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छपरा के आकाश कुमार ने BPSC MVI 2025 में 9वीं रैंक हासिल कर रचा इतिहास, सारण में खुशी की लहर

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छपरा के आकाश कुमार ने बीपीएससी एमवीआई परीक्षा 2025 में शानदार प्रदर्शन करते हुए बिहार में 9वीं रैंक हासिल की। सारण जिले से एकमात्र चयनित उम्मीदवार बने आकाश की सफलता से पूरे इलाके में खुशी का माहौल है।

छपरा/आलम की खबर:बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की मोटर वाहन निरीक्षक (MVI) परीक्षा 2025 में छपरा के रहने वाले आकाश कुमार ने शानदार प्रदर्शन कर पूरे सारण जिले का नाम रोशन कर दिया है। उन्होंने राज्य स्तर पर 9वीं रैंक हासिल की है, जिससे न केवल उनके परिवार में बल्कि पूरे इलाके में उत्साह और गर्व का माहौल है। आकाश इस परीक्षा में सारण जिले से चयनित होने वाले एकमात्र अभ्यर्थी बने हैं, जिससे उनकी सफलता और भी खास हो गई है।

छपरा शहर के नारायण नगर, नेवाजी टोला निवासी आकाश कुमार का पैतृक गांव गड़खा प्रखंड का महमदपुर है। जैसे ही उनके चयन की आधिकारिक जानकारी सामने आई, उनके घर पर बधाई देने वालों की भीड़ लग गई। परिवार के सदस्य खुशी से झूम उठे और मोहल्ले में जश्न का माहौल बन गया। लोग एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर इस उपलब्धि की खुशी साझा करते नजर आए।

आकाश का परिवार शुरू से ही शिक्षा और अनुशासन को प्राथमिकता देने वाला रहा है। उनके पिता दिनेश्वर राय झारखंड पुलिस में सब इंस्पेक्टर के पद पर कार्यरत हैं, जबकि उनकी बहन प्रियंका कुमारी बिहार पुलिस में दारोगा के पद पर कार्यरत हैं। बड़े भाई रणधीर कुमार छपरा सिविल कोर्ट में यूडीसी के पद पर सेवा दे रहे हैं। ऐसे मजबूत शैक्षणिक और प्रशासनिक माहौल में पले-बढ़े आकाश के लिए यह सफलता कोई अचानक मिली उपलब्धि नहीं, बल्कि वर्षों की मेहनत और सही मार्गदर्शन का परिणाम है।

आकाश की माता उषा देवी गृहिणी हैं और उन्होंने हमेशा अपने बेटे को पढ़ाई के लिए प्रेरित किया। परिवार के सदस्यों का कहना है कि आकाश बचपन से ही शांत स्वभाव के, मेहनती और लक्ष्य के प्रति समर्पित छात्र रहे हैं। उन्होंने अपनी शुरुआती शिक्षा छपरा के ए.एन.डी पब्लिक स्कूल से पूरी की और बाद में उच्च स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए पटना का रुख किया।

पटना में रहकर आकाश ने कठिन परिस्थितियों में भी अपनी तैयारी जारी रखी। उन्होंने नियमित अध्ययन, समय प्रबंधन और निरंतर अभ्यास को अपनी सफलता का मूल मंत्र बनाया। उनका मानना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता केवल प्रतिभा से नहीं, बल्कि निरंतर अनुशासन और धैर्य से मिलती है।

आकाश बताते हैं कि यह उपलब्धि उनके लिए एक पड़ाव मात्र है, मंजिल नहीं। उनका अगला लक्ष्य बिहार प्रशासनिक सेवा और अन्य उच्च स्तरीय सिविल सेवा परीक्षाओं में सफलता हासिल करना है। उन्होंने हाल ही में 70वीं BPSC सिविल सेवा मुख्य परीक्षा भी दी है और अब परिणाम का इंतजार कर रहे हैं। वे आगे प्रशासनिक सेवा में जाकर समाज के लिए बेहतर कार्य करना चाहते हैं।

उनकी सफलता ने न केवल परिवार बल्कि पूरे सारण जिले के युवाओं में नया उत्साह भर दिया है। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्र उन्हें एक प्रेरणा के रूप में देख रहे हैं। कई युवाओं का कहना है कि आकाश की कहानी यह साबित करती है कि छोटे शहरों से भी बड़े सपने पूरे किए जा सकते हैं, बशर्ते मेहनत सही दिशा में की जाए।

इस उपलब्धि के बाद क्षेत्र के शिक्षकों और स्थानीय लोगों ने भी आकाश की जमकर सराहना की है। उनका कहना है कि आकाश जैसे युवा आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणा स्रोत हैं। यह सफलता इस बात का प्रमाण है कि बिहार के युवा अब प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं।

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