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किशनगंज में एसपी संतोष कुमार का बड़ा एक्शन: 12 पुलिसकर्मी सस्पेंड, 194 को मिला सम्मान

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बिहार के किशनगंज में एसपी संतोष कुमार ने पुलिसिंग व्यवस्था को सख्त बनाते हुए 12 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया और 194 कर्मियों को उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया। लापरवाही पर सख्त कार्रवाई से विभाग में हलचल।

किशनगंज/आलम की खबर:बिहार के किशनगंज जिले में पुलिस व्यवस्था को मजबूत और अनुशासित बनाने के लिए एसपी Santosh Kumar ने बड़ा और सख्त कदम उठाया है। जिले में कानून-व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए किए गए इस व्यापक अभियान में जहां एक ओर उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिसकर्मियों को सम्मानित किया गया, वहीं दूसरी ओर लापरवाही और अनुशासनहीनता पर कठोर कार्रवाई भी की गई है।

जानकारी के अनुसार, पिछले 90 दिनों के भीतर जिले में पुलिसिंग व्यवस्था की गहन समीक्षा की गई। इस दौरान 10 जनवरी से 30 अप्रैल तक के रिकॉर्ड का मूल्यांकन किया गया, जिसमें पुलिसकर्मियों की कार्यशैली, कांडों के निष्पादन, सुपर पेट्रोलिंग, छापेमारी और विधि-व्यवस्था ड्यूटी का विस्तार से आकलन किया गया। इस समीक्षा के बाद एसपी ने साफ संकेत दिया कि प्रदर्शन के आधार पर ही पुलिसकर्मियों को पहचान और जिम्मेदारी मिलेगी।

194 पुलिसकर्मियों को मिला सम्मान

समीक्षा के दौरान जिन पुलिसकर्मियों ने बेहतर प्रदर्शन किया, उन्हें प्रोत्साहित करने के लिए सम्मानित किया गया। कुल 194 पुलिस पदाधिकारियों और कर्मियों को उत्कृष्ट कार्य के लिए पुरस्कृत किया गया। इन सभी को कुल 1 लाख 21 हजार 650 रुपये की पुरस्कार राशि भी प्रदान की गई।

इसमें पुलिस अवर निरीक्षक और परिचारी पुलिस अवर निरीक्षक के 42 कर्मियों को सबसे अधिक 65 हजार 500 रुपये दिए गए। वहीं 86 सिपाहियों को 17 हजार 500 रुपये, 18 गृह रक्षकों को 10 हजार 600 रुपये, 7 चौकीदारों को 7 हजार 700 रुपये और 4 डाटा एंट्री ऑपरेटरों को 8 हजार 400 रुपये का पुरस्कार दिया गया।

इसके अलावा प्रशिक्षु सिपाही, चालक हवलदार, सहायक अवर निरीक्षक और पीटीसी कर्मियों को भी उनके बेहतर कार्य के लिए सम्मानित किया गया। इस सम्मान समारोह के बाद पुलिस बल में सकारात्मक माहौल देखने को मिला।

लापरवाही पर सख्त कार्रवाई: 12 पुलिसकर्मी सस्पेंड

जहां एक ओर उत्कृष्ट कार्य करने वालों को सम्मान मिला, वहीं दूसरी ओर लापरवाही और अनुशासनहीनता पर कड़ा रुख अपनाया गया। एसपी संतोष कुमार ने चार थानाध्यक्षों समेत कुल 12 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया है।

सस्पेंड किए गए कर्मियों में एक परिचारी, तीन पुलिस अवर निरीक्षक, दो सिपाही और दो चौकीदार शामिल हैं। इन पर ड्यूटी में लापरवाही और वरीय अधिकारियों के आदेश की अवहेलना जैसे गंभीर आरोप लगे थे। इस कार्रवाई के बाद पूरे पुलिस विभाग में हलचल मच गई है।

38 पुलिसकर्मियों की सैलरी रोकी गई

सिर्फ सस्पेंशन ही नहीं, बल्कि एसपी ने 38 पुलिस पदाधिकारियों और कर्मियों के वेतन पर भी रोक लगा दी है। यह कार्रवाई उनके कार्य प्रदर्शन में गंभीर खामियों को देखते हुए की गई है।

इसके अलावा 9 पुलिसकर्मियों को विभागीय दंड के तहत निंदन और कलंक जैसी सजा भी दी गई है। यह कदम पुलिस विभाग में अनुशासन को और मजबूत करने के उद्देश्य से उठाया गया है।

एसपी का सख्त संदेश: अनुशासन ही प्राथमिकता

एसपी संतोष कुमार ने साफ कहा है कि पुलिस विभाग में अनुशासन सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि आम जनता का भरोसा पुलिस व्यवस्था पर बना रहना चाहिए, इसके लिए हर स्तर पर जवाबदेही जरूरी है।

उन्होंने यह भी कहा कि पुलिसकर्मियों को ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ काम करना चाहिए, ताकि जनता में सुरक्षा की भावना मजबूत हो। साथ ही उन्होंने आम लोगों से अपील की कि यदि कोई पुलिसकर्मी अनुचित व्यवहार करता है, तो उसका ऑडियो या वीडियो सबूत सीधे उन्हें भेजा जा सकता है।

जनता के भरोसे पर फोकस

एसपी के इस सख्त एक्शन का उद्देश्य स्पष्ट है—पुलिसिंग व्यवस्था को पारदर्शी, जवाबदेह और प्रभावी बनाना। इस कार्रवाई से यह संदेश गया है कि कार्य में लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी, जबकि अच्छा काम करने वालों को खुलकर प्रोत्साहन मिलेगा।

निष्कर्ष

किशनगंज में हुई यह कार्रवाई बिहार पुलिसिंग में अनुशासन और प्रदर्शन आधारित व्यवस्था की ओर एक मजबूत कदम मानी जा रही है। एक तरफ सम्मान, दूसरी तरफ सख्त सजा—इस संतुलन ने पुलिस विभाग में नई कार्यसंस्कृति की नींव रख दी है।

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