले विक्रमशिला सेतु को लेकर बड़ी प्रशासनिक और तकनीकी पहल शुरू हो गई है। सेतु के क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत और यातायात व्यवस्था को जल्द सामान्य बनाने के उद्देश्य से पथ निर्माण विभाग में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें कई अहम निर्णय लिए गए।

इस बैठक की अध्यक्षता पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल ने की। बैठक में सेतु की मौजूदा स्थिति, क्षतिग्रस्त संरचना, यातायात पर पड़े प्रभाव और उसके त्वरित समाधान को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। अधिकारियों और तकनीकी विशेषज्ञों ने मिलकर एक व्यापक एक्शन प्लान तैयार किया है, जिसका मुख्य उद्देश्य जल्द से जल्द यातायात को आंशिक रूप से बहाल करना है।

बैठक में सबसे बड़ा निर्णय यह लिया गया कि विक्रमशिला सेतु पर अस्थायी समाधान के रूप में बेली ब्रिज का निर्माण किया जाएगा। इसके लिए बॉर्डर रोड ऑर्गनाइजेशन (बीआरओ) की मदद ली जाएगी। अधिकारियों के अनुसार बेली ब्रिज का निर्माण युद्धस्तर पर किया जाएगा ताकि आम जनता को राहत मिल सके और यातायात जल्द से जल्द शुरू हो सके।

इसके साथ ही स्थायी समाधान के रूप में ट्रस ब्रिज निर्माण की प्रक्रिया भी तेज कर दी गई है। विभागीय अधिकारियों ने जानकारी दी कि ट्रस ब्रिज का निर्माण कार्य अगले दो महीनों के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। यह नया ब्रिज दो लेन का होगा और इसमें पैदल यात्रियों के लिए अलग से सुरक्षित व्यवस्था भी की जाएगी।

सचिव पंकज कुमार पाल ने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी स्थिति में कार्य में देरी स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि विक्रमशिला सेतु केवल एक पुल नहीं बल्कि पूरे क्षेत्र की आर्थिक और सामाजिक गतिविधियों की धुरी है, इसलिए इसकी बहाली सर्वोच्च प्राथमिकता पर रखी गई है।

बैठक में यह भी बताया गया कि आईआईटी पटना की तकनीकी टीम पूरे सेतु का सेफ्टी ऑडिट कर रही है। यह ऑडिट रिपोर्ट अगले तीन सप्ताह में आने की संभावना है। रिपोर्ट के आधार पर भविष्य में सेतु की मजबूती, मरम्मत और संरचनात्मक सुधार से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाएंगे।

तकनीकी विशेषज्ञों ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से बताया कि सेतु के एक स्पैन में आई समस्या के कारण यातायात प्रभावित हुआ है। इसके समाधान के लिए अस्थायी और स्थायी दोनों तरह की योजनाओं पर तेजी से काम चल रहा है।

अधिकारियों ने यह भी बताया कि यातायात बहाली के लिए वैकल्पिक रूट्स की व्यवस्था की जा रही है ताकि आम लोगों को अधिक परेशानी न हो। इसके लिए स्थानीय प्रशासन और इंजीनियरिंग टीम लगातार क्षेत्र में निगरानी कर रही है।

बैठक में यह बात भी सामने आई कि क्षेत्र के लोगों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है, खासकर रोजमर्रा के आवागमन, व्यापार और आपात सेवाओं पर इसका असर पड़ा है। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने त्वरित समाधान की रणनीति अपनाई है।

विभागीय अधिकारियों ने भरोसा जताया कि बेली ब्रिज के शुरू होते ही आंशिक यातायात बहाल कर दिया जाएगा, जिससे लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। इसके बाद ट्रस ब्रिज के पूरा होते ही पूरी तरह से सुचारू यातायात व्यवस्था बहाल करने की योजना है।

सचिव ने बैठक के अंत में सभी संबंधित विभागों को स्थल पर लगातार मौजूद रहने और कार्य की निगरानी करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि यह परियोजना समयबद्ध और गुणवत्ता आधारित होनी चाहिए, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की तकनीकी समस्या उत्पन्न न हो।

इस महत्वपूर्ण बैठक में बॉर्डर रोड ऑर्गनाइजेशन के अधिकारी, आईआईटी पटना की टीम, पुल विशेषज्ञ आलोक भौमिक सहित पथ निर्माण विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

विक्रमशिला सेतु की मरम्मत और नए निर्माण को लेकर लिए गए इस निर्णय से स्थानीय लोगों में उम्मीद जगी है कि जल्द ही आवागमन की समस्या खत्म होगी और क्षेत्र में सामान्य जीवन फिर से पटरी पर लौटेगा।

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